राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा आरईईटी स्व-मूल्यांकन हेतु प्रैक्टिस टेस्ट पेपर्स (लेवल प्रथम कक्षा 1-5 ) - सम्पादक मण्डल - सामान्य ज्ञान दर्पण Practice Set Self Valuation REET Rajasthan Adhyapak Patrata Parikasha Level-I Class I-V - Hindi book by - Editorial Board - Samanya Gyan Darpan

राजस्थान शिक्षक पात्रता >> राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा आरईईटी स्व-मूल्यांकन हेतु प्रैक्टिस टेस्ट पेपर्स (लेवल प्रथम कक्षा 1-5 )

राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा आरईईटी स्व-मूल्यांकन हेतु प्रैक्टिस टेस्ट पेपर्स (लेवल प्रथम कक्षा 1-5 )

सम्पादक मण्डल - सामान्य ज्ञान दर्पण

प्रकाशक : उपकार प्रकाशन प्रकाशित वर्ष : 2019
पृष्ठ :96
मुखपृष्ठ : पेपरबैक
पुस्तक क्रमांक : 135
आईएसबीएन :9789385888007

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राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा आरईईटी स्व-मूल्यांकन हेतु प्रैक्टिस टेस्ट पेपर्स (लेवल प्रथम कक्षा 1-5 )

हमारे समाज और देश का भविष्य आने वाली पीढ़ी है। वर्ष 2011 से प्रारंभ करते हुए देश के इन भावी नागरिकों को सही ज्ञान और दिशा देने के उद्देश्य से सुयोग्य अध्यापकों का चयन करने के लिए विभिन्न राज्यों में परीक्षाएँ आरंभ की गईं।

कुशल और योग्य अध्यापकों का चयन करने के लिए इन सभी परीक्षाओं को कुछ सीमा तक राज्य की आवश्यकताओं के अनुसार परिवर्तित किया जाता है। परंतु मूलतः इन सभी परीक्षाओं की सामग्री लगभग एक जैसी होती है।

शिक्षण राष्ट्र के भविष्य के लिए एक महान कार्य है, परंतु यदि शिक्षक स्वयं अयोग्य अथवा बच्चों को पढ़ाने में रुचि एवं आनन्द न लेता हो तो उन्हें संभवतः इस कार्य में सफलता मिलने कठिन होगी। आज के जीवन में जीविका के बहुत से साधन उपलब्ध हैं जिनसे आप संभवतः अधिक धन का कमा सकते हैं। कई नवयुवा प्राथमिक अथवा माध्यमिक पाठशालाओं में शिक्षण कार्य को अपनी जीविका का साधन बनाना चाहते हैं, परंतु बच्चों को उनकी मानसिक परिपक्वता के अनुसार सिखाना एक शिक्षक के लिए आवश्यक और महत्वपूर्ण गुण है। शिक्षा को अपनी जीविका बनाने वाले हर युवक अथवा युवती में विषय का ज्ञान तो होना ही चाहिए, परंतु उससे अधिक बच्चों को सिखाने की ललक होनी चाहिए।

आर ई टी अथवा राजस्थान शिक्षक पात्रता योग्यता परीक्षा दो भागों में आयोजित की जाती है। अभ्यार्थी किसी एक अथवा दोनों परीक्षाओं में भाग ले सकते हैं। साधारणतः दोनों परीक्षाएं एक ही दिन, परंतु अलग-अलग समय पर आयोजित की जाती हैं।

प्राथमिक स्तर के शिक्षकों के लिए

वेतन 20000/- या अधिक
आयु सीमा21 से 40 वर्ष
परीक्षा की तिथिअक्टूबर या नवंबर
परीक्षा की अवधि2 घंटे 30 मिनट
कुल प्रश्न150
कुल प्राप्तांक150
विषयप्रश्नअंक
बाल विकास और अध्यापन कला3030
प्राथमिक भाषा3030
द्वितीय भाषा3030
गणित3030
पर्यावरण अध्ययन3030


माध्यमिक स्तर (कक्षा 6 से 8) के शिक्षकों के लिए

वेतन 20000/- या अधिक
आयु सीमा18 से 40 वर्ष
परीक्षा की तिथिअक्टूबर या नवंबर
परीक्षा की अवधि2 घंटे 30 मिनट
कुल प्रश्न150
कुल प्राप्तांक150
विषयप्रश्नअंक
बाल विकास और अध्यापन कला3030
प्राथमिक भाषा3030
द्वितीय भाषा3030
गणित/विज्ञान
(गणित तथा विज्ञान के अध्यापकों के लिए)
सामान्य विज्ञान
(सामान्य विज्ञान के अध्यापकों के लिए)
अन्य विषय
(अन्य विषय के अध्यापकों के लिए)
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सुयोग्य शिक्षकों के चयन हेतु राजस्थान में अभ्यार्थियों को निम्न प्रश्न पत्रों में उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इन प्रश्न पत्रों का विवरण इस प्रकार है:

1. प्रथम प्रश्न पत्र:- (प्रथम स्तर) यह प्रश्न पत्र कक्षा 1 से पाँच के विदयार्थियों के शिक्षकों को चुनने के लिए आयोजित किया जाता है।
2. दवितीय प्रश्न पत्र:- (द्वितीय स्तर) यह प्रश्न पत्र कक्षा 6 से 8 के विदयार्थियों के शिक्षकों को चुनने के लिए आयोजित किया जाता है।
3. प्रथम तथा द्वितीय प्रश्न पत्र:- यह प्रश्न पत्र उन शिक्षकों के लिए चयन के लिए आयोजित किया जाता है जो कक्षा 1 से 8 तक किसी भी स्तर के विदयार्थियों को पढ़ाना चाहते हैं।

कक्षा (I-V) के शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यताएँ इस प्रकार हैं:

उच्चतर माध्यमिक परीक्षाओं में कम से कम 50% अंक प्राप्त किये हों और प्राथमिक शिक्षण के लिए दो वर्षों की शिक्षा का डिप्लोमा उत्तीर्ण किया हो अथवा डिप्लोमा के दूसरे वर्ष की परीक्षा में भाग लेने वाले हों।
उच्चतर माध्यमिक परीक्षाओं में कम से कम 45% अंक प्राप्त किये हों औऱ प्राथमिक शिक्षण के लिए दो वर्षों की शिक्षा का डिप्लोमा उत्तीर्ण किया हो अथवा उसके अंतिम वर्ष की परीक्षा में भाग लेने वाले हों।
एन सी टी ई के प्राथमिक शिक्षण के प्रावधानों के अंर्तगत डिप्लोमा धारी हों।
उच्चतर माध्यमिक (बारहवीं कक्षा के समकक्ष) परीक्षा में 50% अथवा अधिक अंक अर्जित किये हों और साथ ही प्राथमिक शिक्षण के विषय में चार वर्षीय चलर ऑफ ऐजुकेशन की अंतिम परीक्षा में भाग लेने वाले हों।
उच्चतर माध्यमिक (बारहवीं कक्षा के समकक्ष) परीक्षा में 50% अथवा अधिक अंक अर्जित किये हों और साथ ही विशेष शिक्षण के विषयों में दो वर्षीय शिक्षण डिप्लोमा की अंतिम परीक्षा में भाग लेने वाले हों।
स्नातक शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात् प्राथमिक शिक्षण के विषय में दो वर्षीय डिप्लामा की अंतिम परीक्षा में भाग लेने वाले हों।

कक्षा (I-V) के शिक्षकों के लिए न्यूनतम योग्यताएँ इस प्रकार हैं:
स्नातक शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात् प्राथमिक शिक्षण के विषय में दो वर्षीय डिप्लामा की अंतिम परीक्षा में भाग लेने वाले हों।

राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा आरईईटी स्व-मूल्यांकन हेतु प्रैक्टिस टेस्ट पेपर्स (लेवल प्रथम कक्षा 1-5 )


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