ज/ja

शब्द का अर्थ खोजें

शब्द का अर्थ

जायसी।  :
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जायसी।  :
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जायसी।  :
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जोड़ना।  :
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
ज  : चवर्ग की तीसरा अक्षर जो उच्चारण तथा भाषा-विज्ञान की दृष्टि से तालव्य, स्पर्श, संघर्षी अल्प प्राण, सघोष व्यंजन है। प्रत्यय यह प्रत्यय रूप में कुछ शब्दों के अंत में लगकर ‘में उत्पन्न’ या ‘से उत्पन्न’ का अर्थ देता है। जैसे–जलज, देशज, पित्तज आदि। पुं० जगण का संक्षिप्त रूप। (छंद शास्त्र) अव्य० ही। भी । तो। (डिं०) उदाहरण–तिणि तिणि हीज ब्राह्मण तणै।–प्रिथीराज।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंकशन  : पुं=जंक्शन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंक्शन  : पुं० [अं०] वह रेलवे स्टेशन जहाँ दो से अधिक दिशाओं से गाड़ियाँ आती-जाती हों। (जंक्शन)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंग  : स्त्री० [फा०] सशस्त्र सैनिकों की लड़ाई। युद्ध। पुं० [फा० जंग] १. लोहे पर जमनेवाली वह मैल या विकृत अंश जो लोहे में वायु और नमी के प्रभाव से उत्पन्न होता है। मोरचा। २. अफ्रीका का जंगबार या जंजीबार नामक प्रदेश। स्त्री० [अं० जक] एक प्रकार की बहुत बड़ी नाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगआवर  : वि० [फा०] लड़ाका। योद्धा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगजू  : वि० [फा०] युद्ध करने की इच्छा रखनेवाला। (व्यक्ति)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगबार  : पुं० [फा० जंग+बार] पूर्वी अफ्रीका का एक प्रदेश। जंजीबार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगम  : वि० [√ गम् (जाना)+यङ्-लुक्, द्वित्वादि+अच्] १.जो एक स्थान से चलकर दूसरे स्थान पर जाता हो या जा सकता हो। २. चलनेवाले प्राणियों से उत्पन्न होने या उनसे संबंध रखनेवाला। जैसे–जंगम विष=कीड़े-मकोड़ो, पशु-पक्षियों आदि के शरीर से निकलने वाला विष। ३. जिसे एक स्थान से उठा या हटाकर दूसरे स्थान पर ले जाया जा सकता हो। पुं० १. लिंगायत शैव संप्रदाय के गुरुओ की उपाधि। २. एक प्रकार के साधु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगम-गुल्म  : पुं० [कर्म० स०] पैदल चलनेवाले सिपाहियों का दस्ता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जँगरा  : पुं० [देश०] कुछ वनस्पतियों के डंठल। जैसे–मूँग का जँगरा। पुं० [हिं० जाँगर] शारीरिक बल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जँगरैत  : वि० [हिं० जाँगर] [स्त्री० जँगरैतिन] (व्यक्ति) जो कोई काम करने में अपनी पूरी शारीरिक शक्ति लगाता हो। जाँगरवाला। परिश्रमी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगल  : पुं० [सं०√गल् (भक्षण)+यङ्+अच्,नि० सिद्धि] १. जलशून्य। भूमि। रेगिस्तान। २. वह स्थान जहाँ बहुत से वृक्ष तथा वनस्पतियाँ आप से आप उग आई हो। वन। पद–जंगल में मंगल=सूने स्थल में होनेवाली चहल-पहल। मुहावरा–जंगल जाना=शौच के लिए मैदान में जाना। टट्टी जाना। ३. लाक्षणिक अर्थ में, वह स्थान जहाँ पर बहुत सी वस्तुएँ ऐसे अव्ययस्थित रूप में रखी हुई हों कि जल्दी किसी वस्तु का पता न लगे। ४. मांस।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगल-जलेबी  : स्त्री० [सं० जंगल+हिं० जलेबी] १. काँटेदार जंगली पौधा, जिसमें जलेबी की तरह फल लगते हैं। २. गू की लेंड़ी। (परिहास)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगल-बाड़ी  : स्त्री० [हिं० जंगल+बाड़ी] एक प्रकार की बढ़िया मलमल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगला  : पुं० [पुर्त्त जंगिला] १. बरामदे, छज्जे आदि के किनारे-किनारे खड़ी की हुई वह रचना जिसमें एक पंक्ति में लकड़ी या लोहे के छड़ लगे होते हैं। २. खिड़की का वह चौखट जिसमें लोहे के छड़ लगे हों। ३. खिड़की। ४. वह चित्रण या नक्काशी जिसमें एक दूसरे को काटती हुई बेलें आदि बनी हों। जैसे–जंगले की साड़ी। पुं० [सं० जांगल्य] १. संगीत के बारह मुकामों में से एक। २. एक राग का नाम। ३. एक प्रकार की मछली जो बंगाल की नदियों में बहुतायत से होती है। ४. वनस्पतियों के डंठल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगली  : वि० [सं० जंगल] १. जंगल में उगने, उपजने या होनेवाला। २. (वह वनस्पति) जो आप से आप उग आई हो। ३. जंगल में रहनेवाला। जैसे–जंगली चिडि़याँ, जंगली जातियाँ। ४. जो घरेलू या पालतू न हो। जैसे–जंगली कुत्ता। ५. जंगल में रहनेवाले पशुओं, व्यक्तियों जैसा (आचरण, स्वभाव)। जैसे–जंगली आदत। ६. असभ्य तथा असंस्कृत। गँवार। ७. मूर्ख। ८. (प्रदेश) जिसमें जंगल हों। पुं० १. जंगल में रहनेवाला व्यक्ति। २. असभ्य या अशिष्ट व्यक्ति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगली बादाम  : पुं० [हिं० जंगली+बादाम] १. कतीले की जाति का एक पेड़ जिसके फलों के बीज को भुनाकर खाया या उबालकर तेल निकाला जाता है। २. हर्रे की जाति का एक पेड़ जिसकी छाल से चमड़ा सिझाया जाता है और बीजों से तेल निकाला जाता है। हिंदी-बादाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगली-रेड़  : पुं०=बन-रेंड़।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगा  : पुं० [फा० जगूला] घुँघरू का दाना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगार  : पुं० [फा०] [वि० जंगारी] १. ताँबे का कसाव। तूतिया। २. एक प्रकार का नीला रंग जो ताँबे को सिरके में भिगोकर निकाला जाता है। ३. आज-कल कुछ नई प्रक्रियाओं से बनाया हुआ उक्त प्रकार का रंग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगारी  : वि० [फा० जंगार] जंगार अर्थात् नीले रंगवाला। नीला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगाल  : पुं=जंगार। पुं० [फा० जंग] जंग। मोरचा।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगाली  : वि०=जंगारी। पुं० [हिं० जंगार] नीले रंग का एक प्रकार का रेशमी कपड़ा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगाली पट्टी  : स्त्री० [हिं० जंगारी+पट्टी] फोड़े-फुंसियों पर लगाई जानेवाली गंधे-बिरोजे की पट्टी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगी  : वि० [फा०] १. जंग अर्थात् युद्ध संबंधी। २. युद्ध में भाग लेनेवाला अथवा युद्ध में काम करनेवाला। सामरिक। ३. सेना संबंधी। सैनिक। ४. बहुत बड़ा। दीर्घ काय। ५. लड़ने-झगड़नेवाला। झगड़ालू। पुं० [देश०] घड़ा। (कहार)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगी लाट  : पुं० [हिं०] आज-कल किसी देश का प्रधान सेनापति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगीहड़  : स्त्री० [फा० जंगी+हड़] काली हड़ा। छोटी हड़।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगुल  : पुं० [सं०√ गम् (जाना)+यङ्-लुक्+डुल् बा०] जहर। विष।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगेला  : पुं० [देश०] एक प्रकार का वृक्ष जिसे चौरी, मामरी या रूही भी कहते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंगै  : स्त्री० [सं० जंघा] एक प्रकार की करधनी जिसमें घुँघरू लगे रहते हैं और जिसे नाच के समय अहीर, धोबी आदि कमर में बाँधते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंघ  : स्त्री=जंघा।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है) पुं०=जाँघिया।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंघा  : स्त्री० [√हन् (जाना) √यङ-लुक्+अच्, टाप्] १. पैर का घुटने और पेड़ू के बीच का भाग। २. एक प्रकार का जूता। ३. कैंची का दस्ता जिसमें फल और दस्ताने लगे रहते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंघा-त्राण  : पुं० [ष० त०] एक प्रकार का कवच जो जांघ पर बाँधा जाता था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंघाफार  : पुं० [हिं० जंघा+फारना] रास्ते में पड़नेवाली खाई। (कहार)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंघा-बन्धु  : पुं० [ब० स०] एक ऋषि का नाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंघामथानी  : स्त्री० [सं० जंघा+हिं० मथानी] १. छिनाल स्त्री। पुंश्चली। २. वेश्या।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंघार  : पुं० [हिं० जंघा+आर] जाँघ पर होनेवाला एक प्रकार का फोड़ा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंघा-रथ  : पुं० [ब० स०] १. एक प्राचीन ऋषि। २. उक्त ऋषि के गोत्र में उत्पन्न पुरुष।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंघारा  : पुं० [देश०] राजपूतानों की एक जाति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंघारि  : पुं० [सं० ब० स०] विश्वामित्र के एक पुत्र का नाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंघाल  : पुं० [सं० जंघा+लच्] १. धावन। धावक। दूत। २. मृग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंघिल  : वि० [सं० जंघा+इलच्] १. तेज दौड़नेवाला। २. फुर्तिला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंचना  : अ० [हिं० जाँचना] १. जाँचा जाना। जाँचा परखा जाना। जैसे–हिसाब जँचना। २. जाँच में ठीक या पूरा उतरना। ३. जान पड़ना। प्रतीत होना। ४. भला जान पड़ना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जँचा  : वि० [हिं० जँचना] १. जांचा हुआ। सुपरीक्षित। २. जो ठीक प्रकार से जांच करने में अभ्यस्त हो। ३. जाँच करते-करते जिसे किसी बात का अभ्यास हो गया हो। जैसे–जँचा हाथ। पद–जँचातुला=ठीक ठीक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंज  : अव्य० [?] जो। स्त्री० [सं० यज्ञ] बरात। (पंजाब)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंज घर  : पुं० [हिं० जंज+घर] १. बरात को ठहराने का स्थान। २. वह स्थान जहाँ पर बरातें आकर ठहरती हों।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंजपूक  : पुं० [सं०√ जप् (जपना)+यङ्+ऊक] मंद स्वर में जप करने वाला व्यक्ति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंजबील  : स्त्री० [अ०] सोंठ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंजर(ल)  : वि=जर्जर।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंजाल  : पुं० [हिं० जग+जाल] [वि० जंजालिया] १. सांसारिक व्यापार जिसमें मनुष्य फँसा रहता है। मनुष्य को ईश्वर या भगवत् भजन से विमुख करने तथा उसका ध्यान अपनी ओर लगाये रखनेवाली बात। माया। २. प्रपंच। झंझट। बखेड़ा। ३. उलझन। ४. पानी का भँवर। ५. पुराने ढंग की एक प्रकार की पलीतेदार बड़ी बंदूक। ६. चौड़े मुँहवाली एक प्रकार की पुरानी चाल की तोप। ७. मछलियाँ पकड़ने का बड़ा जाल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंजालिया  : वि० [हिं० जंजाल+इया (प्रत्य)]=जंजाली।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंजाली  : वि० [हिं० जंजाल+ई (प्रत्यय)] १. जो जंजाल में फँसा हो। सांसारिक बंधनों में पड़ा हुआ। २. झगडा-बखेड़ा करनेवाला। स्त्री० [देश०] वह रस्सी और घिरनी जिससे नावों का पाल चढ़ाया और उतारा जाता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंजीर  : स्त्री० [फा०] १. धातु की बहुत-सी कड़ियों को एक दूसरे में पहनाकर बनाई जानेवाली लड़ी। सांकल। २. साँकल की तरह का बना हुआ गले में पहनने का एक आभूषण। सिकड़ी। ३. कैदियों के पावों में बाँधी जानेवाली लोहे की श्रृंखला। ४. किवाड़े के पल्ले बंद करने की सिकड़ी। साँकल। ५. लाक्षणिक अर्थ में, वह बात जो आगे-पीछे की घटनाओं को जोड़ती या मिलाती है। श्रृंखला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंजीरा  : पुं० [हिं० जंजीर] १. कसीदे के काम में, कपड़े आदि पर काढ़ी या निकाली हुई जंजीर की बनावट। लहरया। २. लहरियेदार कपड़ा। उदाहरण–जनि बाँधों जंजीरें की पाग नजर तोहें लगि जायगी।–गीत।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंजीरी  : वि० [हिं० जंजीर] १. गले में पहनने की सिकड़ी। २. हथेली के पिछले भाग पर पहना जानेवाला एक प्रकार का गहना। वि० जिसमें जंजीर या सिकड़ी लगी हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंट  : पुं० [अं० ज्वाइन्ट मजिस्ट्रेट] [भाव० जंटी] जिला मजिस्ट्रेट का सहायक अधिकारी।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंटी  : स्त्री० [हिं० जंट] ज्वाइंट मजिस्ट्रेट होने की अवस्था, भाव या पद।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंड  : पुं० [देश०] एक जंगली पेड़ जिसकी फलियों का अचार डाला जाता है। सागर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतर  : पुं० [सं० यंत्र] १. दे० ‘यंत्र’। २. गले आदि में पहनने का धातु का वह छोटा आधान जिसके अंदर मंत्र या टोटके की कोई वस्तु रहती है। तावीज। ३. जंतर-मंतर। ४. यंत्र, जिससे तेल या आसव आदि तैयार किया जाता है। ५. वाद्य-यंत्र। बाजा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतर-मंतर  : पुं० [सं० यंत्र-मंत्र] १. भूत-बाधा आदि उतारने अथवा किसी पर भूत-बाधा आदि लाने का मंत्र। टोटका। २. वेष-शाला जहाँ पर नक्षत्रों आदि की गति-विधि देखी जाती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतरा  : स्त्री० [सं० यंत्री] वह रस्सी जो गाड़ी के ढाँचे पर कसी, तानी या बाँधी जाती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतरी  : स्त्री० [सं० यंत्र] सोनारों का एक उपकरण जिसमे से वे तार खींचकर पतले तथा लंबे करते हैं। २. पंचांग। तिथिपत्र। (उर्दू)। ३. जादूगर। ४. बाजा बजानेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतसर  : पुं० [हिं० जाता+सर (प्रत्यय)] वह गीत जिन्हें जांता अर्थात् चक्की पीसते समय स्त्रियाँ गाती हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतसार  : स्त्री० [हिं० जांता+सार-शाल] वह स्थान जहाँ पर जाँता गाड़ा हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंता  : पुं० [सं० यंत्र] [स्त्री० जंती, जंतरी] १. यंत्र। कल। २. सुनारों का तार खींचने का उपकरण। वि० [सं० यंतृ] १. यंत्रणा देनेवाला। २. दंड देनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जँताना  : अ० [हिं० जाँता] १. (अन्न आदि का) जाँते में पीसा जाना। २. भीड़ में चारों ओर से इस प्रकार दबना जैसे जाँते में दाने पिसते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंती  : स्त्री० [हिं० जंता] सुनारों का तार खींचने का छोटा जंता। स्त्री० [सं० जनयित्री] जननी। माता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतु  : पुं० [सं०√जन् (प्रादुर्भाव)+तुन्] १. वह जिसने जन्म लिया हो। २. शारीरिक दृष्टि से साधारण या छोटे आकार-प्रकार के पशु, कीड़े-मकोड़े आदि। जैसे–चूहा, मछली सांप आदि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतुका  : स्त्री० [सं० जंतु√ क (प्रकाश करना)+क-टाप्] लाख। लाक्षा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतुघ्न  : वि० [सं० जंतु√हन् (मारना)+टक्] (औषध या पदार्थ) जंतुओं को नष्ट करनेवाला। पुं० १. बायबिडंग। २. हींग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतुघ्नी  : स्त्री० [सं० जंतुघ्न+ङीष्] बायबिंडग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतु-नाशक  : पुं० [ष० त०] हींग। वि० जंतुओं या कीड़ों का नाशक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतु-फल  : पुं० [ब० स०] गूलर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतुमारी(रिन्)  : पुं० [सं० जंतु√मृ (मरना)+णिंव+णिनि] जँबीरी। नीबू। वि०=जंतुघ्न।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतुला  : स्त्री० [सं० जंतु√ ला(लेना)+क-टाप्] काँस नामक घास।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतु-विज्ञान  : पुं०=जीव-विज्ञान।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतु-शाला  : स्त्री० [ष० त०] वह स्थान जहां पर अनेक प्रकार के पशु-पक्षी और जीव-जंतु प्रदर्शन के लिए रखे गये हों। चिड़ियाघर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतुहन  : वि०=जंतुघ्न।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंतैत  : पुं० [हिं० जांता] वह व्यक्ति जो जाँता अर्थात् चक्की पीसकर अपनी जीविका उपार्जन करता हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंत्र  : [सं० यंत्र] १. यंत्र (दे०)। २. ताला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंत्रना  : पुं० [सं० जंत्र](यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है) १. जंत्र अर्थात् ताला लगना। २. बाँध या रोक (दे.) रखना। स,.स्त्री० [सं० यंत्रणा] १. यंत्रणा देना। दुःख देना। २. दंड देना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंत्र-मंत्र  : पुं०=जंतर-मंतर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंत्रा  : स्त्री=जंतरा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंत्रित  : वि० [सं० यंत्रित] १. यंत्र द्वारा बाँधा या रोका हुआ। २. जो किसी के वश में हो। पर-वश।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंत्री  : पुं० [सं० यंत्रिन्] वीणा आदि बजानेवाला। बाजा बजानेवाला व्यक्ति। पुं० [सं० यंत्र] बाजा।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है) स्त्री०=जंतरी।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंद  : पुं० [सं० छन्दस् का ईरानी रूप] पारसियों का प्रसिद्ध धर्म-ग्रन्थ जो जरतुश्त की रचना है। (पहले लोग इसे भूल से उक्त ग्रंथ की भाषा का नाम समझते थे जो वास्तव में अवेस्ता है)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंदरा  : पुं० [सं० यंत्र] ताला। (पश्चिम)। पुं०=जाँता।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंघाला  : स्त्री० [सं०] पुरानी चाल की एक प्रकार की नाव जो १२८ हाथ लम्बी, १६ हाथ चौंड़ी और १२ हाथ ऊँची होती थी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंप  : पुं० [सं० जल्प ?] शांति। उदाहरण–जंप जीव नहीं आवतौ जाणे।–
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंपती  : पुं,. [सं० जाया-पति द्व० स० जम् आदेश] दंपति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंपना  : स० [हिं० जपना सं० जल्पन](यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है) १. कहना। बोलना। उदाहरण–यों कवि भूषण जंपत है लखि संपति को अलका-पति लाजै।–भूषण। २. बकना। बकवाद करना। अ० =झंपना (कूदना)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंब  : पुं० [सं०√जम्ब्+अच्] कीचड़।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबाल  : पुं० [सं० जंब-आ√ला (लेना)+क] १. कीचड़। २. मिट्टी। ३. पानी में होनेवाली एक घास। ४. केवड़े का फूल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबाला  : स्त्री० [सं० जंबाल+टाप्] केतकी का पौधा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबालिनी  : स्त्री० [सं० जंबाल+इनि-ङीप्] नदी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबीर  : पुं० [सं०√जम् (खाना)+ईरन्-बुक्] जँबीरी नीबू (दे०)। स्त्री० [अ० जंबीर] मुँह से बजाने की पुरानी चाल की एक सीटी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबीरी नीबू  : पुं० [सं० जंबीर] एक प्रकार का बड़ा नीबू जिसका रस बहुत खट्टा होता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबील  : स्त्री० [फा०] फकीरों, साधुओं संन्यासियों आदि की किसी कपड़े के चारों कोनों की गाँठ लगाकर बनाई हुई थैली जिसमें वे भिक्षा से मिली हुई वस्तुएँ रखते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबु  : पुं० [सं०√जंबू, पृषो० ह्रस्व] जामुन का पेड़ और उसका फल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबुक  : पुं० [सं० जंबु+कन्] १. बडा़ जामुन। फरेंदा। २. श्योनाक वृक्ष। सोनापाठा। ३. केवड़ा। ४. गीदड़। ५. वरुण। ६. स्कंद का एक अनुचर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबु-खंड  : पुं० दे० ‘जंबूद्वीप’।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबु-द्वीप  : पुं=जंबूद्वीप।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबु-प्रस्थ  : पुं=जंबूप्रस्थ (दे०)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबुमती  : स्त्री० [सं० जबुमत+ङीष्] एक अप्सरा का नाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबुमान(मत्)  : पुं० [सं० जंबु+मतुप्] १. पहाड़। २. जांबवान नामक एक वानर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबुमाली(लिन्)  : पुं० [सं० जंबु-माला, ष० त० इनि] एक राक्षस का नाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबुर  : पुं=जंबूर।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबुल  : पुं० [सं० जंबु√ला (लेना)+क] जंबूल। (दे०)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबू  : पुं० [सं० जंबु+ऊङ]=जंबु। (दे०)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबूका  : स्त्री० [सं० जंबू√(प्रतीत होना)+क-टाप्] किशमिश।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबू-खंड  : पुं० [मध्य० स०] जंबूद्वीप।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबू-दीप  : पुं०=जंबूद्वीप।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबू-द्वीप  : पुं० [मध्य० स०] पुराणानुसार सात द्वीपों में से एक जिसमें भारतवर्ष की भी स्थिति मानी गई है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबूनद  : पुं०=जंबू-नदी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबू-नदी  : स्त्री० [मध्य० स०] ब्रह्म लोक से निकली हुई सात नदियों में से एक जिसके संबंध में यह कहा जाता है कि यह जामुन के पेड़ों से चूने वाले जामुनों के रस से निकलती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबू-प्रस्थ  : पुं० [ब० स०] वाल्मिकी रामायण के अनुसार एक नगर का नाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबूर  : पुं० [अ० जन बूर] १. बर्रे। भिड़। २. शहद की मक्खी। ३. पुरानी चाल की एक तोप। पुं०=जंबूरा।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबूरक  : स्त्री० [फा० जंबूर] १. एक प्रकार की छोटी तोप। २. तोप रखने की गाड़ी। ३. भँवर कली।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबूरखाना  : पुं० [अ० जनबूर+फा० खानः] भिड़ या शहद की मक्खियों का छत्ता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबूरची  : पुं० [अ० जंबूर+फा० ची (प्रत्य०] १. तोपची। २. सिपाही।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबूरा  : पुं० [फा० जंबूर] १. एक प्रकार की छोटी तोप। २. तोप लादने की गाड़ी। ३. भँवर कली(दे०) ४. सँड़सी या चिमटी की तरह का एक उपकरण जिससे कारीगर चीजों को ऐंठते, दबाते या घुमाते हैं। ५. मस्तूल पर आड़ा बँधा रहनेवाला डंडा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबूरी  : स्त्री० [फा०] एक प्रकार का जालीदार कपड़ा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबूल  : पुं० [सं० जंबू√ला (लेना)+क] १. जामुन का वृक्ष और उसका फल। २. केवड़ा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंबू-वनज  : पुं० [जंबू-वन मध्य० स०, जंबूवन√जन (उत्पत्ति)+ड] श्वेत जपापुष्प। सफेद गुड़हुल का फूल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंभ  : पुं० [√जंभ (भक्षण, जमुहाई)+घञ्] १. दाढ़। २. जबड़ा। ३. जँभाई। ४. तरकश। ५. जँबीरी नीबू। ६. [√जंभ+अच्] महिषासुर का पिता जिसका वध इंद्र ने किया था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंभक  : पुं० [सं०√जंभ्+णिच्+ण्वुल्-अक] १. जँबीरी नीबू। २. शिव। ३. एक राजा। वि० १. जिसके सेवन से जँभाई आती हो। २. हिंसक। ३. [जंभ् (संभोग)+ण्वुल्-अक] कामुक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंभका  : स्त्री० [सं० जंभा+कन्-टाप्,हृस्व] जँभाई।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंभन  : पु० [सं०√जंभ्+ल्युट-अन] १. भक्षण। २. रति। ३. जँभाई।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंभ-भेदी(दिन्)  : पुं० [सं० जंभ√भिद्(विदारण)+णिनि] इंद्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंभु-रिपु  : पुं० [ष० त०] इंद्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंभा  : स्त्री० [सं०√जंभ्+णिच्√अ-टाप्] जँभाई।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जँभाई  : स्त्री० [सं० जुम्भा] एक शारीरिक व्यापार जिसमें मनुष्य गहरा सांस लेने के लिए पूरा मुँह खोलता है। विशेष–यह व्यापार थकावट या नींद के आने का सूचक होता है। क्रि० प्र०–आना। लेना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जँभाना  : अ० [सं० जृम्भण] पूरा मुँह खोलकर गहरा साँस लेना। जँभाई लेना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंभाराति  : पुं० [सं० जंभ+अराति, ष० त०] जंभारि। (दे०)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंभारि  : पुं० [सं० जंभ-अरि, ष० त०] १. इंद्र। २. विष्णु। ३. अग्नि। ४. ब्रज।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंभिका  : स्त्री० [सं० जंभा+कन्+टाप्, इत्व] जंभा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंभी(भिन्)  : पुं० [सं०√जंभ्+णिच्+णिनि] दे० ‘जंबीरी’।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंभीर  : पुं० [सं०√जंभ्+ईरन्] दे० ‘जंबीरी’।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंभीरी  : पुं० दे० ‘जंबीरी नीबू’।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंभूरा  : पुं०=जंबूरा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जँवाई  : पुं० [सं० जामातृ] दामाद।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जंषना  : अ० [हिं० झंखना] पछताना। पश्चाताप् करना।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जँहड़ना  : अ० स०=जहँड़ना।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जइसे  : अव्य० [हिं० जैसे] जिस प्रकार। जैसे।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जई  : स्त्री० [हिं० जौ] १. एक प्रसिद्ध मोटा अन्न जिसका पौधा जौ के पौधे से बहुत कुछ मिलता जुलता होता है। २. उक्त अन्न का पौधा। ३. जौ का छोटा अंकुर जो मंगल द्रव्य माना जाता है। ४. किसी पौधे नया का कल्ला। अंकुर। ५. कुछ विशिष्ट प्रकार के पौधों, वृक्षों, लताओं आदि में लगनेवाले वे फूल जिनके मूल में बतिया (फल का आरंभिक रूप) होता है। वि० [हिं० जयी] विजयी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जईफ  : वि० [अ० जईफी] [स्त्री० जईफा, भाव० जईफी] बुडढा। बूढ़ा। वृद्ध।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जईफी  : पुं० [फा० जईफी] जईफ अर्थात् वृद्ध होने की अवस्था या भाव। बुढ़ापा। वृद्धावस्था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जउँना  : स्त्री०=जमुना।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जउवा  : पुं०=जौ। (पूरब) उदाहरण–जउवा में फूटेला बालि।–लोकगीत।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जऊ  : अव्य० [हिं० जो+ऊ] यद्यपि। अगरचे। उदाहरण–(क) कहै रतनाकर धरैना मृगछाला अरु धूरि हू परै भी जऊ अंग छिलि जाइयौ।–रत्नाकर। (ख) लाल है प्रबाल फूले देखत बिसाल जऊ।–सेनापति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जकंद  : स्त्री० [फा० जकंद] उछाल। छलांग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जकंदना  : अ० [हिं० जकंद] १. उछाल भरना। छलांग लगाना। २. टूट पड़ना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जकंदनि  : स्त्री० [हिं० जकद] १. उछलने-कूदने की क्रिया या भाव। २. दौड़-धूप। ३. उलझन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जक  : स्त्री० [अ० ज़क] १. पराजय। हार। २. हानि। स्त्री० [हिं० झक] १. जिद। हठ। मुहावरा–जक पकड़ना=जिद करना। हठ करना। उदाहरण–अधम समूह उधारन कारन तुम जिय जक पकरी।–सूर। २. धुन। रट। स्त्री० [?] १. आराम। सुख। २. मन की स्थिरता। शान्ति। चैन। उदाहरण–जक न परति चकरी भई फिरि आवत फिरि जाति।-बिहारी। पुं० [सं० यक्ष] १. यज्ञ। २. कंजूस आदमी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जकड़  : स्त्री० [हिं० जकड़ना] १. जकड़ने की क्रिया ढंग या भाव। २. जकड़े अर्थात् चारों ओर से दृढ़ बंधन में होने की अवस्था या स्थिति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जकड़ना  : स० [सं० युक्त+करण] १. इस प्रकार किसी चीज को कसकर दबाते हुए बाँधना कि वह हिल-डुल न सके। २. इस प्रकार से नियम, बंधन आदि बनाना या लागू करना कि उनसे बच सकना किसी का संभव न हो। अ० १. जकड़ा जाना। चारों ओर से कसकर बाँधा जाना। २. नियमों बंधनों आदि से इस प्रकार घिरना कि छुटकारा या बचत न हो सकती हो। ३. शीत आदि के कोप से शरीर अथवा शरीर के किसी अंग का इस प्रकार कस, ऐंठ या तन जाना कि वह हिल-डुल न सके। जैसे–गठिया के रोग से घुटने जकड़ना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जकड़बंद  : वि० [हिं० जकड़+फा० बंद] जिसे अच्छी तरह जकड़कर बाँध लिया गया हो। किसी की जकड़ में आया हुआ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जकना  : अ० [हिं० जक] [वि० जकित] १. भौंचक्का होना। चकित या स्तंभित होना। उदाहरण–दीन से रहैं संत जन सों, रूप में नैना जके।–अलबेली अली। २. व्यर्थ बोलना। बकना। ३. रटना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
ज़कर  : पुं० [अ०] १. पुरुषोंद्रिय। लिंग। २. नर। ३. फौलाद।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जकरना  : स० अ०=जकड़ना।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जकाजक  : पुं० [अनु०] जोरों की लड़ाई। घोर युद्ध।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है) क्रि० वि० खूब जोरों से। वेग-पूर्वक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जकात  : स्त्री० [अ० जकात] १. इस्लाम में विहित आय का वह चालीसवाँ भाग जो दान-धर्म में देना आवश्यक कहा गया है। २. दान खैरात। ३. कर। महसूल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जकाती  : वि० [अ० जकात] कर या महसूल उगानेवाला। जगाती।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जकित  : वि=चकित।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जकी  : वि० [हिं० जक] १. जिद्दी। हठी। २. चकित। स्तंभित। उदाहरण–चको जकी सी ह्रै रही बूझे बोलति नीठि।–बीसलदेव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जकुट  : पुं० [सं० ज√ कुट् (कौटिल्ल)+क] १. मलयाचल। २. कुत्ता। ३. बैंगन के पौधे में लगनेवाला फूल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जक्की  : स्त्री० [देश०] बुलबुलों की एक जाति। वि० दे० ‘झक्की’।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जक्त  : पुं०=जगत्।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जक्ष  : पुं० =यक्ष।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जक्षण  : पुं० [सं०√जक्ष् (भक्षणकरना)+ल्युट-अन] १. भक्षण। २. भोजन। खाना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जक्ष्म  : पुं=यक्ष्म।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जक्ष्मा  : पुं=यक्ष्मा (तपेदिक)।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जखन  : अव्य०=जब। (पूरब)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जखनी  : स्त्री०=यक्षिणी (यक्ष की पत्नी)। स्त्री०=यखनी। (दे०)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जखम  : पुं० [फा० जख्म] १. आघात आदि के कारण शरीर में लगनेवाली ऐसी चोट जिसमें त्वचा कट, फट या छिल जाती है और रक्त बहने लगता है। घाव। जैसे–ईट सिर पर गिर पड़ने से यह जख्म हुआ है। २. फोड़ा आदि फटने से होनेवाला घाव। ३.लाक्षणिक अर्थ में, किसी के द्वारा किसी हुआ वह आघात या अपकार जिससे मनुष्य सदा दुःखी रहता हो। मुहावरा–जखम पर नमक छिड़कना=ऐसा काम करना जिससे दुःखी व्यक्ति और भी अधिक दुःखी हो। जख्म ताजा या हरा होना=किसी के द्वारा किया हुआ अपकार स्मरण हो आना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जखमी  : वि० [फा० जख्मी] जिसे जखम या घाव हुआ हो। घायल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जखीरा  : पुं० [अ० जखीरॉः] १. ढेर। राशि। २. कोष। ३. वह प्रदेश जहां कोई वस्तु बहुतायत से प्राप्त होती है। जैसे–पंजाब गेहूँ का जखीरा है। ४. वह स्थान जहाँ पौधे, बीज आदि बिकते हों।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जखेड़ा  : पुं०=जखीरा। पुं० हिं० बखेड़ा का अनु०।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जखैया  : पुं० [सं० यक्ष] एक कल्पित भूत जिसके संबंध में यह कहा जाता है कि वह लोगों को यों ही बहुत कष्ट देता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जख्ख  : पुं० [स्त्री० जख्खनी]=यक्ष उदाहरण–सहस जख्ख भक्खनिय, मनह अचले चल बद्दिय।–चंदबरदाई।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जख्म  : पुं०=जखम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जग  : पुं० [सं० जगत्] १. जगत्। संसार। २. चेतन सृष्टि। पुं०=यज्ञ।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगकर  : पुं० [सं०] ब्रह्मा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगकारन  : पुं० [हिं० जग+कारन] परमेश्वर जो जगत्कर्त्ता माना जाता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगच्चक्षु  : पुं० [हिं० जगत्+चक्षुस्, ष० त०] सूर्य।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगजग (ा)  : वि० [हिं० जगजगाना=जगमगाना] जगमगाता हुआ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगजगा  : पुं० [जगमग से] किसी चमकीली धातु का पतला पत्तर जिसके कटे हुए छोटे-छोटे टुकड़े टिकुला, ताजिए आदि में लगाये जाते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगजगाना  : अ०=जगमगाना।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है) स०=जगमगाना।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जग-जीवन  : पुं० [सं० जगज्जीवन] ईश्वर। परमात्मा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगजोनि  : पुं० [सं० जगद्योनि] ब्रह्मा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगज्जनी  : स्त्री० [सं० जगत्-जननी, ष० त०] १. जगदंबा। २. परमेश्वरी। ३. सीता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगज्जयी(यिन्)  : वि० [सं० जगत्-जयी, ष० त०] जग को जिसने जीत लिया हो। विश्वविजयी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगझंप  : पुं० [सं० ?] युद्ध-क्षेत्र में बजाया जानेवाला एक प्रकार का ढोल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगड्वाल  : पुं० [सं०] व्यर्थ का आडंबर या बखेड़ा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगण  : पुं० [ष० त०] छंद शास्त्र में तीन ऐसे अक्षरों के समूह की संज्ञा जिसका पला अक्षर लघु, दूसरा गुरु और तीसरा लघु हो। इसका सांकेतिक चिन्ह ।ऽ। है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगत्  : वि० [सं०√गम् (जाना)√ क्विप्, द्वित्व, तुगागम] १. जागता हुआ। चेतन। २. जो चलता-फिरता हो। पुं० १. पृथ्वी का वह अंश या भाग जिसमें जीव या प्राणी चलते-फिरते या रहते हों। चेतन सृष्टि। २. किसी विशिष्ट प्रकार के कार्य-क्षेत्र अथवा उसमें रहनेवाले जीवों, पिंड़ों आदि का वर्ग या समूह। जैसे–नारी जगत् और जगत् हिन्दी जगत आदि। ३. इस पृथ्वी के निवासी। जैसे–जगत् तो मेरी हँसी उड़ाने पर तुला हुआ है। ४. संसार। दुनिया। जैसे–यह जगत् और उसके सब जंगल जंजाल झूठे हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगत्  : स्त्री० [सं० जगति=घर की कुरसी] कुएँ के ऊपर चारों ओर बना हुआ वह चबूतरा जिस पर खड़े होकर उसमें से पानी खींचा जाता है। पुं०=जगत्। (दे०)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगत-जननि  : स्त्री=जगज्जनी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगतसेठ  : पुं० [सं० जगत्-श्रेष्ठी] वह महाजन या सेठ जो किसी नगर या बस्ती में और उसके चारों ओर दूर-दूर तक सब से बड़ा माना जाता हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगतारण  : वि० [सं० जगत्-तारण] १. संसार को तारनेवाला। २. संसार की रक्षा करनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगति  : स्त्री० [सं० जगत] द्वारिका।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगती  : स्त्री० [सं०√गम्+अति-ङीष्] १. जगत्। २. पृथ्वी। ३. जीवन। ४. एक वैदिक छंद जिसके प्रत्येक चरण में बारह अक्षर होते हैं। ५. बारह अक्षरों के छंदों की संज्ञा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगती-चर  : वि० [जगती√ चर् (चलना)+ट] जगत् में विचरण करनेवाला। पुं० मनुष्य।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगती-जानि  : पुं० [जगती-जाया, ब० स० नि० आदेश] राजा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगती-तल  : पुं० [ष० त०] १. धरती। पृथ्वी। २. संसार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगती-धर  : पुं० [ष० त०] पर्वत।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगती-पति  : पुं० [ष० त०] राजा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगती-भर्त्ता(र्तृ)  : पुं० [ष० त०] राजा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगती-रुह  : पुं० [सं० जगती√ रुह् (उगना)+क] वृक्ष।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगत्प्राण  : पुं० [जगत्-प्राण ष० त०] १. संसार को जीवित रखनेवाले तत्त्व। २. ईश्वर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगत्साक्षी(क्षिन्)  : पुं० [जगत्-साक्षिन्, ष० त०] सूर्य।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगत्सेतु  : पुं० [जगत्-सेतु,ष० त०] परमेश्वर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगदंतक  : पुं० [जगत्-अंतक, ष० त०] १. वह जो जगत् का नाश करता हो। मृत्यु। २. यमराज। ३. शिव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगदंबा  : स्त्री० [जगत्-अंबा, ष० त०] दुर्गा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगदंबिका  : स्त्री० [जगत्-अंबिका, ष० त०] दुर्गा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगदात्मा(त्मन्)  : पुं० [जगत्-आत्मन्, ष० त०] १. ईश्वर। २. वायु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगदादि  : पुं० [जगत्-आदि, ष० त०] १. ब्रह्मा। २. परमेश्वर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगदाधार  : पुं० [जगत्-आधार ष० त०] १. परमेश्वर। २. वायु। वि० जगत् का आधार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगदानन्द  : पुं० [जगत्-आनंद, ष० त०] परमेश्वर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगदयु(स्)  : पुं० [जगत्-आयुस्, ष० त०] वायु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगदीश  : पुं० [जगत्-ईश, ष० त०] १. ईश्वर। परमेश्वर। २. विष्णु। जगन्नाथ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगदीश्वर  : पुं० [जगत्-ईश्वर] ईश्वर। परमेश्वर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगदीश्वरी  : स्त्री० [जगत्-ईश्वरी, ष० त०] भगवती।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगदीस  : पुं०=जगदीश।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगद्गुरु  : पुं० [जगत्-गुरु, ष० त०] १. परमेश्वर। २. शिव। ३. नारद। ४. वह महान व्यक्ति जिसे सब लोग गुरु के समान पूज्य मानते हों। जैसे–जगद्गुरु शंकराचार्य। ५. शंकराचार्य की गद्दी के अधिकारी महंत की उपाधि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगद्गौरी  : स्त्री० [स० त०] १. दुर्गा। २. नागों की बहन मनसादेवी, जिसका विवाह जरत्कारु ऋषि से हुआ था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगद्दीप  : पुं० [जगत्-दीप, ष० त०] १. ईश्वर। २. महादेव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगद्धाता(तृ)  : पुं० [जगत्-धातृ ष० त०] [स्त्री० जगद्धात्री] १. ब्रह्मा। २. विष्णु। ३. शिव। शंकर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगद्धात्री  : स्त्री० [जगत्-धात्री, ष० त०] १. दुर्गा। २. सरस्वती।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगद्बल  : पुं० [जगत्-बल, ब०स० ] वायु। हवा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगद्योनि  : पुं० [जगत्-योनि,ष० त०] १. शिव। २. विष्णु। ३. ब्रह्मा। ४. परमेश्वर। ५. पृथ्वी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगद्वंद्य  : वि० [जगत्-वंद्य, ष० त०] १. जिसकी वंदना जगत् करता हो। २. जिसकी वंदना जगत् को करनी चाहिए।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगद्वहा  : स्त्री० [सं० जगत्√ वह (ढोना)+अ-टाप्] पृथ्वी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगद्विख्यात  : वि० [जगत्-विख्यात, स० त०] जिसकी ख्याति जगत् में हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगद्विनाश  : पुं० [जगत्-विनाश, ब० स०] प्रलयकाल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगन  : पुं० [सं० यज्ञाग्नि](यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है) १. यज्ञ की अग्नि। २. यज्ञस्थल। उदाहरण–जो वै जाँ गृहि गृहि जगन जागवै।–प्रिथीराज। स्त्री० [हिं० जागना] जागने की क्रिया या भाव। पुं० =जगण।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगनक  : पुं० [देश०] महोबे के राजा परमाल के दरबार का एक प्रसिद्ध कवि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगना  : अ० [सं० जागरण] १. जाग्रत होना। जागना। २. अग्नि, दीप-शिखा आदि का प्रज्वलित होना। जैसे–ज्योति जगना।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगनी  : स्त्री० [?] १. एक प्रकार का पौधा। २. उक्त पौधे के बीज जिनका तेल निकाला जाता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगनु  : पुं० [सं० जगन्नु] १. अग्नि। २. कीड़ा। ३. जंतु। पुं०=जुगनूँ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगन्नाथ  : पुं० [जगत्-नाथ, ष० त०] १. जगत के नाथ, ईश्वर। २. विष्णु। ३. उड़ीसा प्रदेश की पुरी नगरी के एक प्रसिद्ध देवता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगन्नाथ-क्षेत्र  : पुं० [ष० त०] उड़ीसा प्रदेश की पुरी नामक नगरी जो एक तीर्थस्थल है। जगन्नाथपुरी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगन्नाथ-धाम(न्)  : पुं० [ष० त०] जगन्नाथपुरी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगन्नियंता(तृ)  : पुं० [जगत्-नियतृ, ष० त०] वह जो जगत् का नियत्रण करता हो। ईश्वर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगन्निवास  : पुं० [जगत्-निवास, ष० त०] ईश्वर। परमेश्वर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगन्नु  : पुं० [सं० जगत्√ नम् (नम होना)+डु] १. अग्नि। २. कीड़ा। ३. जंतु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगन्मंगल  : पुं० [जगत्-मंगल, ब० स०] काली का एक कवच।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगन्मय  : पुं० [सं० जगत्-+मय] विष्णु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगन्मयी  : स्त्री० [सं० जगन्मय+ङीष्] १. लक्ष्मी। २. वह शक्ति जो जगत् का संचालन करती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगन्माता(तृ)  : स्त्री० [जगत्-मातृ, ष० त०] दुर्गा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगन्मोहिनी  : स्त्री० [जगत्-मोहिनी, ष० त०] १. दुर्गा। २. महामाया।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगबंद  : वि० [सं० जगत् वंद्य] जगत् जिसकी वंदना करे। जगद्वंद्य।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगमग, जगमगा  : वि० [अनु०] १. जगमगाता हुआ। २. चमकदार।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगमगाना  : अ० [अनु० जग-मग] [भाव० जगमगाहट] किसी चीज पर प्रकाश पड़ने से उसका चमकने लगना। जगमग करना। जैसे–बिजली की रोशनी में पंडाल जगमगा रहा था। स० प्रकाश आदि से प्रज्वलित करना या चमकाना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगमगाहट  : स्त्री० [हिं० जगमग] जगमगाने की अवस्था या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगर  : पुं० [सं०√ जागृ (जागना)+अच्, पृषो० सिद्धि] कवच।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगरन  : पुं०=जागरण।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगरनाथ  : पुं०=जगन्नाथ।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगरमगर  : वि०=जगमग।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगरा  : स्त्री० [सं०शर्करा] खजूर के रस से बनी हुई खांड या चीनी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगल  : पुं० [सं०√जन् (उत्पत्ति)+ड√गल्+अच्, ज-गल, कर्म० स०] १. पीठी से बना हुआ मद्य जिसे पृष्टी भी कहते हैं। २. शराब की सीठी। कल्क। ३. मदन वृक्ष। मैनी। ४. कवच। ५. गोमय। गोबर। वि० धूर्त। चालाक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगवाना  : स० [हिं० जगाना का प्रे० रूप] किसी को जगाने में प्रवृत्त करना। जगाने का काम दूसरे से कराना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगसूर  : पुं० [सं० जगत-सूर] राजा। उदाहरण–बिनती कीन्ह घालि गिउ पागा, ए जगसूर सीउ मोहि लागा।–जायसी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगसेन  : स्त्री० [हिं० जग] संसार–प्रसिद्ध। उदाहरण–स्यामि समुँद्र मोर निरमल रतनसेनि जगसेनि।–जायसी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगहँसाई  : स्त्री० [हिं० जग+हँसना] लोगों का किसी पर उसके कोई मर्यादा विरुद्ध काम करने पर हंसना। जगत् में होनेवाली बदनामी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगह  : स्त्री० [फा० जायगाह] १. कोई विशिष्ट भू-भाग या उसका विस्तार। स्थान। २. बीच में होनेवाला अवकाश या विस्तार। ३. वह पद या स्थान जहाँ पर कोई काम करता हो। जैसे–इस समय कार्यालय में कोई जगह खाली नहीं है। ४. अवसर। मौका। जैसे–हर बात अपनी जगह पर अच्छी मालूम होती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगहर  : स्त्री० [हिं० जगना] जागते रहने की अवस्था या भाव। वि० जागता हुआ। जागनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगाजोति  : स्त्री०=जगमगाहट।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगात  : पुं०=जकात।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगाती  : पुं० [अ० जकात-कर] १. कर उगाहने की क्रिया या भाव। २. कर उगाहनेवाला अधिकारी। उदाहरण–काहै कौ कर माँगतौं बिरह जगाती आइ।–रसनिधि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगाना  : स० [हिं० जगाना] १. ऐसी क्रिया करना जिससे कोई जाग उठे। जागने में प्रवृत्त करना। २. तंत्र, मंत्र आदि के प्रसंग में,किसी अलौकिक या दैवी शक्ति को जाग्रत करके अपने अनुकूल करने का प्रयत्न करना। जैसे–अलख जगाना, जादू जगाना। ४. धूमिल या मद्धिम चीज को उज्जवल और स्पष्ट करना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगार  : स्त्री० [हिं० जागना] जागरण। जाग्रति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगी  : स्त्री० [देश०] मोर की जाति की एक प्रसिद्ध बड़ी चिड़ियां जिसका शिकार किया जाता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगीत  : स्त्री०=जगत (कूएँ के ऊपर का चबूतरा)।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगीर  : स्त्री=जागीर।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगीला  : वि० [हिं० जागना] [स्त्री० जगीली] १. जागता हुआ। जागा हुआ। २. जागने के कारण थका तथा आलस्य से भरा हुआ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगुरि  : पुं० [सं०√ गृ (निकलना)+किन्, द्वित्व, उत्व] जंगम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगैया  : वि० [हिं० जगाना] जगानेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जगौहाँ  : वि० [हिं० जागना] १. बराबर जागता रहनेवाला। २. दूसरों को जगाने का प्रयत्न करता रहनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जग्ग  : पुं० [हिं० जग] जगत्। पुं० [सं० यज्ञ] यज्ञ।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है) पुं०=जंग।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जग्य  : पुं०=यज्ञ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जग्युपवीत  : पुं० [सं०√गम् (जाना)+कि, द्वित्व] वायु। हवा वि० जिसमें गति हो। गतिमान। गतिशील।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जघन  : पुं० [√ हन् (मारना)+अच्, द्वित्व] १. पेड़। (विशेषतः स्त्रियों का)। २. चूतड़। ३. जंघा। जाँघ। ४. सेना का पिछला भाग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जघन-कूप  : पुं० [ष० त०] चूतड़ के ऊपर का गड्ढा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जघनकूपक  : पुं० [जघनकूप√ कै (शब्द करना)+क] जघन-कूप।(दे०)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जघन-चपला  : स्त्री० [ब० स०] १. दुश्चरित्रा स्त्री। कुलटा। २. वह स्त्री जो बहुत तेजी से नाचती हो। ३. आर्या छंद का एक भेद जिसका कोई पूर्वार्द्ध आर्या छंद का और उत्तरार्द्ध चपला छंद का होता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जघनी(निन्)  : वि० [सं० जघन+इनि] जिसके नितंब बड़े-बड़ें हों।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जघन्य  : वि० [सं० जघन+यत्] [भाव० जघन्यता] १. अंतिम सीमा पर का। चरम। २. बहुत ही निंदनीय और बुरा। गर्हित। ३. क्षुद्र। नीच। पुं० १. नीच जाति का व्यक्ति। २. पीठ पर का पुट्ठे के पास का भाग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जघन्यज  : पुं० [सं० जघन्य√ जन् (उत्पत्ति)+ड] १. शूद्र। २. अंत्यज।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जघन्य-भ  : पुं० [कर्म० स०] आर्द्रा, अश्लेषा, स्वाति, ज्येष्ठा, भरणी और शतभिषा ये छः नक्षत्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जघ्नि  : पुं० [सं०√हन् (मारना)+किन्, द्वित्व] १. वह जो वध करता हो। २. वध करने का अस्त्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जघ्नु  : वि० [सं०√ हन्+कु, द्वित्व] वध करनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जघ्रि  : पुं० [सं०√घ्रा (सूँघना)+कि, द्वित्व] सूँघनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
ज़चगी  : स्त्री० [फा०] १. प्रसव। २. प्रसूतावस्था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जचना  : अ=जँचना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
ज़चा  : स्त्री०=जच्चा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जच्चा  : स्त्री० [फा० जच्चः] वह स्त्री जिसको हाल ही में बच्चा हुआ हो। प्रसूता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जच्चा-खाना  : पुं० [फा० जचः खाना] सूतिका-गृह। सौरी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जच्छ  : पुं=यक्ष।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जच्छपति  : पुं०=यक्षपति।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जच्छेस  : पुं०=यक्षेश्वर।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जज  : पुं० [सं०√जज् (युद्ध करना)+अच्] योद्धा। पुं० [अं०] न्यायधीश (दे०)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जजना  : स० [सं० यजन] १. आदर करना २. पूजना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जजमनिका  : स्त्री० [हिं० जजमान] पुरोहिताई।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जजमान  : पुं०=यजमान।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जजमानी  : स्त्री० [सं० यजमान] १. यजमान होने की अवस्था, पद या भाव। २. ऐसी वृत्ति जो यजमानों के कृत्य कराने से चलती हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जजा  : स्त्री० [अ० जज़ा] १. बदला। प्रतिफल। २. परलोक में मिलनेवाला अच्छा या बुरा फल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जजाति  : पुं०=ययाति।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जजित  : पुं० [सं० यज्ञ] यज्ञकर्त्ता। उदाहरण–सुकरि कमंडल बारि, जजित आह्रान थान दिया।–चंदबरदाई।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जजिमान  : पुं०=यजमान।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जजिया  : पुं० [अ० जजियः] १. दंड। २. मुसलमानी राज्य-काल में अन्य धर्मवालों पर लगने वाला एक प्रकार का कर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जजी  : स्त्री० [हिं० जज+ई (प्रत्यय)] १. जज होने की अवस्था, पद या भाव। २. जज की कचहरी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जजीरा  : पुं० [अ० जजीरः] द्वीप।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जजीरानुमा  : पुं० [अ०] प्रायद्वीप।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जज्ज  : पुं=जज (न्यायाधीश)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जज्ञ  : पुं=यज्ञ।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जज्ब  : वि० [अ० जज़्ब](यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है) १. जो सीख लिया गया हो। शोषित। २. जो हड़प लिया गया हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जज्बा  : पुं० [अ० जज़्बा] १. भाव। भावना। २. जोश। ३. रोष।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जझर  : पुं० [हिं० झरना] लोहे की चद्दर का तिकोना टुकड़ा जो उसमें से तवे काटने के बाद बच रहता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जट  : पुं० [?] एक प्रकार का गोदना जो झाड़ के आकार का होता है। पुं० [हिं० जाट] १. पंजाब में खेती-बारी करनेवाली एक जाति २. कृषक। किसान।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटना  : स० [सं० जटन या हिं० जाट] धोखा देकर किसी की कोई चीज ले लेना। ठगना। स०=जड़ना।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटल  : स्त्री० [सं० जटिल] व्यर्थ और झूठ-मूठ की बात। गप। बकवास। मुहावरा–जटल काफिये उड़ाना या मलाना=बेसिर-पैर की और व्यर्थ की बातें करना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटा  : स्त्री० [√जट् (परस्पर संलग्न होना)+अच्-अन] १.सिर के लंबे तथा आपस में गुथे और लिपटे हुए बालों की ऐसी लट जो कभी चिकनाई या सुलझाई न गई हो। जैसे–ऋषि मुनियों या साधुओं की जटा। २. बालों जैसी किसी वस्तु का चिपका हुआ रूप। जैसे–नारियल की जटा। ३. पेड़-पौधों की जड़ों के आपस में गुथे हुए पतले-पतले रेशों या सूतों का समूह। झकरा। ४. जटामासी। ५. जूट। पाट। ६. केवाँच। ७. वेद-पाठ का एक प्रकार जिसमें मंत्र के दो या तीन पदों को क्रमानुसार पूर्व और उत्तरपद पहले पृथक् पृथक् और फिर मिलाकर दो बार पढ़े जाते हैं। ८. शतावर। ९. बालछड़।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटा-चीर  : पुं० [ब० स०] शिव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटा-जूट  : पुं० [ष० त०] जटा को लपेटकर बनाया जानेवाला जूड़ा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटा-ज्वाल  : पुं० [ब० स०] दीया।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटा-टंक  : पुं० [ब० स०] शिव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटाटीर  : पुं० [सं० जटा√अट् (प्राप्त होना)+ईरन्] शिव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटा-धर  : वि० [ष० त०]=जटाधारी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटा-धारी(रिन्)  : वि० [सं० जटा√ धृ (रखना)+णिनि] जिसके सिर पर जटा हो। पुं० १. शिव। २. ऐसा साधु जिसके सिर पर जटा हो। ३. मरसे की जाति का एक पौधा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटाना  : अ० [हिं० जटना] धोखे में आकर ठगा जाना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटा-पटल  : पुं० [ब० स०] वेदपाठ का एक जटिल क्रम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटामांसी  : स्त्री० [जटा√मन् (जानना)+स, दीर्घ, ङीष्] औषध के काम आनेवाली एक प्रकार की सुंगधित वनस्पति। बालछड़।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटा-माली(लिन्)  : पुं० [जटा-माला, ष० त०+इनि] शिव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटामासी  : स्त्री०=जटा-मांसी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटायु  : पुं० [सं० जटा√या (गति)+कु] एक प्रसिद्ध गिद्ध जिसने सीता को हरण करके ले जाते हुए रावण से युद्ध किया था और उसी के हाथों मारा गया था। यह सूर्य के सारथी अरुण का पुत्र था जो उसकी श्येनी नामक पत्नी के गर्भ से उत्पन्न हुआ था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटाल  : वि० [सं० जटा+लच्] जटा से युक्त। २. कचूर। ३. मुष्कक। मोरवा। ४. गुग्गुल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटाला  : स्त्री० [सं० जटाल+टाप्] जटामांसी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटाव  : स्त्री० [देश०] कुम्हारों की बोली में वह मिट्टी जिससे वे बरतन आदि बनाते हैं। पुं० [हिं० जटना] जटने या जटे जाने अर्थात् ठगने या ठगे जाने की क्रिया या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटावती  : स्त्री० [सं० जटा+मतुप्, वत्व, ङीप्] जटामांसी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटा-वल्ली  : स्त्री० [उपमि० स०] १. रुद्र जटा। शंकर जटा। २. गंधमासी नाम की वनस्पति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटासुर  : पुं० [जटा-असुर, मध्य० स०] १. एक प्रसिद्ध राक्षस जिसका वध भीम ने उस समय किया था जब वह ब्राह्मण वेश धारण करके द्रौपदी को हर कर ले जा रहा था। २. एक प्राचीन देश।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटित  : भू० कृ० [सं०√जट् (जुड़ना)+क्त+इतच्] जड़ा हुआ। जैसे–रत्नजटित मुकुट या सिंहासन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटियल  : वि० [सं० जटिल] निकम्मा। रद्दी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटिल  : वि० [सं० जटा+इलच्] १. जटावाला। जटाधारी। २. (व्यक्ति) जिसके सिर पर जटा हो। ३. (कार्य) जो इतना अधिक उलझा हुआ हो कि सरलता से संपन्न न किया जा सके। ४. (बात) जो इतनी पेचीली हो कि जल्दी समझ में न आ सके। ५. क्रूर। पुं० १. शिव। २. जटामांसी। ३. ब्रह्मचारी। ४. सिंह।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटिलक  : पुं० [सं० जटिल+कन्] १. एक प्राचीन ऋषि का नाम। २. उक्त ऋषि के वंशज।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटिलता  : स्त्री० [सं० जटिल+तल्-टाप्] जटिल होने की अवस्था, गुण या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटिला  : स्त्री० [सं० जटिल+टाप्] १. ब्रह्मचारिणी। २. जटामांसी। ३. पिप्पली। पीपल। ४. बचा। बच। ५. दोना। ६. एक ऋषि कन्या जिसका विवाह सात ऋषि पुत्रों से हुआ था। (महाभारत)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जटी(टिन्)  : वि० [सं० जटा+इनि] जटाधारी। पुं० १. शिव। २. बरगद। स्त्री० [√ जट्√इन-ङीष्]=जटामांसी। जटुल
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जट्टा  : पुं० [हिं० जाट] एक प्रसिद्ध खेतिहर जाति। उदाहरण–ब्रज के गूजर जट्टा।–भगवत रसिक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जठर  : पुं० [√जन् (उत्पन्न होना)+अर, ठ आदेश] १. पेट। २. पेट का भीतरी भाग। ३. किसी वस्तु का भीतरी भाग। ४. एक उदर रोग जिसमें पेट फूलने लगता है और भूख बन्द हो जाती है। ५. शरीर। ६. एक पर्वत। (पुराण)। वि० १. जो कठोर कड़ा या दृढ़ हो। २. पुराना। ३. वृद्ध। ४. बँधा या बाँधा हुआ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जठर-गद  : पुं० [ष० त०] आँत में होनेवाला विकार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जठर-ज्वाला  : स्त्री० [ष० त०] १. पेट में लगनेवाली भूख अथवा इस भूख से होनेवाला कष्ट। २. शूल। (दे०)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जठराग्नि  : स्त्री० [जठर-अग्नि, मध्य० स०] जठर या पेट के अंदर का वह शारीरिक ताप जिससे खाया हुआ अन्न पचता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जठराजि  : स्त्री०=जठराग्नि।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जठरानल  : पुं० [जठर-अनल, मध्य० स०] जठराग्नि। (दे०)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जठरामय  : पुं० [जठर-आमय] १. अतिसार रोग। २. जलोदर (रोग)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जठारि  : पुं० [देश०] पाला। उदाहरण–पूस मास जठारि पड़त बा, जस कुठार के घाई।–
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जठेरा  : वि० [हिं० जेठ, सं० ज्येष्ठ] [स्त्री० जठेरी] जो अवस्था में किसी से अपेक्षाकृत बड़ा हो। जेठा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़  : वि० [√जल् (जमना)+अच्, ड आदेश] १. जिसमें जीवन न हो। निर्जीव। २. जिसमें चेतना शक्ति हो। अचेतन। ३. जिसमें कुछ भी बुद्धि या ज्ञान विशेषतः व्यावहारिक बुद्धि या ज्ञान न हो। ४. वेद पढ़ने में असमर्थ। ५. ठंढ़ा। ६. ठंढ़ आदि से ठिठुरा हुआ। स्त्री० [सं० जटा] १. पेड़-पौधों आदि का नीचेवाला वह मूल भाग जो जमीन के अन्दर रहता है और जो जमीन में से रस खींचकर उन पेड़-पौधों का पोषण और वृद्धि करता है। मूल। मुहावरा–(किसी की) जड़ उखाड़ना, काटना या खोदना=(क) ऐसा काम करना जिससे कोई पिर उमड़ या पनप न सके। (ख) किसी की बहुत बड़ी हानि करना। (किसी की) जड़ जमना=ठीक प्रकार से चल या बढ़ सकने की स्थिति में हो जाना। जड़ जमाना=ऐसा काम या प्रयास करना जिससे कोई स्थान पर टिककर अपने कार्य में सफलतापूर्वक अग्रसर होता जाय। (किसी की) जड़ (में) लगना=किसी की बहुत बड़ी हानि करने में प्रयत्नशील होना। उदाहरण–सउतिनि जर लागल हो रामा।–ग्रा० गीत। जड़ों में तेल या पानी देना=समूल नाश करने का प्रयत्न करना या कुचक्र रचना। २. नींव। आधार-स्थल। जैसे–आपको पहले संस्था की जड़ मजबूत करनी चाहिए। ३. किसी चीज का बिलकुल नीचेवाला भाग। जैसे–नाखून को जड़ से मत काटों। ४. वह भाग या स्थल जिसमें कोई चीज गड़ी या फँसी हुई हो। जैसे–दाँत या बाल को ज़ड़ से निकालो। ५. किसी कार्य या मूल कारण या प्रेरक। जैसे–चलो, इस झगड़े की जड़ ही कट गई।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़-आमला  : पुं० [हिं० जड़+आमला] भुँइ आँवला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़कना  : अ० [हिं० जड़] जड़ के समान हो जाना। निश्चल या स्तब्ध होना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़-काला  : पुं० [हिं० जाड़ा+सं० काल] जाड़े का समय। सरदी के दिन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़-जगत्  : पुं० [कर्म० स०] ऐसा जगत् जो जड़ के रूप में हो। पाँच भौतिक पदार्थों की समष्टि। जड-प्रकृति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ता  : स्त्री० [सं० जड़+तल्–टाप्] १. जड़ (अर्थात् निर्जीव, अचेतन या मूर्ख) होने की अवस्था, गुण या भाव। २. साहित्य में एक संचारी भाव और पूर्वराग की दस दशाओं में से एक जो ऐसी अवस्था का सूचक है जिसमें मनुष्य आश्चर्य या भय के कारण इतना अधिक स्तब्ध हो जाता है कि उसे अपने कर्त्तव्य की ही सुध नहीं रहती।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ताई  : स्त्री०=जड़ता।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़त्व  : पुं० [सं० जड़√त्व]=जड़ता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ना  : स० [सं० जटन] १. किसी चीज की किसी दूसरी चीज के तल में ठोंक या धँसाकर इस प्रकार जमाना या बैठाना कि वह अपने स्थान से इधर-उधर न हो सके। जड़ जमाते हुए कहीं कुछ बैठाना या लगाना। जैसे–तख्ते या दीवार में कील जड़ना। २. किसी प्रकार के अवकाश में कोई चीज इस प्रकार जमाकर बैठाना कि वह अपने स्थान से इधर-उधर न हो सके। जैसे–अँगूठी में नगीना जड़ना, दीवार बनाते समय उसमें खिड़की या दरवाजे की चौखट जड़ना। ३. जोर से आघात या प्रहार करना। जैसे–थप्पड़, मुक्का या लाठी जड़ना। ४. किसी के संबंध में कोई बात किसी दूसरे से चोरी से कहना। चुगली खाना। लगाना। जैसे–(क) उन्होंने सब बातें भाई साहब से जड़ दीं। (ख) किसी ने तुम्हें जड़ दिया है इसलिए तुम ऐसी बातें करते हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़-पदार्थ  : पुं० [कर्म० स०] अचेतन पदार्थ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़-प्रकृति  : स्त्री० [कर्म० स०] जड़-जगत् (दे०)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ भरत  : पुं० [उपमि० स०] आंगरिस गोत्री एक ब्राह्मण जो संसार की आसक्ति से बचने के लिए जड़वत् रहते थे इसलिए जड़ भरत कहलाते थे।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़-वाद  : पुं० [ष० त०] एक दार्शनिक सिद्धान्त जिसके अनुसार चेतन आत्मा का अस्तित्व नहीं माना जाता और सब कुछ जड़ता का ही विकार माना जाता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़वादी(दिन्)  : वि० [सं० जड़वाद+इनि] जड़वाद का अनुयायी या समर्थक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़वाना  : स० [हिं० जड़ना का प्रे० रूप] जड़ने का काम दूसरे से कराना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़-विज्ञान  : पुं० [ष० त०]=पदार्थ विज्ञान।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़वी  : स्त्री० [हिं० जड़] धान का वह छोटा पौधा जिसे जमे अभी थोड़े ही दिन हुए हों।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़हन  : पुं० [हिं० जड़+हनन-गाड़ना] वह धान जिसके पौधे को एक जगह से उखाड़कर दूसरी जगह पर रोपा जाता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ा  : स्त्री० [सं० जड़+णिच्+अच्–टाप्] १. भुईंआमला। २. केवाँच। कौंछ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ाई  : स्त्री० [हिं० जड़ना] जड़ने की क्रिया, भाव या मजदूरी। स्त्री०=जड़ता।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ाऊ  : वि० [हिं० जड़ना] (वह आभूषण) जिसमें नग, मोती, रत्न आदि जड़े हुए हों।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ान  : स्त्री० [हिं० जड़ना] जड़े जाने की क्रिया या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ाना  : स०=जड़वाना। अ०=जड़ा जाना।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है) अ० [हिं० जाड़ा] सरदी से ठिठुरना। उदाहरण–नगन जड़ाती ते अब नगन जड़ाती हैं।–भूषण।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ाव  : पुं० [हिं० जड़ना] जड़ने या जड़े जाने की क्रिया, ढंग या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ावट  : स्त्री०=जड़ाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ावर  : पुं० [हिं० जाड़ा] १. जाड़े में पहनने के वस्त्र। २. वे वस्त्र जो किसी कर्मचारी को अथवा नौकर, मजदूर आदि को पहनने के लिए जाड़े के दिनों में दिये जाते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ावर्त्त  : पुं० [सं० जड़-आवर्त्त, ष० त०] दार्शनिक और धार्मिक क्षेत्रों में अज्ञान का आवर्त्त या चक्कर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ावल  : पुं०=जड़ावर।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ित  : वि० [सं० जटित] १. जड़ा हुआ। २. जकड़ा हुआ। (असिद्ध प्रयोग)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़िमा  : स्त्री० [सं० जड़+इमानिच्] १. जड़ता। जड़त्व। २. ऐसी अवस्था जिसमें मनुष्य इस प्रकार जड़वत् हो जाता है कि उसे भले-बुरे सुख-दुख या हानि-लाभ का ज्ञान ही नहीं होने पाता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़िया  : पुं० [हिं० जड़ता] वह सुनार जो गहनों पर नगीनें आदि जड़ने का काम करता हो। कुंदनसाज।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ी  : स्त्री० [हिं० जड़] किसी वनस्पति की वह जड़ जो औषध के रूप में काम आती हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ी-बूटी  : स्त्री० [हिं०] औषध के काम आनेवाली जंगली वनस्पतियाँ और उनकी जड़ें।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ीभूत  : वि० [सं० जड़+च्वि√भू (होना)+क्त, दीर्घ] जो जड़ अथवा जड़ के समान अचेतन हो गया हो। जिसमें हिलने-डुलने की शक्ति न रह गई हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ीला  : वि० [हिं० जड़+ईला (प्रत्यय)] जिसमें जड़ हो। जड़ से युक्त।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ुआ  : पुं० [हिं० जड़ना] पैर के अँगूठे में पहनने का एक आभूषण।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ुँल  : पुं० [सं० जटुल] त्वचा पर का काला दाग। लच्छन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जड़ैया  : स्त्री० [हिं० जड़ा+ऐया (प्रत्यय)] वह ज्वर जिसके आने के समय जाड़ा लगता हो। जू़ड़ी। मलेरिया। वि०=जड़िया (=जड़नेवाले)।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जढ़  : वि० [भाव० जढता]=जड़। स्त्री=जड़।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जढ़ाना  : अ०=जड़ाना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जण  : पुं०=जन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जत  : वि० [सं० यत्] जितना। जिसे मात्रा का। क्रि० वि० जिस मात्रा में। पुं० [सं० यति] ढोलक, तबले आदि में, एक प्रकार का ठेला या ताल। स्त्री०=यति (कविता की)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जतन  : पुं०=यत्न।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जतनी  : वि० [सं० यत्नी] १. यत्न करनेवाला। २. चालाक या धूर्त्त। स्त्री० [सं० यत्न ?] सूत कातने के चर्खे की वह रस्सी जो उसकी चरखी के पंखों परबँधी रहती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जतलाना  : स०=जताना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जतसर  : पुं०=जंतसर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जताना  : स० [सं० ज्ञाप्त] १. किसी को किसी बात की जानकारी कराना। ज्ञात कराना। बतलाना। २. पूर्व सूचना देना। सचेत करने के लिए पहले से सूचना देना। चेताना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जतारा  : पुं० [सं० जाति] कुल। जाति। वंश।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जति  : पुं०=यति। वि० [सं०√जित्] जीतनेवाला।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जती  : पुं०=यति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जतु  : पुं० [सं०√जन् (उत्पन्न होना)+उ, त आदेश] १. वृक्ष में से निकलनेवाला गोंद। २. लाक्षा। लाख। ३. शिलाजीत।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जतुक  : पुं० [सं० जंतु√कै (प्रतीतहोना)+क] १. हीग। २. लाख। ३. त्वचा पर का काला चिन्ह। लच्छन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जतुका  : पुं० [सं० जतुक+टाप्] १. पहाड़ी नामक लता जिसकी पत्तियाँ ओषधि के काम आती है। २. चमगादड़। ३. लाक्षा। लाख।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जतुकारी  : स्त्री० [सं० जतुक्√ऋ (गमनादि)+अण्-ङीष्] पपड़ी नामक लता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जतु-कृष्णा  : स्त्री० [उपमि० स०] जतुका या पपड़ी नामक लता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जतु-गृह  : पुं० [मध्य० स०] १. घास-फूस की झोपड़ी। २. लाख का वह घर जो वारणावत में दुर्योधन ने पांडवों के रहने के लिए बनवाया था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जतुनी  : स्त्री० [सं० जतु√नी (पहुँचाना)+क्विप्] चमगादड़।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जतु-पुत्रक  : पुं० [सं० जतु-पुत्र मध्य० स०√कै (प्रतीत होना)+क] १. शतरंज का मोहरा। २. चौंसर की गोटी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जतु-रस  : पुं० [ष० त०] राख से बनाया जानेवाला लाल रंग जिसे स्त्रियाँ पैरों, हाथों आदि पर लगाती हैं। अलक्तक। आलता। महावर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जतूका  : स्त्री० [सं० जतुका, नि० दीर्घ] जतुका। (दे०)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जतेक  : क्रि० वि० [सं० यत्, या हिं० जितना+एक] जिस मात्रा में। वि० जितना।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जत  : पुं०=जगत। पुं०=यति।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जत्था  : पुं० [सं० यूथ] एक ही वर्ग विचार या संप्रदाय के लोगों का समूह जो एक स्थान से दूसरे स्थान पर किसी विशिष्ट उद्धेश्य से जाता हो। जैसे–यात्रियों का जत्था, स्वंय-सेवकों का जत्था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जत्र  : क्रि० वि०=यंत्र।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जत्रानी  : स्त्री० [?] रुहेलखंड में बसी हुई जाटों की एक जाति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जत्रु  : पुं० [सं०√जन् (उत्पत्ति)+रु, त आदेश] धड़ के ऊपरी भाग में गले के नीचे और छाती के ऊपर दोनों ओर की अर्द्ध-चंद्राकार हड्डियाँ। हँसली।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जत्रुक  : पुं० [सं० जत्रु+कन्]=जत्रु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जत्वश्मक  : पुं० [सं० जंतु-अश्मन्, मध्य० स०+कन्] शिलाजीत।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जथा  : अव्य=यथा। स्त्री० [हिं० गथ] पूँजी। धन। स्त्री० [सं यूथ हि० जत्था] मंडली।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जथारथ  : वि०=यथार्थ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जद  : अव्य० [सं० यदा] १. जिस समय। २. जब कभी। ३. यदि। स्त्री० [फा० जद] १. आघात। चोट। २. लक्ष्य। निशाना। ३. हानि। नुकसान।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदनी  : वि० [फा०] मारने योग्य। वाध्य। स्त्री० मारने की क्रिया या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदपि  : अव्य=यद्यपि।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदबद  : पुं=जद्दबद्द।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदल  : पुं० [अं०] युद्ध। लड़ाई।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदवर, जदवार  : पुं० [अ० जडदवार] निर्विषी नामक ओषदि। निर्विसी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदा  : वि० [फा० ज़दा] १. जिस पर किसी प्रकार का आघात हुआ हो। २. पीड़ित।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदि  : अव्य=यदि। २. =जब।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदीद  : वि० [अ०] १. नया । नवीन। २. आधुनिक। हाल का।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदु  : पुं०=यदु।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदुकुल  : पुं०=यदुकुल।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदुपति  : पुं० [सं० यदुपति] श्रीकृष्ण।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदुपाल  : पुं० [सं० यदुपाल] श्रीकृष्ण।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदुपुर  : पुं०=यदुपुर (मथुरा)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदुबंसी  : पुं०=यदुवंशी।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदुबीर  : पुं०=यदुवीर।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदुराई  : पु० [सं० यदुराज] श्रीकृष्णचंद्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदुराज  : पुं० [सं० यदुराज] श्रीकृष्ण चंद्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदुराम  : पुं० [सं० यदुराम] यदुकुल के राम। बलदेव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदुराय  : पुं० [सं० यदुराज] श्रीकृष्णचंद्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदुबर  : पुं० [सं० यदुवर] श्रीकृष्णचंद्र।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जदुवीर  : पुं=यदुवीर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जद्द  : पुं० [अं०] १. दादा। पितामह। २. पूर्वज। वि० [अ० ज्यादा] अधिक। ज्यादा। वि० [फा० जद] प्रचंड। प्रबल। अव्य० [सं० यदि] १. जब। २. जब कभी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जद्दपि  : अव्य०=यद्यपि।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जद्दबद्द  : पुं० [सं० यत्+अवद्य] अकथनीय या अश्लील बात।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जद्दव  : पुं० [सं० यादव] श्रीकृष्ण। उदाहरण–का चहुआनि कित्ति, जेपि जद्दव रस चंगी।–चंदबरदाई।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जद्दी  : वि० [अं०] (वह अधिकार या संपत्ति) जो बाप-दादाओं से उत्तरा-धिकार में मिलती हो। बाप-दादाओं के समय से चला आनेवाला। स्त्री० कोशिश। प्रयत्न।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जद्दौ  : पुं० [सं० यादव] यादववंशी राजा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनंगम  : पुं० [सं० जन्√गम् (जाना)+खच्, मुम्, आगम] चांडाल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन  : पुं० [सं०√जन् (उत्पन्न होना)+अच्] १. लोक। लोग। २. प्रजा। ३. सेवक। जन। ४. अनुयायी। अनुचर। ५. समुदाय। समूह। ६. सात लोको में से पाँचवा लोक। अव्य=जनि (नहीं)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-आंदोलन  : पुं० [ष० त०] वह आंदोलन जिसमें जनता अथवा बहुत से लोग भाग लें।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनक  : वि० [√जन्+णिच्+ण्वुल्–अक] जननेवाला। जन्म देनेवाला। पुं० १. पिता। २. मिथिला के एक राजवंश की उपाधि। ३. मिथिला के राजा जिनकी सीता कन्या थी। ४. शंबरासुर का चौथा पुत्र। ५. एक वृक्ष का नाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनक-तनया  : स्त्री० [ष० त०] सीता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनकता  : स्त्री० [सं० जनक+तल्-टाप्] जनक होने की अवस्था या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनक-नंदिनी  : स्त्री० [ष० त०] सीता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनक-पुर  : पुं० [ष० त०] मिथिला की राजधानी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनक-सुता  : स्त्री० [ष० त०] सीता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनकात्मजा  : स्त्री० [जनक-आत्मजा, ष० त०] सीता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-कारी(रिन्)  : पुं० [जन्√कृ (बिखेरना)+णिनि, उप० स०] अलक्तक। अलक्तका। अलता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनकौर  : पुं० [हिं० जनक+औरा (प्रत्यय)] १. जनकपुर। २. राजा जनक के वंशज।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनखा  : पुं० [फा० ज़न्खः] १. वह व्यक्ति जिसके कार्य व्यापार या हाव-भाव औरतों जैसे हों। २. वह व्यक्ति जिसमें किसी प्रकार के शारीरिक विकार के कारण बच्चे उत्पन्न करने की शक्ति न हो। नपुंसक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-गणना  : स्त्री० [ष० त०] किसी देश या राज्य के समस्त जनों अर्थात् निवासियों की गणना। वह कार्य जिसके द्वारा यह जाना जाता है कि इस देश में कुल कितने व्यक्ति हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनगी  : स्त्री० [देश०] मछली।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनघर  : पुं० [सं० जन-गृह] मंडप। (डिं०)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-चक्षु(स्)  : पुं० [ष० त०] सूर्य।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-चर्चा  : स्त्री० [स० त०] वह बात जिसकी चर्चा सब लोग करते या कर रहे हों। सर्वसाधारण में फैली हुई बात। जनश्रुति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-जागरण  : पुं० [ष० त०] जनता के जागरूक होने की स्थिति या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-जाति  : स्त्री० [ष० त०] जंगलों, पहाड़ों आदि पर रहनेवाली ऐसी असभ्य जाति या लोगों का वर्ग जो साधारणतः एक ही पूर्वज के वंशज होते है और जिनका प्रायः एक ही पेशा, एक जैसे विचार और एक जैसी रहन-सहन होती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनड़ी  : स्त्री० [सं० जनती] माँ। माता। (स्त्रियाँ)(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-तंत्र  : पुं० [ष० त०] वह शासन प्रणाली जिसमें देश या राज्य का शासन जनता द्वारा स्वयं अथवा जनता के प्रतिनिधियों द्वारा होता हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनता  : स्त्री० [सं० जन+तल्-टाप्] १. जन का भाव। २. किसी देश या राज्य में रहनेवाले कुल व्यक्तियों की संज्ञा। प्रजा। जन-साधारण।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-त्रा  : स्त्री० [जन√त्रै (रक्षा करना)+क] छाता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनथोरी  : स्त्री० [देश०] कुकड़बेल। बंदाल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-देव  : पुं० [ष० त०] १. राजा। २. महाभारत में वर्णित मिथिला का एक राजा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-धन  : पुं० [द्व० स०] मनुष्य और उसकी संपत्ति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनधा  : पुं० [सं० जन√धा (रखना)+क्विप्] अग्नि। आग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनन  : पुं० [सं०√जन् (उत्पत्ति)+ल्युट-अन] १. जनने अर्थात् संतान को जन्म देने की क्रिया या भाव। २. उत्पत्ति। ३. आविर्भाव। ४. [√जन्+णिच्+ल्यु-अन] पिता। ५. कुल। वंश। ६. ईश्वर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनन-गति  : स्त्री० [ष० त०] किसी एक वर्ष में किसी एक स्थान पर बसे हुए एक हजार व्यक्तियों के पीछे जन्मे हुए बच्चों की संख्या। (बर्थरेट)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनना  : स० [सं० जनन] जन्म देकर बच्चों को अस्तित्व में लाना। जन्म देना। प्रसव करना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जननाशौच  : पुं० [सं० जनन-अशौच, तृ० त०] वह अशौच जो घर में बच्चे के जन्म लेने पर लगता है। वृद्धि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जननि  : स्त्री=जननी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जननिर्देश  : पुं० [सं०] आधुनिक राजनीति में, जनता के प्रतिनिधियों विधान सभाओं आदि के निश्चयों या प्रस्तावित कार्यों आदि के संबंध में की जानेवाली वह व्यवस्था जिसके अनुसार यह जाना जाता है कि मत-दाता वर्ग उस बात के पक्ष में है या नहीं। (रेफरेण्डम)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जननी  : स्त्री० [सं०√जन्+अनि-ङीष्] जन्म देने वाली स्त्री। माँ। माता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जननेंद्रिय  : स्त्री० [सं० जन-इंद्रिय, ष० त०] वह इंद्रिय जो जनने (जैसे–योनि) या जनाने (जैसे–लिंग) का काम करती हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-पद  : पुं० [ब० स०] [वि० जान-पद, जानपदिक, जनपदीय] १. मनुष्यों से बसा हुआ स्थान। बस्ती। २. किसी राज्य की वह समस्त भूमि जिसमें केवल राजधानी का क्षेत्र सम्मिलित न हो। राजधानी के अतिरिक्त बाकी सारा राज्य। ३. किसी देश का वह अंश या भाग जिसमें एक ही तरह की बोली बोलने वाले लोग बसते हों। सूबा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनपद–कल्याणी  : स्त्री० [ष० त०] वेश्या।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनपदी(दिन्)  : पुं० [सं० जनपद+इनि] जन-पद का शासक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनपदीय  : वि० [सं० जनपद+छ-ईय] जनपद संबधी। जनपद का।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-पाल  : पुं० [जन्√पल् (पालन करना)+णिच्+अण्, उप० स०] १. मनुष्यों का पालन करनेवाला व्यक्ति। २. राजा। ३. सेवक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-प्रवाद  : पुं० [स० त०] जनता में फैली हुई कोई बात।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-प्रिय  : वि० [ष० त०] [भाव० जनप्रियता] १. (व्यक्ति) जो जनता को प्रिय हो। जैसे–जनप्रिय नेता। २. (बात आदि) जिसे जन-साधारण उचित या वांछनीय समझते हों। जैसे–जनप्रिय विचार या सिद्धांत। ३. धनिया। ४. सहिंजन का पेड़।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-प्रिया  : स्त्री० [ष० त०] हुलहुल का साग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनबगुल  : पुं० [सं० जन+हिं० बगुला] बगुलों की एक जाति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनम  : पुं० [सं० जन्म] १. जन्म। २. जीवन-काल। आयु। जिंदगी। मुहावरा–जनम गँवाना या घालना=व्यर्थ जीवन नष्ट करना। उदाहरण–देखत जनम आपनौ घालै।–कबीर। जनम हारना=(क) व्यर्थ सारा जीवन बिताना। (ख) जन्म भर किसी का दास होकर रहने की प्रतिज्ञा करना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनमघूँटी  : स्त्री० [हिं० जनम+घूँटी] वह घूँटी जो बच्चों को जन्म लेने के बाद कुछ दिनों तक दी जाती है। मुहावरा–(किसी बात का) जन्म-घूँटी में पड़ना=जन्म से ही (किसी बात का) अभ्यास या चसका होना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनम-जला  : वि० [हिं० जनम+जलना] [स्त्री० जनमवाली] अभागा। भाग्यहीन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-मत  : पुं० [ष० त०] १. आधुनिक राजनीति में किसी विशिष्ट प्रदेश या स्थान के वयस्क निवासियों का वह मत जो किसी प्रकार की संधि या सार्वराष्ट्रीय संस्था के निर्णय के अनुसार यह जानने के लिए दिया जाता है कि वे लोग किस अथवा किस के राज्य० या शासन में रहना चाहते हैं। (प्लेबिसाइट) २. दे० लोकमत।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनमधरती  : स्त्री=जन्मभूमि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनमना  : अ० [सं० जन्म] १. जन्म लेकर अस्तित्त्व में आना। २. खेल में मरे हुए व्यक्ति का या मरी हुई गोटी का फिर से खेल में सम्मलित होने के योग्य होना। स० संतान को जन्म देना प्रसव करना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनमपत्री  : स्त्री०=जन्मपत्री।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-मरक  : पुं० [ष० त०] वह बीमारी या रोग जिससे बहुत से लोग मरते हों। महामारी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-मर्यादा  : स्त्री० [ष० त०] लौकिक आचार या रीति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनमसँधाती  : वि० [हिं० जनम+संघाती] १. जिसका साथ जन्म से ही रहा हो। २. जो जन्म भर साथ रहे। पुं० मित्र। घनिष्ठ मित्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनमाना  : स० [हिं० जनम] १. प्रसूता को प्रसव कार्य में सहायता देना। २.=जनमना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनमारो  : पुं०=जन्म।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-मुरीद  : वि० [फा० जन-मुरीद] (व्यक्ति) जो अपनी पत्नी का अंधभक्त हो। पत्नी का गुलाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनमेजय  : पुं० [सं० जन√एज् (कँपाना)+णिच्+खश्, मुम्]=जन्मेजय।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-यात्रा  : स्त्री० [सं० ष० त०] बहुत से लोगों का मिल-जुलकर प्रदर्शन आदि के लिए शहर के प्रमुख कूचों, बाजारों आदि में से होकर जाना। जलूस।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनयिता(तृ)  : पुं० [सं०√जन् (उत्पत्ति)+णिच्+तृच्] [स्त्री० जनयित्री] पिता। बाप।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-रंजन  : वि० [ष० त०] जनता का रंजन करनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनरल  : पुं० [अं०] सेना का एक बहुत बड़ा अधिकारी। सेनानायक। सेना-पति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-रव  : पुं० [ष० त०] १. लोगों का कोलाहल। शोर। २. [स० त०] अफवाह। जनश्रुति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनवरी  : स्त्री० [अं० जनअरी] ईसवीं सन् का पहला महीना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-वल्लभ  : पुं० [ष० त०] श्वेत रोहित का पेड़ा। सफेद रोहिड़ा। वि० जनता का प्यारा। जन-प्रिय।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनवाई  : स्त्री० [हिं० जनवाना] १. जनवाने अर्थात् प्रसव में सहायक होने की क्रिया, भाव या पारिश्रमिक। २. दे० ‘जनाई’।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-वाद  : पुं० जनरव। (दे०)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनवाना  : स० [हिं० जनना का प्रे० रूप] [भाव० जनवाई] जनने अर्थात् प्रसव करने में सहायक होना। स० [हिं० जानना का प्रे० रूप] जानने या ज्ञान-प्राप्त करने में सहायक होना। ज्ञात या विदित कराना। जनाना। (दे०)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-वास  : पुं० [ष० त०] १. मनुष्यों के बसने या रहने का स्थान। २=जनवासा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनवासा  : पुं० [सं० जनवास] वह स्थान जहाँ पर बराती ठहरते या ठहराये जाते हैं। बरातियों के ठहरने की जगह।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-शून्य  : वि० [तृ० त०] सुनसान। निर्जन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-श्रुत  : वि० [स० त०] १. जिसके संबंध में लोगों ने सुना हो। २. प्रसिद्ध।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-श्रुति  : स्त्री० [ष० त०] १. वह बात जिसे लोग परंपरा से सुनते चले आये हों। २. अफवाह।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-संख्या  : स्त्री० [ष० त०] १. किसी प्रदेश, राज्य या स्थान पर बसे हुए कुल लोग। २. उक्त बसे हुए लोगों की संख्या।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-साधारण  : पुं० [कर्म० स०] १. जनता। २. समाज का कोई एक व्यक्ति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-सेवक  : पुं० [ष० त० ] १. वह जो जन-साधारण या जनता की सेवा के काम करता हो। २. दे० ‘लोक-सेवक’।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-सेवा  : स्त्री० [ष० त०] ऐसे काम जो जन-साधारण या जनता के उपकार या हित के लिए हो। (पब्लिक सर्विस)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-स्थान  : पुं० [ष० त०] दंडकारण्य। दंडकवन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-हरण  : पुं० [ष० त०] एक दंडक वृत्त जिसके प्रत्येक चरण में तीस लघु और एक गुरु होता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-हित  : पुं० [ष० त०] १. जनता या जन-साधारण का हित। २. जनता के हित का काम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन-हीन  : वि० [तृ० त०] निर्जन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनांत  : पुं० [जन-अंत] १. वह स्थान जहाँ मनुष्य न रहते हों। २. वह प्रदेश जिसकी सीमा निश्चित हो। ३. यम। वि० मनुष्यों का अंत या नाश करनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनांतिक  : पु० [जन-अंतिक, ष० त०] नाटक में ऐसी सांकेतिक बात-चीत जिसका आशय औरों की समझ में न आता हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जना  : स्त्री० [सं०√जन्+णिच्+अ-टाप्] १. उत्पत्ति। पैदाइश। २. माहिष्मती के राजा नीलध्वज की स्त्री। पुं०=जन (आदमी)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनाई  : स्त्री० [हिं० जनना] १. जनाने अर्थात् प्रसव कराने की क्रिया, भाव या मजदूरी। २. प्रसव में सहायक होनेवाली दाई। स्त्री० [हिं० जनाना-जतलाना] किसी बात का परिचय या परिज्ञान कराने की क्रिया या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनाउ  : पुं०=जनाव।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनाकीर्ण  : वि० [जन-आकीर्ण, तृ० त० ] १. (प्रदेश) जिसमें बहुत अधिक व्यक्ति बसे हुए हों। घनी बस्तीवाला। २. (स्थान) जो मनुष्यों से भरा हुआ हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनाचार  : पुं० [जन-आचार, ष० त०] लोकाचार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनाजा  : पुं० [अ.जनाजः] १. शव। २. अरथी या वह संदूक जिसमें मुसलमान लोग शव रखकर कब्रिस्तान ले जाते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनाती  : पुं० [हिं० बराती का अनु०?] विवाह के अवसर पर कन्या-पक्ष के लोग। घराती।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनाधिनाथ  : पुं० [जन-अधिनाथ, ष० त०] जनाधिप।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनाधिप  : पुं० [जन-अधिप,ष० त०] १. राजा। २. विष्णु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनानखाना  : पुं० [फा० जनान खानः] घर या महल का वह भीतरी भाग जिसमें औरतें या रानियाँ रहती हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनाना  : स० [सं० ज्ञापय, जानाय, प्रा० जाणवेइ] किसी घटना, चीज या बात की जानकारी किसी को कराना। अवगत कराना। स० [सं० जनन, हिं० जनना] प्रसवकाल में गर्भिणी की सहायता करना। प्रसव कराना। वि० [फा० जनानः] [स्त्री० जनानी, भाव० जनानापन] १. स्त्रियों का सा आचरण अथवा उन जैसे हाव-भाव दिखलानेवाला (व्यक्ति)। २. स्त्रियों का सा। ३. केवल स्त्रियों में चलने या होनेवाला। जैसे–जनानी धोती। पुं० १. हीजड़ा। नपुंसक। २. अंतःपुर। स्त्री० पत्नी। जोरू।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनानापन  : पुं० [फा० जनानः+हिं० पन (प्रत्य०)] स्त्री होने की अवस्था, गुण या भाव। स्त्रीत्व।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनानी  : स्त्री० [हिं० जनाना] १. स्त्री। २. पत्नी। जोरू।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनाब  : पुं० [अ०] महाशय। महोदय।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनाब-आली  : पुं० [अ०] मान्य महोदय।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनाबा  : स्त्री० [अ०] श्रीमती।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनारदन  : पुं० [सं० जनार्दन] विष्णु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनार्दन  : पुं० [सं० जन√अर्द् (पीड़ित करना)+णिच्+ल्यु–अन] विष्णु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनाव  : पुं० [हिं० जनाना=जतलाना] जनाने अर्थात् जानकारी कराने की क्रिया या भाव। पुं० [हिं० जनाना=प्रसव कराना] प्रसव करने या कराने की क्रिया या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनावर  : पुं०=जानवर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनाशन  : वि० [सं० जन√अश् (खाना)+ल्यु–अन] मनुष्यों को भक्षण करनेवाला। पुं० भेड़िया।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनाश्रम  : पुं० [जन-आश्रम, ष० त०] वह आश्रय या स्थान जिसमें मनुष्य जाकर कुछ समय के लिए रहते हों। जैसे–धर्मशाला, सराय आदि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनाश्रय  : पुं० [जन-आश्रय, ष० त०] १. घर। मकान। २. धर्मशाला। ३. सराय। ४. किसी विशेष कार्य के लिए बनाया हुआ मंडप।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनि  : स्त्री० [सं० जन+इन्] १. उत्पत्ति। जन्म। पैदाइश। २. नारी। स्त्री। ३. पत्नी। ४. माता। अव्य० मत। नहीं। उदाहरण–तहँ तहँ जनि छिन छोह न छाँडियै।–तुलसी। स्त्री० =जनी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनिक  : वि० [सं० जनक] १. जन्म देनेवाला। २. उत्पादक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनिका  : स्त्री० [हिं० जनाना] पहेली। बुझौवल। स्त्री० [सं० जनि+कन्-टाप्]=जनि।(दे०)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनित  : वि० [सं०√जन्+णिच्+क्त] १. जन्मा या उपजा हुआ। २. जना हुआ। ३. किसी के कारण या फल-स्वरूप उत्पन्न होनेवाला। जैसे–रोगनजित दुर्बलता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनिता(तृ)  : पुं० [सं०√जन्+णिच्+तृच्, णिलोपनि०] वह जो किसी को जनाये अर्थात् जन्म दे। जनक। पिता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनित्र  : पुं० [सं० जनि+त्रल्] जन्म-स्थान।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनित्री  : स्त्री० [सं० जनितृ+ङीप्] वह जो किसी को जन्म दे। माँ। माता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनित्व  : पुं० [सं०√जन्+णिच्+इत्वन्] [स्त्री० जनित्वा=माता] पिता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनियाँ  : स्त्री=जानी।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनी  : स्त्री० [सं० जनि+ङीष्] १. प्रकृति, जो सब को उत्पन्न करने वाली मानी गई है। २. माता। ३. स्त्री। ४. बेटी। ५. दासी। वि० स्त्री० जिसे जना गया हो। पैदा की हुई।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनु  : स्त्री० [सं०√जन्+उ] जन्म। उत्पत्ति। अव्य० [हिं० जनाना] मानों।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनुक  : अव्य० [हिं० जनु] जैसे। कि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनू  : स्त्री० [सं० जनु+ऊङ] जन्म।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनून  : पुं० [अ० जुनून] पागलपन। उन्माद।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनूनी  : वि० [अ०] पागल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनूब  : पुं० [अ०] दक्षिण (दिशा)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनूबी  : वि० [अ० जनूब] दक्षिण दिशा का। दक्षिणी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनेंद्र  : पुं० [सं० जन-इंद्र, ष० त०] राजा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनेऊ  : पुं० [सं० यज्ञोपवीत] १. हिन्दुओं में बालकों का यज्ञोपवीत नामक संस्कार। २. सूत के धागे की वह तेहरी माला जो उक्त संस्कार के समय गले में पहनाई जाती है। यज्ञोपवीत। ब्रह्मसूत्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनेत  : स्त्री० [सं० जन+एत (प्रत्यय)] बरात। उदाहरण–जम से बुरी जनेत।-कहा०।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनेता  : पुं० [सं० जनयिता] पिता। बाप। (डिं०)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनेरा  : पुं० [हिं० ज्वार] बाजरे की एक जाति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनेव  : पुं०=जनेऊ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनेवा  : पुं० [हिं० जनेऊ] १. किसी चीज के चारों ओर जनेऊ की तरह पड़ी हुई धारी या लकीर। २. एक प्रकार की घास। ३. तलवार का वह वार जो कंधे पर पड़कर तिरछे बल (दूसरी ओर) कमर तक काट करे।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनेश  : पुं० [सं० जन-ईश, ष० त०] १. ईश्वर। २. राजा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनेष्टा  : स्त्री० [सं० जन-इष्टा, ष० त०] १. हल्दी। २. चमेली का पेड़। ३. पपड़ी। ४. एक औषधि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनैया  : वि० [हिं० जनना+ऐया (प्रत्यय)] जानने या जनाने वाला। जो स्वयं जानता हो अथवा किसी को कुछ जतलाता हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनो  : पुं०=जनेऊ। अव्य० [हिं० जनु०] मानों।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनोपयोगी(गिन्)  : वि० [सं० जन-उपयोगिन् ष० त०] जन-साधारण के लिए उपयोगी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनै  : अव्य० [हिं० जानना] मानों।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जनौघ  : पुं० [सं० जन-ओध, ष० त०] मनुष्यों का समूह। भीड़।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्नत  : पुं० [अ०] १. उद्यान। बाग। २. मुसलमानों के अनुसार स्वर्ग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जझती  : वि० [अ०] १. जन्नत में होने या रहनेवाला। २. स्वर्गीय।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म(न्)  : पुं० [सं०√ जन्(उत्पत्ति)+मनिन्] १. गर्भ से निकलकर जीवन धारण करने की क्रिया या भाव उत्पत्ति। पैदाइश। २. अस्तित्व में आना। आविर्भाव। जैसे–नये विचार से जन्म लेते हैं। ३. जीवन। जिन्दगी। ४. जीवन-काल। आयु। जैसे–जन्म भर वह पछताता रहा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्मअष्टमी  : स्त्री०=जन्माष्टमी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-कील  : पुं० [ष० त० ] विष्णु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-कुण्डली  : स्त्री० [ष० त० ] १. फलित ज्योतिष में, वह चक्र जिसमें जन्मकाल के ग्रहों की स्थिति बताई गई हो। २. दे.जन्मपत्री।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-कृत  : पुं० [सं० जन्म√ कृ(करना)+क्विप्,तुक् आगम] जनक। पिता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-क्षेत्र  : पुं० [ष० त०] जन्मस्थान। जन्मभूमि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-गत  : वि० [तृ० त०] जन्म से ही साथ लगा रहने या होनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-ग्रहण  : पुं० [ष० त०] गर्भ से निकलकर जीवन प्राप्त करने की क्रिया या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-तिथि  : स्त्री० [ष० त०] जन्म-दिन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्मतुआ  : वि० [हिं० जन्म+तुआ(प्रत्यय)] [स्त्री० जन्मतुई] (बच्चा) जिसको जन्म लिए अभी थोड़े ही दिन हुए हों। शिशु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-दिन  : पुं० [ष० त०] १. वह दिन जिसमें किसी ने जन्म लिया हो किसी के जीवन धारण करने का दिन। २. तिथि, तारीख आदि के विचार से प्रति वर्ष पड़नेवाला किसी के जन्म का दिन जो प्रायः उत्सव के रूप में मनाया जाता है। वर्ष-गाँठ। (बर्थ डे)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-दिवस  : पुं० [ष० त०] जन्म-दिन। (दे०)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-नक्षत्र  : पुं० [ष० त०] वह नक्षत्र जिसेक भोग काल में किसी का जन्म हुआ हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्मना  : अ० [सं० जन्म+हिं० ना(प्रत्यय)] १. जन्म होना। जन्मग्रहण करना। पैदा होना। २. अस्तित्व में आना। स० १. जन्म लेना। प्रसव करना। २. अस्तित्व में लाना। अव्य० जन्म के विचार से। जन्म की दृष्टि से। जैसे– जन्मना जाति मानना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-पंजी  : स्त्री० [ष० त०] वह पंजी जिसमें जन्म लेनेवाले बच्चों का जन्म,समय,जन्म-स्थान, पिता का नाम आदि लिखा जाता है। ( बर्थ रजिस्टर)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-पति  : पुं० [ष० त०] १. कुण्डली में जन्म राशि का मालिक। २. जन्म लग्न का स्वामी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-पत्र  : पुं०=जन्मपत्री।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-पत्रिका  : स्त्री०=जन्म-पत्री।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-पत्री  : स्त्री० [ष० त०] १. वह पत्र या खर्रा जिसमें किसी के जन्म काल के समय के ग्रहों की स्थिति, उनकी दशा, अतर्दशा आदि और उनके फलों आदि का उल्लेख होता है। (हारस्कोप) २. किसी घटना या कार्य का आदि से अन्त तक का सारा विवरण।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-पादप  : पुं० [ष० त०] वंश वृक्ष। शजरा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-प्रतिष्ठा  : स्त्री० [तृ० त०] १. माता। माँ। २. जन्म होने का स्थान।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-प्रमाणक  : पुं० [सं०] वह प्रमाण-पत्र जिसमें किसी व्यक्ति के जन्म-काल, जन्मतिथि, जन्म-स्थान आदि का आधिकारिक विवरण होता है। (बर्थ सर्टिफिकेट)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-भूमि  : स्त्री० [ष० त०] वह देश या राज्य (अथवा संकुचित अर्थ में नगर या ग्राम) जिसमें किसी का जन्म हुआ हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-भृत्  : पुं० [सं० जन्म√भृ (भरण)+क्विप्, तुक् आगम] जीव। प्राणी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-योग  : पुं० [ष० त०] फलित ज्योतिष में, ग्रहों की वह स्थिति जो इस बात की सूचक होती है कि अमुक अवसर या समय पर घर में संतान का जन्म होगा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-राशि  : स्त्री० [ष० त०] वह राशि जिसमें किसी का जन्म हुआ हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-वर्त्म(न्)  : पुं० [ष० त०] योनि। भग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-विधवा  : स्त्री० [तृ.त० ] अक्षत योनि। बाल-विधवा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-सिद्ध  : वि० [तृ० त०] जिसकी सिद्धि या प्राप्ति जन्म से ही होती या मानी जाती हो। जैसे–जन्म-सिद्ध अधिकार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्म-स्थान  : पुं० [ष० त०] १. जन्मभूमि। २. माता का गर्भ। ३. कुंडली में वह स्थान जिसमें जन्म समय के ग्रहों का उल्लेख होता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्मांतर  : पुं० [जन्म-अंतर, मयू० स०] एक बार मरने के बाद होनेवाला दूसरा जन्म।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्मांध  : वि.[जन्म-अंध, तृ० त०] जो जन्म से ही अंधा हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्मा  : पुं० [सं० जन्मन्] समस्तपदों के अंत में, वह जिसका जन्म हुआ हो। जैसे–अग्र जन्मा, नेत्र जन्मा आदि। वि० जन्मा हुआ। जो पैदा हुआ हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्माधिप  : पुं० [जन्म-अधिप, ष० त०] १. शिव का एक नाम। २. जन्म राशि का स्वामी। ३. जन्म लग्न का स्वामी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्माना  : स० [हिं० जन्मना] जन्म देना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्माष्टमी  : स्त्री० [जन्म-अष्टमी, ष० त०] भाद्रपद की कृष्णाष्टमी। विशेष–भगवान कृष्ण का जन्म इसी अष्टमी की रात्रि में हुआ था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्मास्पद  : पुं० [जन्म-आस्पद, ष० त०] जन्मभूमि। जन्मस्थान।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्मी(न्मिन्)  : पुं० [सं० जन्म+इनि] प्राणी। जीव। वि० जन्मा हुआ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्मेजय  : पुं० [सं० जनमेजय] १. विष्णु। २. एक प्रसिद्ध राजा जो हस्तिनापुर के महाराज परीक्षित का पुत्र था। विशेष–इसी राजा ने तक्षक नाग से अपने पिता का बदला लिया था और एक नागमेध यज्ञ किया था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्मेश  : पुं० [जन्म-ईश, ष० त०] फलित ज्योतिष में, वह ग्रह जो किसी की जन्म राशि का स्वामी हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्मोत्सव  : पुं० [जन्म-उत्सव, ष० त०] १. किसी के जन्म के समय होनेवाला उत्सव। २. किसी के जन्म-दिन के स्मरण में होनेवाला उत्सव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्य  : वि० [सं० जन+यत्√जन् (उत्पत्ति)+ण्यत्] [भाव० जन्यता] १. जिसका संबंध जन अर्थात् मनुष्य से हो। जन-संबधी। २. जिसे मनुष्य ने उत्पन्न किया हो। ३. किसी जाति, देश या राष्ट्र से संबंध रखनेवाला। जातीय, देशीय या राष्ट्रीय। ४. किसी चीज से उत्पन्न होनेवाला। जैसे–विचारजन्य। पुं० १. साधारण मनुष्य। २. राष्ट्र। ३. पुत्र। ४. पिता। ५. जन्म। ६. किंवदंती। ७. लड़ाई। ८. बाजार। ९. विवाह के समय दूल्हे के साथ जानेवाला बालक। सहबाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्यता  : स्त्री० [सं० जन्य+तल्-टाप्] जन्म होने की अवस्था या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्या  : स्त्री० [सं० जन्य+टाप्] १. माता की सखी। २. वधू की सहेली। ३. वधू।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जन्यु  : पुं० [सं० जन+युच्] १. जीव। प्राणी। २. अग्नि। ३. ब्रह्मा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जप  : पुं० [सं०√जप् (जपना)+अप्] १. जपने या जाप करने की क्रिया या भाव। २. वह शब्द, पद या वाक्य जिसका उच्चारण भक्ति पूर्वक बार-बार किया जाय। ३. पूजा, संध्या आदि में मंत्रों का संख्यापूर्वक पाठ करना। जप करने में मंत्र की संख्या का ध्यान रखना पड़ता है, इसलिए जप में माला की भी आवश्यकता होती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जपजी  : पुं० [हिं० जप] सिक्खों का प्रसिद्ध ग्रंथ जिसका वे प्रायः पाठ करते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जपतप  : पुं० [हिं० जप+तप] संध्या, पूजा और पाठ आदि। पूजा पाठ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जपता  : स्त्री० [सं० जप+तल्-टाप्] जपने की क्रिया या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जपन  : पुं० [सं०√जप्+ल्युट-अन] जपने की क्रिया या भाव। जप।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जपना  : स० [सं० जपन] १. धार्मिक फल-प्राप्ति के लिए किसी शब्द, पद वाक्य आदि को भक्ति या श्रद्धापूर्वक बार-बार कहना। २. पूजा, संध्या, यज्ञ आदि करते समय संख्यानुसार मन ही मन उच्चारण करना। ३. यज्ञ करना। ४. किसी की कोई चीज हजम करना। हड़पना। (बाजारू)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जपनी  : स्त्री० [हिं० जपना] १. माला जिसे जप करते समय फेरा जाता है। जप करने की माला। २. वह थैली जिसमें माला और हाथ डालकर जप किया जाता है। गुप्ती। गोमुखी। ३. जपने की क्रिया या भाव। (क्व०) ४. बार-बार कोई बात बहुत आग्रहपूर्वक कहना। रट।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जपनीय  : वि० [सं०√जप्+अनीयर्] जिसको जपना चाहिए। जपे जाने योग्य।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जप-माला  : स्त्री० [सं० मध्य० स०] वह माला जो जप करने के समय फेरी जाती है। जपनी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जपा  : स्त्री० [सं०√जप्+अच्-टाप्] जवा। अड़हुल। पुं० [सं० जप] जप करनेवाला व्यक्ति। उदाहरण–तपा जपा सब आसन मारे।–जायसी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जपाना  : स० [हिं० ‘जपना’ का प्रे० रूप] दूसरे से जप कराना।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जपालक्त  : पुं० [जपा-अल्कत, उपमि० स०] एक प्रकार का अलक्तक जो गहरे लाल रंग का होता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जपिया  : वि=जपी।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जपी  : वि० [हिं० जपना+ई (प्रत्यय)] जप करनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जप्त  : वि०=जब्त।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जप्तव्य  : वि० [सं०+जप्+तव्यत्] जपे जाने के योग्य। जपनीय।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जप्ती  : स्त्री०=जब्ती।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जप्य  : वि० [सं०√जप्+ण्यत्] जपे जाने के योग्य।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जफर  : पुं० [फा० जफर] तावीज, यंत्र आदि बनाने की कला या काम। पुं० [अ०] विजय।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जफा  : स्त्री० [फा०] १. अन्यायपूर्ण कार्य या व्यवहार। २. अत्याचार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जफाकश  : वि० [फा०] १. अन्यायपूर्ण व्यवहार या अत्याचार सहन करनेवाला। सहनशील। २. परिश्रमी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जफीरी  : स्त्री० [अ०] १. सीटी अथवा उससे किया जानेवाला शब्द। २. मुँह में दो उँगलियाँ रखकर बजाई जानेवाली सीटी। ३. एक प्रकार की कपास।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जफील  : स्त्री०=जफीरी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जफीलना  : अ० [हिं० जफील] सीटी बजाना। सीटी देना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जब  : अव्य० [सं० यावत्] १. जिस समय। जिस वक्त। (इस अर्थ में इसका नित्य संबंधी ‘तब’ है) जैसे–जब सवेरा होता है तब अंधकार आप से आप नष्ट हो जाता है। २. जिस अवस्था में। जिस दशा या हालत में। (इस अर्थ में इसका नित्य संबंधी ‘तो’ है) जैसे–जब उन्हें क्रोध चढ़ता है तो उनका चेहरा लाल हो जाता है। पद–जब कभी=किसी समय। जब जब=जिस समय। जब तब-कभी=कभी। जैसे–वहाँ जब=तब ही जाना होता है। जब देखो तब=प्रायः। अक्सर। जैसे–जब देखो तब तुम खेलते ही रहते हों। जब होता है तब=अक्सर प्रायः।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जबड़ा  : पुं० [सं० ज्रंभ] मुँह में की उन दो (एक ऊपर तथा एक नीचे) हड्डियों में से हर एक जिसमें दांत जमे या जड़े रहते हैं। पद–जबड़े की सान=गवैयों की एक प्रकार की तान (हलक की तान से भिन्न) जो साधारण या निम्न कोटि की मानी जाती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जबर  : वि० [अ० ज़बर] १. बलवान। बली। २. पक्का। दृढ़। मजबूत।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जबरई  : स्त्री० [हिं० जबर] १. जबरदस्ती। २. ज्यादती।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जबर-जंग, जबरदस्त  : वि० [फा०] १. बहुत बड़ा या बलवान। २. उच्च। श्रेष्ठ। वि०=जबरदस्त।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जबरदस्त  : वि० [फा०] [भाव०, जबरदस्ती] १. (व्यक्ति) जो बहुत अधिक शक्तिशाली हो तथा स्वभाव से कड़ा हो। जैसे–वह जबरदस्त हाकिम है। २. (वस्तु) जो बहुत ही दृढ़ या मजबूत हो। ३. (कार्य) जो बहुत अधिक कठिन हो। जैसे–जबरदस्त सवाल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जबरदस्ती  : स्त्री० [फा०] १. जबरदस्त या शक्तिशाली होने की अवस्था या भाव। २. कोई ऐसा कार्य या व्यवहार जो बलपूर्वक तथा कड़ाई के साथ किसी के प्रति किया गया हो। जैसे–यह सरासर आपकी जबरदस्ती है। अव्य. १. बलपूर्वक। जैसे–ये जबरदस्ती अंदर घुस आये। २. दबाव पड़ने पर। जैसे–जबरदस्ती खाना पड़ा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जबरन्  : अव्य० [अ० जब्रन] बलात्। जबरदस्ती। बलपूर्वक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जबरा  : पुं० [अं० जेब्रा] घोड़े की तरह का एक जंगली जानवर जिसके सारे शरीर पर लंबी-लंबी सुन्दर काली धारियाँ होती है। वि=जबर।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जबरूत  : स्त्री० [अ०] १. महत्ता। २. वैभव। ३. ऊपर के नौ लोकों में से तीसरा। (मुसल०)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जबल  : पुं० [अ०] पहाड़।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जबह  : पुं० [अ०] १. गला काटकर प्राण लेने की क्रिया। २. मुसलमानों में मंत्र पढ़ते हुए पशु-पक्षियों आदि का गला रेतकर काटना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जबहा  : पुं० [?] जीवट। साहस।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जबाँ  : स्त्री०=जबान।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जबान  : स्त्री० [फा०] [वि० जबानी] १. मुँह के अन्दर का वह लचीला लंबोत्तरा चिपटा अंग, जिसके द्वारा चीजों का स्वाद लिया जाता है, मुँह में डाली हुई चीजें गले के नीचे उतारी जाती है तथा ध्वनियों का उच्चारण किया जाता है। जीभ। मुहावरे (क) स्वाद संबंधी (कोई चीज) जबान पर रखना=किसी वस्तु का स्वाद चखना। थोड़ी मात्रा में कोई चीज चखना। जबान बिगड़ना=(क) बीमारी आदि के कारण मुँह का स्वाद खराब होना। (ख) अच्छी-अच्छी विशेषतः चटपटी चीजें खाने का चस्का लगना। मुहावरे (ख) उच्चारण संबंधी, (किसी की) जबान खींचना या खींच लेना=कोई अनुचित या विरुद्ध बात कहनेवाले को कठोर दंड देना। (किसी की) जबान खुलना=(क) बहुत समय तक चुप रहने पर किसी का कुछ कहना आरंभ करना। (ख) अनुचित या उद्दंतापूर्ण बातें करने का अभ्यास पड़ना या होना। (किसी की) जबान घिस खाना या घिसना=कोई बात कहते-कहते हार जाना। जबान चलना=हर समय कुछ न कुछ कहते या बोलते रहना। जबान चलाना=(क) जल्दी-जल्दी बातें कहना। (ख) अनुचित बात कहना। जबान चलाने की रोटी खाना=केवल लोगों की खुशामद करके जीविका चलाना। (बच्चे की) जबान टूटना-छोटे बच्चे की जबान का ऐसी स्थिति में आना कि वह कठिन शब्दों या संयुक्त वर्णों का उच्चारण कर सके। जबान डालना=किसी से किसी प्रकार की प्रार्थना या याचना करना। (किसी की) जबान थामना या पकड़ना=कहते हुए को कोई बात कहने से रोकना। (कोई बात) जबान पर आना=भूली हुई कोई बात अथवा अवसर के अनुकूल कोई बात याद आना। जबान पर चढ़ना-कंठस्थ होना। जबान पर रखना=सदा स्मरण रखना। जैसे–यह गाली तो उनकी जबान पर रहती है। जबान पर लाना=चर्चा या बात कहना। जबान पर होना=स्मरण होना याद रहना। (किसी की) जबान बंद करना=किसी प्रकार किसी को कुछ कहने से रोकना। जबान बंद होना=कुछ न कहने की विशेषतः उत्तर न देने को विवश होना। जबान बंदी करना=किसी की कही हुई बात को उसी के शब्दों में लिख लेना। जबान बिगड़ना=मुँह से अपशब्द निकलने का अभ्यास होना। जबान में लगाम न होना=अशिष्टता या धृष्टतापूर्वक अनुचित या कठोर बातें कहने का अभ्यास होना। जबान रोकना=(क) कुछ कहते-कहते रुक जाना। (ख) किसी को कुछ कहने से रोकना। जबान संभालना=मुँह से अनुचित या अशिष्ट शब्द न निकलने देना। जबान हिलाना=बहुत दबते हुए कुछ कहना। २. किसी को दिया हुआ वचन। मुहावरा–जबान देना=कोई काम करने का किसी को वचन देना। जबान बदलना=कही हुई बात या दिये हुए वचन से पीछे हट जाना। मुकर जाना। जबान हारना=वचन देना। ३. भाषा। बोल=चाल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जबानदराज  : वि० [फा०] [भाव० जबानदराजी] अशिष्टता या धृष्टतापूर्वक बड़ों से बातें करने वाला। न कहने योग्य बातें भी बढ़ बढ़कर कहनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जबानबंदी  : स्त्री० [फा०] १. किसी घटना के संबंध में लिखी जानेवाली किसी साक्षी की गवाही। २. मौन। चुप्पी। ३. चुप रहने की आज्ञा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
ज़बानी  : वि० [फा०] १. जबान संबंधी। २. जो केवल जबान से कहा गया हो। मौखिक। ३. जो कहा तो गया हो परन्तु जिसका आचरण या व्यवहार न किया गया हो। जैसे–जबानी जमा-खरच।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जबाला  : स्त्री० [सं०] छांदोग्य उपनिषद् के अनुसार सत्यकाम जाबाल ऋषि की माता का नाम जो एक दासी थी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
ज़बून  : वि० [तु०] १. खराब। बुरा। २. निकृष्ट। निकम्मा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जब्त  : वि० [अ०] १. दबाया या रोका हुआ। जैसे–गुस्सा जब्त करना। २. (वह वैयक्तिक संपत्ति) जो किसी अपराध के दंडस्वरूप शासन द्वारा किसी से छीन ली गई हो। क्रि० प्र०–करना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जब्ती  : स्त्री० [अ० जब्त] जब्त होने की अवस्था, क्रिया या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जब्भा  : पुं०=जबहा।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जब्र  : वि०=जबर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जब्रन  : अव्य=जबरन्।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जब्री  : वि० [अ०] जबरदस्ती या बलात् किया हुआ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जभन  : पुं० [सं० यभन] मैथुन। स्त्री-प्रसंग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जम  : पुं०=यम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमक  : पुं=यमक।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमकना  : अ०=चमकना।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमकात  : स्त्री०=जमकातर (यम का खाँड़ा)। उदाहरण–बिजुरी चक्र फिरै चहुँ फेरी। औ जमकात फिरै जम केरी।–जायसी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमकातर  : पुं० [सं० यम+हिं० कातर] भवँर। स्त्री० [सं० यम+कर्त्तरी] १. यम का खाँड़ा। २. एक प्रकार की तलवार। खाँड़ा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमकाना  : स० [हिं० जमकना का सकर्मक रूप] चमकाना।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमघट  : पुं० [हिं० जमना+घट] किसी स्थान पर विशेष काम से आये हुए लोगों की भीड़।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमघटा  : पुं०=जमघट।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जघट्ट  : पुं०=जमघट।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमज  : वि=यमज।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमजम  : अव्य० [सं० जन्म, पुं० हिं० जमना=जन्म लेना] ऐसे आवश्यक और शुभ रूप में जिसका सब लोग हार्दिक स्वागत करे। जैसे–आप हमारे यहाँ आवें और जमजम आवें।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जम-जाई  : स्त्री० [सं० यम+जाया] मृत्यु। मौत।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमजोहरा  : पुं० [देश०] एक प्रकार की छोटी चिड़िया।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमड़ा  : पुं० [हिं० जन्मना] वह जो जन्म दे। पिता। उदाहरण–अपने जमड़ा जमड़ी को छोड़ा बिलकता।–साँपा।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमडाढ़  : स्त्री० [सं० यम+हिं० डाढ़] शरीर में भोंकने का कटारी की तरह का एक हथियार जिसकी नोक आगे की ओर झुकी हुई होती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमण  : स्त्री०=जमुना।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमदग्नि  : पुं० [सं०] एक ऋषि जो भृगुवंशी ऋचीक के पुत्र थे तथा जिनकी गणना सप्तऋषियों में होती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमदढ्ढ  : स्त्री०=जम-डाढ़।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जम-दिसा  : स्त्री० [सं० यम+दिशा] वह दिशा जिसमें यम का निवास माना जाता है। दक्षिण दिशा।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमधर  : पुं०=जमडाढ़।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमन  : पुं० [सं० यवन] [स्त्री.जमनी](यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है) १. यवन। २. मुसलमान। पुं०=जमाना। स्त्री=यमुना (नदी)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमना  : अ० [सं० यमन=जकड़ना, मि० अ० जमा] १. किसी तरल पदार्थ का अधिक शीत के कारण ठोस रूप धारण करना। जैसे–पानी जमना। २. उक्त प्रकार के ठोस रूप धारण किये हुए किसी पर स्थित होना। जैसे–(क) पहाड़ों पर बरफ जमना। (ख) दीवार पर रंग जमना। ३. किसी प्रकार का किसी तरल पदार्थ में विकार उत्पन्न किये जाने पर उसका ठोस रूप धारण करना। जैसे–दही जमना। ४. दृतापूर्वक स्थित होना। ५. हाथ से काम करने का पूरा अभ्यास होना। जैसे–लिखने में हाथ जमना। ६. किसी कार्य का बहुत ही अच्छे तथा प्रभावशाली रूप में निर्वाह होना। जैसे–खेल या गाना जमना। ७. किसी काम का अच्छी तरह चलने योग्य होना। जैसे–रोजगार जमना। ८. एकत्र होना। जमा होना। जैसे–भीड़ जमना। ९. अच्छा प्रहार होना। खूब चोट पड़ना। जैसे–थप्पड़ या लाठी जमना। १॰. घोड़े का हुमक-हुमककर चलना। अ० [सं० जन्म+हिं० ना (प्रत्यय)] उत्पन्न होना। उगना। जैसे–(क) जमीन पर घास या पौधा जमना। (ख) सिर पर बाल जमना। पुं० [हिं० जमना=उत्पन्न होना] वह घास जो पहली जो बरसात के बाद खेतों में उगती है। स्त्री०=यमुना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमनिका  : स्त्री० [सं० जवनिका] १. जवनिका। परदा। २. काई।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमनोत्तरी  : स्त्री० [सं० यमनोत्तरी] हिमालय में वह स्थान जहाँ से यमुना निकलती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमनौता  : पुं० [अ० जमानत+औता (प्रत्य०)] वह धन जो अपनी जमानत करने के बदले में जमानत करनेवाले को दिया जाता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमनौती  : स्त्री०=जमनौता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमराण  : पुं०=यमराज।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमरूद  : पुं० [?] जामुन की तरह का एक प्रकार का छोटा लंबोत्तर तथा सफेद फल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमरूल  : पुं०=जमरूद।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमवट  : स्त्री० [सं० जम्बु पट्ट] जामुन की लकड़ी का वह गोल चक्कर या पहिया जो कूआँ बनाने में भगाड़ में रखा जाता है और जिसके ऊपर कोठी की जोड़ाई होती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमवार  : पुं० [सं० यमद्वार] यम का द्वार। न्याय-सभा। उदाहरण–सिंहल द्वीप भए औतारू। जंबूद्वीप जाइ जमबारू।–जायसी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमशेद  : पुं० [ईरा०] ईरान का एक प्राचीन राजा जिसके संबंध में यह प्रसिद्ध है कि इसके पास एक ऐसा प्याला था जिसमें संसार में होनेवाली घटनाएँ, बातें आदि दिखाई देती थीं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमहूर  : पुं० [अं०] १. जन-समूह। २. राष्ट्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमहूरियत  : स्त्री० [अ०]=लोकतंत्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमहूरी  : वि० [अ०] प्रजातांत्रिक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमाँ  : पुं० [अ०] जमाना का वह संक्षिप्त रूप जो उसे यौगिक शब्दों के अंत में प्राप्त होता है। जैसे–खलोलुलजमाँ, रुस्तमेजमाँ आदि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमा  : वि० [अ० जमऽ] १. बचा अथवा जोड़कर रखा हुआ (धन)। जैसे–दो वर्षों में मैंने केवल सौ रुपये मुश्किल से जमा किए हैं। पद–कुल जमा=सब मिलाकर। कुल। जैसे–कुल जमा वहाँ दस आदमी आये थे। २. देन अथवा पावने के रूप में दिया अथवा प्राप्त होनेवाला (धन)। जैसे–(क) सदस्यों का चंदा जमा हो गया है। (ख) २॰ रुपया इनका गेहूँ मद्दे जमा क लो। ३. (धन आदि) सुरक्षा के लिए किसी के पास अमानत रूप में रखा हुआ। जैसे–बैंक में रुपये जमा करना। ४. किसी खाते के आय पक्ष में लिखा हुआ। स्त्री० [अ०] १. मूलधन। पूँजी। २. धन। रुपया-पैसा। मुहावरा–जमा मारना=अनुचित रीति से किसी का धन हजम कर लेना। ३. भूमिकर। मालगुजारी। ४. जोड़ (गणित) ५. खाते या बही का वह भाग या कोष्ठक जिसमें प्राप्त धन का ब्योरा दिया जाता है। ६. व्याकरण में किसी शब्द का बहुवचन रूप। जैसे–खबर की जमा अखबार है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमाई  : पुं० [सं० जामातृ] जँवाई। स्त्री० [हिं० जमाना] जमाने की क्रिया, भाव या मजदूरी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमाखर्च  : पुं० [फा० जमा+खर्च] १. आय और व्यय। २. आय और व्यय का हिसाब और मद। मुहावरा–जमा खर्च=किसी के यहाँ से आई हुई रकम जमा करके उसके नाम पड़ी हुई रकम का हिसाब पूरा करना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमाजथा  : स्त्री० [हिं० जमा+गथ-पूँजी] धन-संपत्ति। नगदी और माल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमात  : स्त्री० [अ० जमाअत] १. कक्षा (विद्यार्थियों की)। २. समुदाय या संघ (व्यक्तियों का) ३. गरोह।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमादार  : पुं० [फा०] [भाव० जमादारी] छोटे कर्मचारियों के कार्यों का निरीक्षक एक अधिकारी। जैसे–सेना या सिपाहियों का जमादार, भंगियों या जमदूरों का जमादार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमादारी  : स्त्री० [अ०] जमादार का कार्य या पद।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमान  : पुं० [फा० जामिन] जमानतदार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमानत  : स्त्री० [अ०] १. जिम्मेदारी। २. वह जिम्मेदारी जो इस रूप में ली जाती है कि या कोई व्यक्ति विशेष समय पर कोई काम नहीं करेगा तो उसका दण्ड या हरजाना हम देगें। जैसे–अदालत ने एक हजार की जमानत पर इसे छोड़ने को कहा है। २. वह धन जो किसी की जिम्मेदारी लेते समय किसी अधिकारी के पास जमा किया जाता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमानतनामा  : पुं० [अ० जमानत+फा० नामा] वह लिखा हुआ कागज जो जमानतदार जमानत के प्रमाण में लिखकर देता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमानती  : पुं० [अ० जमानत+ई (प्रत्यय)] जमानत करनेवाला व्यक्ति। वह जो जमानत करे। जार्मिन। जिम्मेदार। वि० १. जमानत संबंधी। २. जो जमानत के रूप में हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमाना  : स० [हिं० जमना का स० रूप] १. किसी तरल पदार्थ को शीत पहुँचाकर अथवा और किसी प्रक्रिया से ठोस बनाना। जैसे–दही या बरफ जमाना। २. एक वस्तु को दूसरी वस्तु पर दृढ़तापूर्वक स्थित करना या बैठाना। जैसे–दीवार पर पत्थर जमाना। ३. अच्छी तरह चलने के योग्य बनाना। जैसे–रोजगार या वकालत जमाना। ४.ऐसे ढंग से कोई काम करना कि वह यथेष्ट प्रभावशाली सिद्ध हो। जैसे–खेल या महफिल जमाना। ५. कोई काम अच्छी तरह कर सकने की योग्यता प्राप्त करने के लिए बराबर उसका अभ्यास या संपादन करना। जैसे–लिखने में हाथ जमाना। ७. अच्छी तरह या जोर लगाकर प्रहार करना। जैसे–थप्पड़ या मुक्का जमाना। पुं० [अ० जमानः] १. काल। समय। पद–जमाने की गर्दिश=समय का फेर। मुहावरा–(किसी का) जमाना बदलना या पलटना=किसी की अवस्था या स्थिति बदल जाना। २. सौभाग्य का समय। जैसे–उनका भी जमाना था। ३. सारी सृष्टि। संसार। मुहावरा–जमाना देखना=संसार की गति विधियाँ देखना। जमाना देखे होना-संसार की गति-विधियों का ज्ञान होना। अनुभवी होना। पद–जमाने भर का=संसार में जितना हो सकता हो उतना सब। बहुत अधिक। जैसे–उन्हें तो जमाने भर का सुख चाहिए। ४. संसार के लोग। जैसे–जमाना जो चाहे सो कहे आप किसी की नहीं सुनेगें।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमानासाज  : वि० [फा०] [भाव० जमानासाजी] १. (व्यक्ति) जो समय विशेष के अनुकूल अपने को ढाल सके। २. विभिन्न परिस्थितियों में विभिन्न रूप धारण करनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमाबंदी  : स्त्री० [अ०+फा०] पटवारी का वह खाता जिसमें असामियों के नाम, उनसे मिलनेवाले लगान की रकमें आदि लिखी जाती हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमामार  : वि० [हिं० जमा+मारना] दूसरों की संपत्ति अनुचित रूप से ले लेनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमाल  : पुं० [अ०] १. बहुत सुन्दर रूप। २. सौंदर्य। खूबसूरती।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमालगोटा  : पुं० [सं० जयपाल] एक पौधा जिसका बीज बहुत अधिक रेचक होता है। जयपाल। दंतीफल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमाली  : वि० [अ०] सुन्दर रूपवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमाव  : पुं० [हिं० जमाना] १. एक स्थान पर बहुत-सी चीजों या व्यक्तियों के इकट्ठे होने की अवस्था या भाव। २. जमने, जमाने या जमे होने की अवस्था या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमावट  : स्त्री० [हिं० जमाना] जमने या जमाने की क्रिया या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमावड़ा  : पुं० [हिं० जमना-एकत्र होना] एक स्थान पर इकटेठे होने वाले व्यक्तियों का समूह।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमींदार  : पुं० [फा०] जमीन का मालिक। भूमि का स्वामी। विशेषतः वह व्यक्ति जो किसानों की लगान पर अपनी जमीन जोतने-बोने को देना है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमीकंद  : पुं० [जमीन+कंद] सूरन। ओल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमींदारा  : पु०=जमींदार।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमींदारी  : पुं० [फा०] १. जमींदार होने की अवस्था, भाव या पद। २. जमींदार की वह भूमि जिसका लगान वह उन काश्तकारों से वसूल करता है जिसे वे जोतते-बोते हैं। विशेष–अब इस प्रथा का प्रायः अंत हो चुका है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमींदोज  : वि० [फा०] १. जमीन से मिला या सटा हुआ। २. जो जमीन पर गिरा या ढा कर उसके बराबर कर दिया गया हो। ३. भूगर्भ में स्थित।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमी  : स्त्री० [सं० यमी] यम का बहन। यमी। वि० [सं० यमिन्] यम या संयमपूर्वक रहनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमीन  : स्त्री० [फा०] १. सौर जगत् का वह उपग्रह जिसमें हम लोग रहते हैं। पृथ्वी। २. उक्त उपग्रह का ठोस तल (समुद्र से भिन्न) धरातल। पद–जमीन आसमान का फरक=बहुत बड़ा तथा स्पष्ट अंतर या भेद। जमीन का गज-व्यक्ति जो सदा इधर-उधर घूमता फिरता रहता हो। मुहावरा–जमीन आसमान एक करना=किसी काम के लिए बहुत अधिक प्रयत्न करना। जमीन आसमान के कुलाबे मिलाना=(क) सेखी बघारना। लंबी-चौड़ी हाँकना। डींग मारना। (ख) तोड़-जोड़ मिलाना। चालाकी करना। जमीन पर पैरों तले से निकल या सरक जाना=ऐसी स्थिति उत्पन्न होना कि होश-हवाश ठिकाने न रहे। जमीन चूमने लगना=जमीन पर पट गिरना। (किसी की) जमीन दिखाना=जमीन पर गिराना या पटकना। बुरी तरह से पराजित या परास्त करना। जमीन पर पैर न रखना=अकड़कर अथवा बड़प्पन दिखाते हुए कोई काम करना। ऐठ या शेखी दिखलाना। जमीन पर पैर न पड़ना=बहुत अभिमान होना। ३. उक्त के आधार पर ठोस, तल अर्थात् धरातल का कोई अंश या भाग। जैसे–ऊँची या नीची जमीन। मुहावरा–जमीन पकड़ना=किसी स्थान पर जमकर बैठना। ४. वह आधार या सतह जिस पर बेल-बूटे आदि कढ़े, छपे या बने हुए हों। जैसे–इस धोती की जमीन और सफेद धारियाँ पीली है। ५. वह सामग्री जिसका उपयोग किसी द्रव्य के प्रस्तुत करने में आधार रूप से किया जाय। जैसे–अतर खींचने में चंदन की जमीन फुलेल में मिट्टी के तेल की जमीन। ६. चित्र बनाने के लिए मसाले से तैयार की हुई सतह या तल। आधार पृष्ठ। मुहावरा–जमीन बाँधना=अस्तर या मसाला लगाकर चित्र आदि बनाने के लिए सतह तैयार करना। ७. किसी कार्य के लिए पहले से निश्चित की हुई प्रणाली। उपक्रम। आयोजन। मुहावरा–जमीन बाँधना=कोई काम करने से पहले उसकी प्रणाली निश्चित करना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमीनी  : वि० [फा०] जमीन-संबधी। जमीन का।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमीमा  : पुं० [अ० जमीमः] परिशिष्ट। (दे०)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमीर  : पुं० [अ० जमीर] १. मन। हृदय। २. अन्तःकरण। ३. विवेक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमील  : वि० [अ०] [स्त्री० जमीली] जमाल अर्थात् सौन्दर्य से युक्त। सुन्दर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमुआ  : पुं० [हिं० जामुन] जामुन का पेड़ और उसका फल।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमुआर  : पुं० [हिं० जमुआ+आर (प्रत्यय)] वह स्थान जहाँ जामुन के बहुत से पेड़ हों।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमुकना  : अ० [?] आगे बढ़कर या बढते हुए किसी के साथ लगना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमुण  : स्त्री० [सं० यमुना] यमुना नदी।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमुना  : स्त्री०=यमुना।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमुनियाँ  : वि० [हिं० जामुन] जामुन के रंग का।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है) पुं० उक्त प्रकार का रंग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमुरका  : पुं० [फा० जंबूर] १. कुलाबा। २. एक प्रकार की छोटी तोप।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमुरी  : स्त्री० [फा० जंबूर] १. एक प्रकार की छोटी चिमटी या सँड़सी। २. घोड़ों के नाखून काटने का एक उपकरण।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमुर्रद  : पुं० [अ० ज़मुर्रद] पन्ना नामक रत्न।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमुर्रद  : पुं० [फा० ज़मुर्रदीन] जमुर्रद अर्थात् पन्ने के रंग का। नीलापन लिये हुए हरे रंग का। पुं० नीलापन लिए हुए हरा रंग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमुवाँ  : पुं० [हिं० जमुना] जामुन का रंग। जामुनी। पुं०=जामुन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमुहाना  : अ० [हिं० जम्हाना] जम्हाई लेना। जँभाई लेना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमूरक  : पुं० [फा० जंबूरक] एक प्रकार की छोटी तोप।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमूरा  : पुं०=जमूरक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमेंती  : स्त्री०=दमयंती।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमैयत  : स्त्री० [अ०] परिषद्। संस्था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमैयतुलउलेमा  : स्त्री० [अ०] आलिमों अर्थात् विद्वानों की परिषद् या संस्था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमोग  : पुं० [हिं० जमोगना] १. जमोगने की क्रिया या भाव। २. ऋण चुकाने की एक प्रथा जिसके अनुसार ऋण लेनेवाला स्वयं ऋण नहीं चुकाता बल्कि ऋण चुकाने का भार किसी दूसरे पर डाल देता है। ३. चित्रकला में, बेल-बूटे आदि एक दूसरे से नियत दूरी और अपने-अपने ठीक स्थान पर बैठाने की क्रिया या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमोंगदार  : पुं० [हिं० जमोग+फा० दार] वह व्यक्ति जो ऋणी का रुपया चुकाता हो। वह जिसने किसी दूसरे का ऋण चुकाने का भार अपने ऊपर लिया हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमोगना  : स० [?] १. आय-व्यय या हिसाब-किताब की जाँच करना २. ब्याज को मूलधन में जोड़ना। ३. अपने उत्तरदायित्व विशेषतः लिए हुए ऋण या देन का भार दूसरे को सौंपकर उससे ऋण चुकाने की स्वीकृति दिला देना। ३. किसी बात का दूसरे व्यक्ति से समर्थन कराना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमोगवाना  : स० [हिं० जमोगना] जमोगने का काम किसी दूसरे से कराना। सरेखवाना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जमौआ  : वि० [हिं० जमाना] बुनकर नहीं, बल्कि जमाकर बनाया हुआ। जैसे–जमौआ कंबल, जमौआ बनात।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जम्मु  : पुं० १.=यम। २.=जन्म।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जम्हाई  : स्त्री०=जँभाई।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जम्हाना  : अ=जँभाना।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयंत  : वि० [सं०√जि (जीतना)+झव्-अन्त] [स्त्री० जयंती] १. जय प्राप्त करनेवाला। विजयी। २. तरह-तरह के भेस बनानेवाला। बहुरुपिया। पुं० १. रुद्र। २. कार्तिकेय, इंद्र के पुत्र, धर्म के पुत्र, अक्रूर के पिता, दशरथ के मंत्री आदि लोगों का नाम। ३. संगीत में ध्रुवक जाति का एक ताल। ४. फलित ज्योतिष में एक योग जिसमें युद्ध के समय यात्रा करने पर विजय निश्चित मानी जाती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयंत-पुर  : पुं० [मध्य० स०] एक प्राचीन नगर जिसकी स्थापना निमिराज ने की थी और जिसका अवस्थान गौतम ऋषि के आश्रम के निकट था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयंतिका  : स्त्री० [सं० जयंती+कन्-टाप्, हृस्व]=जयंती।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयंती  : वि० [सं०√जि (जीतना)+शतृ-ङीष्] विजय प्राप्त करने वाली। विजयिनी। स्त्री० १. वह स्त्री जिसने विजय प्राप्त की हो। २. दुर्गा। ३. पार्वती। ४. ध्वजा। ५. हल्दी। ६. अरणी और जैत नामक पेड़ों की संज्ञा। ७. बैंजंती का पौधा। ८. ज्योतिष का एक योग जो श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी की आधी रात के समय रोहिणी नक्षत्र पड़ने पर होता है। ९. जन्माष्टमी। १॰. जौ के छोटे पौधे जो ब्राह्मण अपने यजमान को मंगल द्रव्य के रूप में विजयादशमी के दिन भेंट करता है। ११. किसी महापुरुष की जन्म-तिथि पर मनाया जानेवाला उत्सव। १२. किसी महत्त्वपूर्ण कार्य के आरंभ होने की वार्षिक तिथि पर होनेवाला उत्सव। जैसे–स्वर्ण या हीरक जयंती।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय  : स्त्री० [सं० जि+अच्] किसी बहुत बड़े कार्य में मिलनेवाली महत्त्वपूर्ण विजय या सफलता। पद–जय गोपाल=भेंट होने पर पारस्परिक अभिवादन के लिए कहा जानेवला एक पद। मुहावरा–जय बोलना या मनाना=विजय सफलता आदि की कामना करना। पुं० १. विष्णु के एक पार्षद का नाम। २. ‘महाभारत’ नामक महाकाव्य का पुराना नाम। ३. संगीत में एक प्रकार का ताल। ४. ज्योतिष के अनुसार बृहस्पति के प्रौष्ठपद नामक युग का तीसरा वर्ष। ५. युधिष्ठिर का उस समय का कल्पित नाम जब वे विराट के यहाँ अज्ञातवास कर रहे थे। ६. जयंती नामक पेड़। ७. लाभ ८. अयन। मार्ग। ९. वशीकरण। १॰. एक नाग। ११. दसवें मन्वन्तर के एक ऋषि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-कंकण  : पुं० [मध्य० स०] विजय का सूचक कंकण जो प्राचीन काल में विजयी को पहनाया जाता था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयक  : वि० [सं० जय+कन्] जीतनेवाला। विजयी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयकरी  : स्त्री० [सं० जय√कृ (करना)+ट-ङीष्] चौपाई नामक छंद का दूसरा नाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-कार  : पुं० [ष० त०] १. किसी की जय कहने की क्रिया या भाव। २. वह पद या वाक्य जिसमें किसी की जय कही जाय। जैसे–बोलेगा सो निहाल सत् श्री अकाल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-कोलाहल  : पुं० [ब० स०] पासे का एक प्राचीन खेल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-खाता  : पुं० [हिं० जय=लाभ+खाता] वह बही जिसमें बनिये प्रतिदिन होनेवाले लाभ का हिसाब लिखते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-घोष  : पुं० [ष० त०] जोर से कहीं जानेवाली किसी की जय।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-चिन्ह  : पुं० [ष० त०] १. कोई ऐसा चिन्ह या संकेत जो किसी प्रकार की जीत का सचूक हो। जैसे–आखेट, युद्ध आदि में प्राप्त की हुई और अपने पास स्मृति के रूप में रखी जानेवाली कोई चीज। २. खेल, प्रतियोगिता आदि में विजयी को मिलनेवाली कोई चीज जो स्मारक के रूप में पास रखी जाय (ट्राफी)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-जयकार  : स्त्री० [हि०] सामूहिक रूप से किसी की बार-बार जय कहने की क्रिया या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयजयवंती  : स्त्री० [हिं०] रात के दूसरे पहर में गाई जानेवाली संपूर्ण जाति की एक रागिनी जिसे कुछ लोग मेघराज को आर्या और कुछ लोग मालकोश की सहचरी बताते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-जीव  : पुं० [हिं० जय+जी] एक प्रकार का अभिवादन जिसका अर्थ है कि तुम्हारी जय हो और तुम चिरजीवी होओ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-ढक  : पुं=जयढक्का।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-ढक्का  : स्त्री० [मध्य० स०] संगीत में एक ताल का नाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयति  : पुं० [सं० जयंत्] एक संकर राग जिसे कुछ लोग गौरी और ललित तथा कुछ लोग पूरिया और कल्याण के योग से बना हुआ मानते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयति श्री  : स्त्री० [हिं०] एक रागिनी जिसे दीपक राग का भार्या कहा गया है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयती  : स्त्री=जयति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयत्कल्याण  : पुं० [सं०] रात के पहले पहर में गाया जानेवाला संपूर्ण जाति का एकसंकर राग जो कल्याण और जयति-श्री के योग से बनता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयत्सेन  : पुं० [सं० जयन्ती-सेना, ब० स०] नकुल का वह नाम जो उसने स्वंय विराट् नगर में अज्ञातवास करते समय अपने लिए रखा था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-दुंदुभी  : स्त्री० [मध्य० स०] जीत होने पर बजाया जानेवाला डंका।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-दुर्गा  : स्त्री० [कर्म० स०] दुर्गा की एक मूर्ति। (तंत्र)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयदेव  : पुं० [सं०] संस्कृत के एक प्रसिद्ध कवि का नाम जो गीत गोविन्द के रचयिता थे।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयद्बल  : पुं० [सं० जयत्-बल, ब० स०] सहदेव का वह नाम जो उसने स्वयं विराट् नगर में अज्ञातवास करते समय अपने लिए रखा था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयद्रथ  : पुं० [सं० जयत्-रथ, ब० स०] महाभारत में वर्णित एक राजा जिसने अभिमन्यु को मारा था और जिसका वध अर्जुन ने किया था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-ध्वज  : पुं० [मध्य० स०] विजय पताका।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयना  : स० [सं० जयन्] जय प्राप्त करना। जीतना।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयनी  : स्त्री० [सं०√जि+ल्युट्-अन, ङीष्] इन्द्र की कन्या का नाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-पत्र  : पुं० [मध्य० स०] १. वह पत्र जो प्राचीन काल में पराजित राजा विजयी राजा को अपनी पराजय स्वीकार करते हुए लिखकर देते थे। २. न्यायालय द्वारा किसी व्यक्ति को दिया हुआ वहपत्र जिसमें उसकी मुकदमें में होनेवाली जीत का उल्लेख होता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-पत्री  : स्त्री० [मध्य० स०] जावित्री।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-पाल  : पुं० [जय√पाल्(रक्षा करना)+अण्] १. जमालगोटा। २. विष्णु। ३. राजा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-पुत्रक  : पुं० [मध्य० स०] पुरानी चाल का एक प्रकार का पासा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-प्रिय  : पुं० [ब० स०] १. राजा विराट के भाई का नाम। २. ताल का एक भेद।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयफर  : पुं०=जायफल। उदाहरण–जयफर, लौंग सुपारि छोहारा। मिरिच होइ जो सहै न झारा।–जायसी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-मंगल  : पुं० [ब० स०] १. वह हाथी जिस पर विजयी राजा सवारी करता था। २. संगीत में एक प्रकार का ताल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-मल्लार  : पुं० [सं०] संपूर्ण जाति का एक राग जिसमें सभी युद्ध स्वर लगते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-माल  : स्त्री=जय-माला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-माला  : स्त्री० [मध्य० स०] १. विजेता को पहनाई जानेवाली माला। २. विवाह के समय फूलों आदि की वह माला जो कन्या अपने भावी पति के गले में डालती हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-यज्ञ  : पुं० [मध्य० स०] अश्वमेज्ञ यज्ञ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयरात  : पुं० [सं०] महाभारत में वर्णित कलिंग देश का एक राजकुमार जो युद्ध में भीम के हाथों मारा गया था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-लक्ष्मी  : स्त्री० [मध्य० स०] जय-श्री। विजय-श्री।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-लेख  : पुं०=जय-पत्र (दे०)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-वाहिनी  : स्त्री० [ष० त०] इंद्राणी। शची।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयशाल  : पुं० [सं०] यादव वंश के प्रसिद्ध राजा जिन्होंने जैसलमेर नगर बसाया था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-श्रृंग  : पुं० [मध्य० स०] जय-ध्वनि करनेवाला। नरसिंघा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-श्री  : स्त्री० [ष० त०] १. विजय। २. विजय की अधिष्त्राती देवी। ३. संध्या के समय गाई जानेवाली संपूर्ण राग की एक रागिनी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय-स्तंभ  : पुं० [मध्य० स०] वह स्तम्भ या बहुत ऊंची वास्तु-रचना जो किसी देश पर विजय की स्मृति में बनाई जाती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जया  : स्त्री० [सं०√जि (जीतना)+अच्-टाप्] १. दुर्गा, दुर्गा की सहचरी तथा पार्वती जी का नाम। २. अरणी, जयंती तथा शमी के वृक्षों की संज्ञा। ३. अड़हुल का फूल। ४. हरी दूब। ५. हरीतकी। हड़। ६. भाँग। ७. पताका। ८. सोलह मातृकाओं में से एक। ९. माघ शुक्ला एकादशी। १॰. कृष्ण तथा शुक्ल पक्षों की तृतीया, अष्टमी और त्रयोदशी तिथियाँ। वि० स्त्री० जय दिलानेवाली।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयदित्य  : पुं० [सं०] काश्मीर के एक प्राचीन राजा जो काशिकावृत्ति के कर्त्ता माने जाते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जया-द्वय  : स्त्री० [ष० त०] जयंती और हड़।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयानीक  : पुं० [सं०] १. राजा द्रुपद के एक पुत्र का नाम। २. राजा विराट् के भाई का नाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयावती  : स्त्री० [सं० जया+मतुप्, वत्व-ङीष्] १. कार्तिकेय की एक मातृका का नाम। २. संकर जाति की एक रागिनी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयावह  : वि० [सं० जय-आ√वह् (पहुँचाना)+अच्] जय दिलानेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयाश्व  : पुं० [सं०] राजा विराट् के एक भाई का नाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयिष्णु  : वि० [सं०√जि (जीतना)+इष्णुच्] १. जय दिलानेवाला। विजय प्राप्त करनेवाला। २. जो बराबर जीतता रहता हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयी(यिन्)  : वि० [सं०√जि (जीतना)+इनि] जिसकी जय अर्थात् विजय हुई हो। स्त्री० =जई।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयेंद्र  : पुं० [सं०] काश्मीर के राजा विजय के एक पुत्र का नाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयेती  : स्त्री० [सं०] एक संकर रागिनी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जयोल्लास  : पुं० [जय-उल्लास, ष० त०] जय अर्थात् विजय मिलने पर होनेवाला उल्लास।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जय्य  : वि० [सं०√जि+यत्] जो जीता जा सकता हो। जीते जाने के योग्य।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरंड  : वि० [सं०] १. क्षीण। २. वृद्ध।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरंत  : पुं० [सं०√जृ (जीर्ण होना)+झच्-अंत] १. अधिक अवस्थावाला व्यक्ति। २. भैंसा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर  : पुं० [सं०√जृ+अप्] १. जीर्ण या नष्ट होने की अवस्था या भाव। २. वह कर्म जिससे शुभाशुभ कर्मों का क्षय होता है। वि० [√जृ+अच्] १. वृद्ध होनेवाला। २. क्षीण या वृद्ध करनेवाला। पुं० [सं० जरा] जरा० वृद्धावस्था। पुं०=ज्वर। पुं० [फा० जर] १. सोना। २. धन। पुं० [हिं० जड़] जड़। पुं० [देश] एक प्रकार की समुद्री सेवार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरई  : स्त्री० [सं० जीरक] १. बोये हुए बीज में से निकलनेवाला नया अंकुर। २. जौ या धान के छोटे अंकुर जो विशिष्ट अवसरों पर मंगल-कामना प्रकट करने के लिए भेंट किये जाते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर-कंबर  : पुं० [फा० जरी+हिं० कंबल] वह आवरण या ओढ़ना जिस पर जरी का काम बना हो। उदाहरण–जुरा जर कंबर सो पहिरायो।–केशव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरक  : स्त्री०=झलक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरकटी  : स्त्री० [देश०] एक शिकारी चिड़िया।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरकस  : वि० [फा० जरकश] (वस्त्र) जिस पर जरी का काम हुआ हो। पुं० जरी का काम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरकसी  : वि०=जरकस।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरकान  : पुं० [अ०] गोमेद नामक रत्न।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर-खरीद  : वि० [फा०] धन देकर खरीदा हुआ। क्रीत।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरखज  : वि० [फा०] [भाव० जरखेजी] (भूमि) जिसमें फसल अधिक मात्रा में होती है। उपजाऊ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरगह, जरगा  : पुं०=जिरगा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरछार  : वि० [हिं० जरना+सं० क्षार] १. जो जलकर राख हो गया हो। २. नष्ट।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरज  : पुं० [देश०] एक प्रकार का कंद।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरजर  : वि०=जर्जर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरजरना  : अ० [हिं० जरजर] जर्जर होना या जीर्ण-शीर्ण होना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरठ  : वि० [सं०√जृ+अठच्] १. बुड्ढा। वृद्ध। २. जीर्ण। ३. कठिन। कठोर। ४. कर्कश। ५. निर्दय। ६. जिसका रंग कुछ पीलापन लिए हुए सपेद हो। पुं०=बुढापा।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरठाई  : स्त्री० [सं० जरठ+हिंआई(प्रत्यय)] बुढ़ापा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरडा  : स्त्री० [√जृ(बुढ़ापा)+ष्यड-ङीष्] एक प्रकार की घास।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरण  : पुं० [सं०√जृ+णिच्+ल्यु-अन] १. हींग। २. जीरा। ३. काला नमक। ४. कासमर्द। कसौंजा। ५. बुढ़ापा। ६. दस प्रकार के ग्रहणों में से वह जिसमें पश्चिम से मोक्ष होना आरम्भ होता है। वि० जीर्ण। पुराना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरण-द्रुम  : पुं० [कर्म० स] १. साखू का वृक्ष। २. सागौन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरणा  : स्त्री० [सं० जरण+टाप्] १. काला जीरा। २. वृद्धावस्था। ३. स्तुति। ४. मोक्ष।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरत्  : वि० [सं०√जृ+अतृन] [स्त्री० जरती] १. बुड्ढा। वृद्ध। २. क्षीण। ३. पुराना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरतार  : पु० [फा० जर+हिं० तार] जरी अर्थात् सोने, चाँदी आदि के वे तार जिसमें कपड़े पर बेल-बूटें आदि बनाये जाते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरतारा  : वि० [हिं० जरतार] [स्त्री० जरतारी] (वस्त्र) जिस पर जरी का काम हुआ हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरतारी  : स्त्री० [हिं० जरतार] जरी से बना हुआ बेल-बूटों का काम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरतिका  : स्त्री० [सं० जरती+कन्-टाप्, ह्रस्व] बूढ़ी स्त्री।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरती  : स्त्री० [सं० जरती+ङीष्]=जरतिका।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरतुवा  : वि० [हिं० जलना] दूसरे की अच्छाई या स्मृद्धि को देखकर मन ही मन कुढ़ने या जलनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर-तुश्त  : पुं०=जरदुश्त।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरत्कर्ण  : पुं० [सं०] एक वैदिक ऋषि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरत्कारु  : पुं० [सं०] एक ऋषि जिन्होंने वासुकि नाग की कन्या मनसा से विवाह किया था। स्त्री० उक्त ऋषि की पत्नी मनसा का दूसरा नाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरद  : वि० [फा० जर्द] पीले रंग का।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरद, अंछी  : स्त्री० [हिं० जरद+अंछी] काली अंछी की तरह का एक झाड़ी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरदक  : पुं० [फा० जर्दक] जरदा या पीलू नाम का पक्षी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरदिष्ट  : वि० [सं०] १. वृद्ध। २. बुड्ढा। दीर्घ-जीवी। स्त्री० १. बुढ़ापा। २. दीर्घजीवन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरदा  : पुं० [फा० जरदः] १. विशेष प्रकार से पकाये हुए मीठे पीले चावल। २. पान के साथ खाने के लिए विशेष प्रकार से बनाई हुई मसालेदार सुगधित सुरती जो प्रायः पीले रंग की और कभी-कभी काले या लाल रंग की भी होती है। ३. पीले रंग का घोड़ा। पुं० [सं० जरदक] एक प्रकार का पक्षी जिसकी कनपटी तथा पैर पीले होते हैं। पीलू।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर-दार  : वि० [फा०] [भाव० जरदारी] १. (व्यक्ति) जिसके पास जर अर्थात् धन हो। २. अमीर। धनवान।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरदालू  : पुं० [फा० जरद+आलू] खूबानी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरदी  : स्त्री० [फा०] १. जरद अर्थात् पीले होने की अवस्था, गुण या भाव। मुहावरा–(किसी पर) जरदी छाना=रोग आदि के कारण किसी के शरीर का पीला रंग पड़ना। २. अंडे में से निकलनेवाला पीला अंश।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरदुश्त  : पुं० [फा० मि० सं० जरदिष्ट=दीर्घजीवी, वृद्ध] फारस का एक प्रसिद्ध विद्वान जिसका जन्म ईसा से छः सौ वर्ष पूर्व हुआ था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरदोज  : पुं० [फा० जरदोज] [भाव० जरदोजी] वह व्यक्ति जो सोने, चाँदी की तारों से कपड़ों पर बेल-बूटे बनाता हो। जरदोजी का काम करनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरदोज़ी  : स्त्री० [फा० ज़रदोजी] १. सोने, चाँदी आदि के तारों से वस्त्रों आदि पर बेल-बूटे बनाने का काम। २. उक्त प्रकार का बना हुआ काम। वि० (कपड़ा) जिस पर उक्त प्रकार का काम बना हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरद्गव  : पुं० [सं० जरत्-गो, कर्म० स० टच्] १. बुड्ढ़ा बैल। २. बृहत्सहिता के अनुसार एक वीथी जिसमें विशाखा और अनुराधा नक्षत्र हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरद्विष  : पुं० [सं०] जल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरन  : स्त्री०=जलन।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरना  : अ०=जलना।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है) स०=जड़ना।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरनि  : स्त्री० [हिं० जलन] जलन। उदाहरण–हृदय की कबहुँ न जरनि घटी।–सूर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरनिशा  : पुं० [फा० जरनिशाँ] लोहे पर सोने, चाँदी आदि से की जानेवाली पच्चीकारी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरनैल  : पुं०=जनरल (सेनापति)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरब  : स्त्री० [अ० जब] १. आघात। चोट। प्रहार। २. तबले, मृदग आदि पर किया जानेवाला आघात। चाँटी। ३. गुणा। ४. कपड़े आदि पर काढ़ी या छपी हुई बेल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर-बफ्ती  : वि० [फा० जबरफती] १. जर बफ्त संबंधी। २. (कपड़ा) जिस पर जरबफ्त का काम हुआ हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर-बाफ  : पुं० [फा०] वह व्यक्ति जो कपड़े पर जरबफ्त का काम करता हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरबाफी  : वि० [फा०] जर-बफ्त या जरबाफ संबंधी। स्त्री० कपड़े आदि पर कलाबत्तू से बेल-बूटे आदि काढ़ने की क्रिया या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरबीला  : वि० [फा० जरब] चमक-दमकवाला। भड़कीला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरम  : पुं०=जन्म। उदाहरण–कहुँ सुख राखै की दुख दहुँ कर जरा निबाहु।–जायसी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरमन  : पुं० [अं०] यूरोप के जर्मनी नामक देश का नागरिक या निवासी। स्त्री० उक्त देश की भाषा। वि० १. जरमनी देश में होने या रहनेवाला। २. जरमन देश संबंधी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरमनसिलवर  : पुं० [अं०] एक चमकीली मिश्र धातु जो जस्ते, ताँबे, निकल आदि के योग से बनाई जाती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरमनी  : पुं० [अं०] यूरोप का एक प्रसिद्ध राज्य।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरमुआ  : वि० [हिं० जरना+मुअना=मरना] [स्त्री० जरमुई] ईर्ष्या द्वेष आदि के कारण जलनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरल  : स्त्री० [देश०] एक प्रकार की घास।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है) सेवाती। स्त्री०=जलन।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरवारा  : वि० [फा०जर(=धन)+हिं० वारा(वाला)] [स्त्री.जरवाली] १ जिसके पास जर अर्थात् धन हो। २. अमीर। धनी।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरस  : पुं० [देश०] समुद्र में होनेवाली एक प्रकार की घास।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरांकुश  : पुं० [सं० ज्वरांकुश] एक प्रकार की घास जिसकी पत्तियाँ सुगंधित होती हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरा  : स्त्री० [सं०√जृ (वृद्ध होना)+अङ्-टाप्] १. वृद्ध होने की अवस्था। बुढ़ापा। वृद्धावस्था। २. बुढ़ापे में होनेवाली कमजोरी। ३. काल की कन्या का नाम। (पुराण)। पुं० एक व्याध जिसके वाण से कृष्ण जी देवलोक सिधारे थे। वि० [अ० ज़रः] मान या मात्रा में थोड़ा। अल्प। कम। पद–जरा-सा= (क) बहुत ही कम। नहीं के बराबर। जैसे–जरा सा चूर्ण खा लो। (ख) तुच्छ या हेय। जैसे–जरा सी बात। अव्य० किसी काम या बात की अल्पता,तुच्छता,सामान्यता आदि पर जोर देने के लिए प्रयुक्त होनेवाला अव्यय। जैसे–(क) जरा तुम भी चले चलो। (ख) जरा कलम उठा दो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जराअत  : स्त्री० [अ० जिराअत] [वि० जराअती] खेती-बारी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जराऊ  : वि० [हिं० जड़ाऊ] जिसमें नगीने जड़े हों। उदाहरण–पाँवरि कबक जराऊ पाऊँ। दीन्हि असीस तेहि जड़े ठाऊँ।–जायसी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरा-कुमार  : पुं० [ष० त०] जरासंध।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरा-ग्रस्त  : वि० [तृ० त] जो जरा से पीड़ित हो। वृद्धावस्था के कारण कमजोर तथा शिथिल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरा-जीर्ण  : वि० [तृ० त०] जो पुराना अथवा वृद्ध होने के कारण जर्जर हो गया हो। जरा से जर्जर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरातुर  : वि० [जरा-आतुर तृ० त] जरा-ग्रस्त। बूढ़ा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जराद  : पुं० [सं० जरा√ अ(खाना)+अण्] टिड्डी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जराना  : स०=जलाना। स०=जड़ाना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरा-पुष्ट  : पुं० [तृ० त०] जरासंध।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जराफत  : स्त्री० [अ० जराफत] जरीफ अर्थात् हँसोड़ होने की अवस्था या भाव। मसखरापन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
ज़राफा  : पुं० [अ० जुर्राफः] ऊँट की तरह का लंबी गरदन तथा लंबी टाँगोंवाला एक पशु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जराभीत  : वि० [तृ० त०] वृद्धावस्था से डरनेवाला। पुं० कामदेव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरायम  : पुं० [अ० जुर्म का बहु] अनेक प्रकार के अपराध।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरायम-पेशा  : वि० [अ० जरायम+फा० पेशः] (वह) जो अनेक प्रकार के अपराधों के द्वारा ही जीविका चलाता हो। अपराधशील।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरायु  : पुं० [सं० जरा√इ(गति)+अण्] १. वह झिल्ली जिसमें माता के गर्भ से निकलते समय बच्चा लिपटा हुआ होता है। आँवल। खेंड़ी। २. गर्भाशय। ३. योनि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरायुज  : पुं० [सं० जरायु√जन् (उत्पन्न होना)+ड] वह प्राणी जो माता के गर्भ में से निकलते समय खेड़ी में लिपटा हुआ होता है। पिंडज।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जराव  : वि०=जड़ाऊ। पुं०=जड़ाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरा-शोष  : पुं० [मध्य० स०] वृद्धावस्था में होनेवाला एक शोष रोग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरा-संध  : पुं० [ब० स०] मगध का एक प्रसिद्ध प्राचीन राजा जो कंस का श्वसुर था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरा-सुत  : पुं० [ष० त०] जरासध।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जराह  : पुं०=जर्राह।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरिणी  : स्त्री० [सं० जरा+इनि-ङीष्] अधिक अवस्थावाली स्त्री। बुढ़िया।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरित  : वि० [सं० जरा+इतच्] बुड्ढा। वि०=जटित।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरिया(मन्)  : स्त्री० [सं० जरा+इमनिच्] जर। बुढ़ापा। वृद्धावस्था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरिया  : पुं० [अ० जरीअऽ] १. संबंध। लगाव। २. कारण। हेतु। ३. साधन। पद–के जरिये=द्वारा। वि० [हिं० जड़ना] जड़नेवाला।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है) वि० [हिं० जलना](यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है) १. जला हुआ। २. जलाने से बननेवाला। जैसे–जरिया नमक
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरिश्क  : पुं० [फा० जरिश्क] दारुहल्दी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरी(रिन्)  : वि० [सं० जरा+इनि] बुड्ढा। वृद्ध। स्त्री० जड़ी। स्त्री० [फा०] १. बादले से बुना हुआ ताश नामक कपड़ा। २. सोने के वे तार जिनसे कपड़ों पर बेल-बूटे आदि बनाये जाते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरीनाल  : स्त्री० [?] वह स्थान जहाँ पर ईंटे और रोड़े पड़े हों।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरीफ  : वि० [अ० जरीफ] १. परिहास-प्रिय। २. हँसोड़।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरीब  : स्त्री० [फा०] १. खेत या जमीन नापने की एक प्रकार की जंजीर या डोरी जो लगभग ६॰ गंज लंबी होती है। क्रि० प्र०–डालना। २. डंडा। लाठी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरीबकश  : पुं० [फा०] जरीब खींचने अर्थात् जरीब से जमीन नापनेवाला व्यक्ति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरी-बाफ  : पुं० [फा० जरीबाफ] जरी के काम के कपड़े आदि बुननेवाला कारीगर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरीमाना  : पुं०=जुरमाना।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरीया  : पुं०=जरिया।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरूथ  : पुं० [सं०√जृ(जीर्ण होना)+ऊथन्] गोश्त। मांस।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरूर  : अव्य० वि० [अ०] अवश्य। अवश्यमेव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरूरत  : स्त्री० [अ० जरूरत] १. आवश्यकता। २. प्रयोजन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरूरी  : वि० [फा० जरूरी] १. जिसके बिना किसी का काम ठीक प्रकार से न चले। जैसे–रोगी को नींद आना जरूरी हैं। २. जिसका होना या घटित होना रुकने को न हो। जैसे–मृत्यु जरूरी है। ३. प्रस्तुत परिस्थितियों में जो किया ही जाना चाहिए। जैसे–उन पर मुकदमा चलाना जरूरी है। ४. जो तुरन्त किया जाने को हो। जैसे–एक जरूरी काम आ गया है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरोल  : पुं० [देश०] आसाम और नीलगिरी के पहाड़ों पर होनेवाला एक पेड़ जिसकी लकड़ी बहुत मजबूत होती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरौट  : वि० [हिं० जड़ना] जड़ाऊ।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्कवर्क  : वि० [फा०] चमक-दमकवाला। चमकीला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्कान  : पुं०=जरकान।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्जर  : वि० [सं०√जर्ज (झिड़कना)+अरन्] १. (वस्तु) जो पुरानी हो जाने के कारण या अधिक उपयोग में आने के कारण कमजोर तथा बेकाम हो चली हो। जैसे–जर्जर मकान या जर्जर वस्त्र। २. लाक्षणिक अर्थ में कोई चीज या बात जिसका महत्त्व या मान पुराने पड़ने के कारण बहुत कम हो गया हो। जैसे–ये साहित्यिक परम्पराएँ अब जर्जर हो चुकी हैं। ३. खंडित। टूटा-फूटा। ४. वृद्ध। बुड्ढा। पुं० छरीला। पत्थर फूल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्जराना  : स्त्री० [सं० जर्जर-आनन,ब०स०] कार्तिकेय की अनुचरी एक मातृका का नाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्जरित  : वि० [सं० जर्जर+णिच्+क्त] जर्जर किया हुआ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्ण  : पुं० [सं०√जृ+नन्] १. चंद्रमा। २. वृक्ष।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्त्त  : पुं० [√जन्(उत्पत्ति)+त, र आदेश] १. हाथी। २. योनि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्तिक  : पुं० [सं०√जृ+तिकन्] १. प्राचीन वाहीक देश का नाम। २. उक्त देश का निवासी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्तिल  : पुं० [सं०√जृ+विच्<जर्,-तिल, कर्म० स०] जंगली तिल। वन तिलवा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जत्तु  : पुं० [सं०√जनु+तु, र, आदेश]=जर्त्त।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्द  : वि० [फा० जर्द] पीले रंगवाला। पीला। जरद।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्दा  : पुं=जरदा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्दालू  : पुं०=जरदालू।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
ज़र्दी  : स्त्री० [फा०] जरदी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्दोज  : पुं० [भाव० जर्दोजी]=जरदोज (दे०)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्रा  : पुं० [अ० जर्रः] १. किसी वस्तु का बहुत छोटा टुकड़ा। अणु। कण। २. धूल आदि का कण विशेषतः वह कण जो प्रकाश में उड़ता तथा चमकता हुआ दिखाई देता है। रेणु। ३. तौल में एक जौ का सौवाँ भाग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्रार  : वि० [अ०] [भाव० जर्रारी] बहादुर। वीर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जरहि  : पुं० [अ०] [भाव० जर्राही] वह चिकित्सक जो विकृत अंगों की शल्य चिकित्सा करता हो। चीर-फाड़ करनेवाला व्यक्ति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्राही  : स्त्री० [अ०] जर्राह का काम या पेशा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्वर  : पुं० [सं०] नागों के एक पुरोहित।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जर्हिल  : पुं० [सं० जर्तिल, पृषो० सिद्धि] जंगली तिल। जर्तिल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलंग  : पुं० [सं० जल√गम् (जाना)+ड, मुम्] महाकाल नामक लता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलंगम  : पुं० [सं० जल√गम्+खच्, मुम्] चांडाल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलंधर  : पुं० [सं० जल√धृ (धारण)+खच्, मुम्] १. एक प्रसिद्ध राक्षस जिसका जन्म समुद्र से माना जाता है, और जिसका वध विष्णु ने किया था। २. नाथपंथी एक सिद्ध। पुं=जलोदर (रोग)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलंबल  : पुं० [सं०] १. नदी। २. अंजन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल  : पुं० [√जल (जीवन देना)+अच्] १. गंध तथा स्वाद से रहित वह प्रसिद्ध सफेद तरल पदार्थ जो बादल वर्षा के रूप में पृथ्वी पर गिराते हैं। और जिससे झीलें, नदियाँ, समुद्र आदि बनते हैं। पानी। २. उशीर। खस। ३. पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र। ४. जन्म कुंडली में का चौथा घर। ५. सुंगधवाला। ६. तेल। उदाहरण–मेरे अंतरतम के दीपक वे क्या जल बिन जल न सकेंगे।-नरेन्द्र। ७. एक प्रकार का दिव्य। (परीक्षा)। ८. रहस्य संप्रदाय में, (क) माया। (ख) शरीर। (ग) संसार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-अलि  : पुं० [ष० त०] १. पानी का भँवर। २. पानी पर तैरनेवाला काले रंग का एक छोटा कीड़ा। भौंरा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलई  : स्त्री० [?] एक प्रकार की कील या काँटा जिसके दोनों ओर अँकुडे होते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कंटक  : पुं० [स० त०] १. सिघाड़ा। २. कुंभी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कंडु  : पुं० [मध्य० स०] पैरों मे होनेवाली वह खुजली जो उनके जल में भींगते रहने के कारण उत्पन्न होती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कंद  : पुं० [मध्य० स०] १. केला। २. काँदा नामक गुल्म।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलक  : पुं० [सं० जल√कै (प्रकाशित होना)+क] १. शंख। २. कौड़ी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कपि  : पुं० [स० त०] सूँस नामक जल-जंतु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कपोत  : पुं० [मध्य० स०] जलाशयों के किनारे रहनेवाली एक चिड़िया।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-करंक  : पुं० [मध्य० स०] १. नारियल। २. कमल। ३. शंख। ४. तरंग। लहर। ५ बादल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कर  : पुं० [मध्य० स०] १. वह कर जो किसानों को नहर से सिंचाई के लिए जल लेने के बदले में देना पड़ता है। २. जलाशयों में होनेवाले पदार्थ। जैसे–कमल गट्टा, मछली सिघाड़ा आदि। ३. उक्त प्रकार के पदार्थों पर लगनेवाला कर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कल  : स्त्री० [सं० जल+हिं० कल] १. वह यंत्र जिसकी सहायता से नलों द्वारा किसी नगर के घर-घर में पानी पहुँचाया जाता है। २. उक्त कार्य की व्यवस्था करनेवाला विभाग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कल्क  : पुं० [ष० त०] १. कीचड़। २. सेवार। ३. काई।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कल्मष  : पुं० [ष० त०] हलाहल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कांक्ष  : पुं० [जल√कांक्ष् (चाहना)+अण्] हाथी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कांक्षी(क्षिन्)  : पुं० [जल√कांक्ष्+णिनि] हाथी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-काँच  : पुं० [सं० जल+हिं० काँच] १. काँच का वह बड़ा पात्र जिसमें इसलिए जल भरकर रखते हैं कि उसमें मछलियाँ वनस्पतियाँ आदि रह सकें। २. एक प्रकार का यंत्र जो ऐसी बालटी के रूप में होता है जिसके पेदें में शीशा लगा रहता है और जिसकी सहायता से जल के अंदर की चीजें देखी जाती हैं। (वाटर ग्लास)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कांत  : पुं० [ष० त० ] १. वायु। २. वरुण।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कांतार  : पुं० [ब० स०] वरुण।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-काक  : पुं० [स० त०] जल-कौआ नामक पक्षी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कामुक  : पुं० [ष० त०] कुटुंबिनी नामक वृक्ष।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलकिनार  : पुं० [हिं० जल+किनारा] एक प्रकार का रेशमी कपड़ा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-किराट  : पुं० [जल-किर, स० त√अट् (गति)+अच्] ग्राह। घड़ियाल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कुंतल  : पुं० [ष० त०] सेवार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलकुंभी  : स्त्री० [हिं० जल+कुंभी] कुंभी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कुक्कुट  : पुं० [स० त०] मुरगाबी नामक पक्षी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कुक्कुभ  : पुं० [स० त०] एक जल-पक्षी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कुब्जक  : पुं० [जल-कुब्ज० स० त√कै (प्रतीत होना)+क] १. सेवार। २. काई।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कूपी  : स्त्री० [ष० त०] १. तालाब। २. भँवर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-कूर्म  : पुं० [स० त०] सूँस नामक जल-जंतु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-केतु  : पुं० [ष० त०] एक पुच्छल तारे का नाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-केलि  : स्त्री० [स० त०] जलाशय में नहाते या तैरते समय की जानेवाली क्रीड़ाएँ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-केश  : पुं० [ष० त०] सेवार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलकौआ  : पुं० [हिं० जल+कौआ] काले रंग का एक प्रसिद्ध जल-पक्षी जिसकी गर्दन सफेद और चोंच भूरे रंग की होती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-क्रिया  : पुं० [मध्य० स०] तर्पण।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-क्रीड़ा  : स्त्री० [स० त०] जलाशय में नहाते समय की जानेवाली क्रीड़ा। जल-विहार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-खग  : पुं० [ष० त०] जलाशयों के किनारे रहनेवाला एक पक्षी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलखर  : पुं० [हिं० जाल] [स्त्री० अल्पा० जलखरी] धागों या रस्सियों की बनी हुई वह बड़ी जाली जिसमें फल आदि रखकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाये जाते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलखावा  : पुं० [सं० जल+हिं० खाना] जलपान। कलेवा।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-गर्द  : पुं० [स० त०] जल में रहनेवाला साँप। डेढ़हा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-गर्भ  : पुं० [मध्य०स०] बुद्ध के प्रसिद्ध शिष्य आनंद का पूर्व जन्म का नाम। वि० [ब० स०] जिसके गर्भ में जल हो। पानी बरसानेवाला (बादल)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलग्रभ  : वि०=जल-गर्भ।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलगुल्म  : पुं० [ष० त०] १. पानी में का भँवर। २. कछुआ। ३. ऐसा प्रदेश जिसमें जल की कमी हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-घड़ी  : स्त्री० [हिं० जल+हिं० घड़ी०] समय का बोध करानेवाला एक प्राचीन यंत्र। विशेष–एक विशेष प्रकार की कटोरी को जिस में एक छोटा सा छेद होता था, पानी से भरी हुई नाँद में छोड़ा जाता है और इसमें भरे जाने वाले जल के परिमाण से समय का ज्ञान होता था।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलघुमर  : पुं० [हिं० जल+घूमना] पानी का भँवर। जलावर्त्त। चक्कर।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-चत्वर  : पुं० [तृ० त०] वह भू-भाग जहाँ जल की कमी हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-चर  : पुं० [जल√ चर्(चलना)+ट] जल में रहनेवाले जीव जंतु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलचरी  : स्त्री० [जलचरी+ङीप्] मछली।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-चादर  : स्त्री० [सं० जल+हिं० चादर] ऊँचे स्थान से चादर के रूप में गिरनेवाला जल का चौड़ा प्रवाह। झरना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-चारी(रिन्)  : पुं० [जल√चर्+णिनि] जल में रहनेवाला जीव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-चिन्ह  : पुं० [ष० त०] १. एक जल-जंतु। कुंभीर। नाक। २. वह चिन्ह या रेखा जो यह सूचित करने के लिए बनाई जाती है कि नदी की बाढ़ आदि का पानी कब कितना ऊँचा पहुँचता या पहुँचा था। ३. कागज बनाने के समय वह विशिष्ठ प्रक्रिया से बनाया जानेवाला वह चिन्ह जो उसकी किसी विशिष्टता का सूचक होता है और जो कागज को केवल प्रकाश के सामने रखने पर दिखाई देता है। (वाटर मार्क)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलचौलाई  : स्त्री०=चौलाई।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-जन्तु  : पुं० [ष० त०] जल में रहनेवाले जीव या प्राणी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलजन्तुका  : स्त्री० [सं० जलजंतु+कन्-टाप्] जोंक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलजंबुका  : स्त्री० [सं० जल-जंबु, मध्य० स०+कन्-टाप्] जल जामुन नामक पेड़ और उसका फल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलज  : वि० [सं० जल√जन् (उत्पत्ति)+ड] जल में से उत्पन्न होने वाला। पुं० १. कमल। २. जल-जंतु। ३. मोती। ४. शंख।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-जन्य  : पुं० [तृ० त०] कमल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलजला  : पुं० [अ० ज़ल जलः] भूकंप। भूडोल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-जात  : वि० [स० त०] जो जल में उत्पन्न हो। जलज। पुं० कमल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलजामुन  : पुं० [सं० जल+हिं० जामुन] १. नदियों के किनारे होनेवाला एक प्रकार का जंगली जामुन का वृक्ष। २. उक्त पेड़ का फल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलजासन  : पुं० [जलज–आसन, ब० स०] वह जिसका आसन कमल हो अर्थात् ब्रह्मा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-जिह्न  : पुं० [ब० स०] घड़ियाल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-जीवी (विन्)  : पुं० [जल√ जीव् (जीना)+णिनि] मछुआ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-डमरूमध्य  : पुं० [सं०] भूगोल में जल की वह पतली जलधारा जो दो बड़े समुद्रों को मिलाती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-डिंब  : पुं० [स० त०] घोंघा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलण  : स्त्री० [सं० ज्वलन] अग्नि।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-तरंग  : पुं० [ष० त०] १. जल से भरी हुई कटोरियों का वर्ग या समूह जिस पर अलग-अलग आघात कर के सातों स्वर निकाले जाते हैं। २. उक्त कटोरियों पर आघात करने से होनेवाली ध्वनि या शब्द।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-तरोई  : स्त्री० [हिं० जल+तरोई] मछली (व्यंग्य और हास्य)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-ताड़न  : पुं० [ष० त०] जल पर आघात करने के समान व्यर्थ का काम करना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-तापिक  : पुं० [सं० जलतापिन्+कन्] एक प्रकार की बड़ी समुद्री मछली।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-तापी(पिन्)  : पुं० [सं० जल√तप् (तपना)+णिनि]=जलतापिक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलताल  : पुं० [सं० जल+तल्-टाप्, जलता√अल् (पूरा होना)+अच्] सलई का पेड़ और उसकी लकड़ी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-तिक्तिका  : स्त्री० [मध्य० स०] सलई का पेड़ और उसकी लकड़ी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलत्रा  : स्त्री० [जल√त्रा(वचाना)+क-टाप्] छाता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-त्रास  : पुं० [तृ० त०] जलातंक। (दे०)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलथंभ  : पुं० [सं० जलस्तंभन] १. जल की धारा को बाँधने या रोकने की क्रिया या भाव। २. दे० ‘जलस्तंभ’।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलद  : वि० [जल√दा (देना)+क] जल देनेवाला। पुं० १. बादल। २. वंशज, जो पितरों को जल देते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलद-काल  : पुं० [ष० त०] वर्षाऋतु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलद-क्षय  : पुं० [ब० स०] शरद ऋतु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलदर्दुर  : पुं० [उपमि० स०] एक प्रकार का पुराना बाजा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-दस्यु  : पुं० [मध्य० स०] [भाव० जलदस्युता] वह जो समुद्री जहाजों के यात्रियों आदि का सामान लूटता हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलदागम  : पुं० [सं० जलद-आगम, ब० स०] वर्षाकाल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-दान  : पुं० [ष० त०] तर्पण।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलदाभ  : पुं० [सं० जलद–आभा, ब० स०] वह जिसकी आभा बादल के रंग जैसी हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-दाशन  : पुं० [सं० जलद-अशन, ष० त०] साखू का पेड़ और उसकी लकड़ी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-दुर्ग  : पुं० [मध्य० स०] वह दुर्ग जो किसी झील, नदी, समुद्र आदि से घिरा हुआ हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-देव  : पुं० [ब० स०] १. पूर्वाषाढ़ा नामक नक्षत्र। २. [ष० त०] वरुण।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-देवता  : पुं० [सं० ष० त०] वरुण।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलदोदो  : पुं० [?] जलाशयों में होनेवाला एक प्रकार का पौधा जिसके शरीर से स्पर्श होने से खुजली उत्पन्न होती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-द्रव्य  : पुं० [मध्य० स०] जल में उत्पन्न होनेवाली वस्तुएँ। जैसे–मुक्ता, शंख आदि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-धर  : पुं० [√धृ (धारण)+अच्-धर, जल-धर, ष० त०] १. बादल। २. समुद्र। ३. जलाशय।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलधर-केदारा  : पुं० [सं० जलधर+हिं० केदारा] मेघ और केदारा के योग से बननेवाला एक संकर राग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलधर-माला  : स्त्री० [ष० त०] १. बादलों की श्रेणी या समूह। २. बारह वर्णों का एक वृत्त जिसके प्रत्येक चरण में क्रमशः एक मगण, एक भगण, एक सगण और एक यगण होता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलधरी  : स्त्री० [सं० जलधर+ङीष्] धातु, पत्थर आदि का बना हुआ वह आधान जिसके बीच में शिंवलिंग स्थापित किया जाता है और जो तीन ओर से गोलाकार होता है और एक ओर से लंबोतरा अर्धा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलधार  : पुं० [सं० जल√धृ (रखना)+णिच्+अच्] शाक द्वीप का एक पर्वत। स्त्री० [सं० जल+धारा] जल की धारा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-धारा  : स्त्री० [ष० त०] १. जल की वह राशि जो पृथ्वी पर बह रही हो। जल का प्रवाह। २. एक प्रकार की तपस्या जिसमें ध्यान-मग्न तपस्वी पर धारा के रूप में जल कुछ समय तक छोड़ा जाता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलधारी(रिन्)  : वि० [सं० जल√धृ+णिनि] [स्त्री० जलधारिणी] जलधारण करनेवाला। पुं० १. मेघ। २. बादल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलधि  : पुं० [सं० जल√धा+कि] १. समुद्र। २. दस शंख की सूचक संख्या की संज्ञा। ३. महापद्म।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलधिगा  : स्त्री० [स० जलधि√गम् (जाना)+ड-टाप्] १. लक्ष्मी। २. नदी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलधिज  : पुं० [सं० जलधि√जन् (उत्पत्ति)+ड] चंद्रमा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलधेनु  : स्त्री० [मध्य० स०] एक कल्पित गाय। (पुराण)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलन  : स्त्री० [हिं० जलना] १. जलने की अवस्था, क्रिया या भाव। २. शरीर के किसी अंग के जलने पर उसमें होनेवाली कष्टकारक चुन-चुनाहट या पीड़ा। ३. शरीर में अथवा उसके किसी अंग में किसी प्रकार का रोग या विकार होने के कारण होनेवाली कष्टकारक चुनचुनाहट। जैसे–खुजली के कारण शरीर में जलन होना। ४. किसी की उन्नति, वैभव, सुख आदि देखकर ईर्ष्या और द्वेष के कारण होनेवाला मानसिक कष्ट।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलनकुल  : पुं० [सं० स० त०] ऊदबिलाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलना  : अ० [सं० ज्वलन] १. आग का संयोग या संपर्क होने पर किसी वस्तु का ऐसी स्थिति में होना कि उसमें से (क) लपट (जैसे–कोयला जलना) (ख) प्रकाश (जैसे–दीया जलना) (ग) ताप (जैसे–कहाड़ी या तावा जलना) (घ) धूआँ (जैसे–गीली लकड़ी जलने पर) आग उत्पन्न होने या निकलने लगे। विशेष–प्रयोग की दृष्टि से जलना का क्षेत्र बहुत व्यापक है। हमारे यहाँ स्वयं आग भी जलती है आग की भट्ठी या चूल्हा भी जलता है, भट्ठी या चूल्हे में का ईधन भी जलता है जिसमें कोई चीज पकाई जाती है। इसी प्रकार दीया भी जलता है, उसमें का तेल भी जलता है और उसमें की बत्ती जलती है। पद–जलती आग-भयावह या संकट-पूर्ण वातावरण या स्थिति। मुहावरा–जलती आग में कूदना=जान-बूझकर अपनी जान जोखिम में या विशेष संकट में डालना। २. उक्त के आधार पर किसी वस्तु का आग से संयोग या संपर्क होने पर जलकर भस्म हो जाना। जैसे–घर या शव जलना। ३. किसी विशिष्ट प्रक्रिया से किसी वस्तु के साथ अग्नि का ऐसा संयोग होना कि उस वस्तु को कोई दूसरा या नया रूप प्राप्त हो। ४. शरीर के किसी अंग का अग्नि या ताप के कारण विकृत अवस्था को प्राप्त होना। जैसे–(क) रोटी पकाते समय तवे से हाथ जलना। (ख) गरम बालू पर चलते समय पैर जलना। (ग) गरम दूध पीने से मुँह जलना। मुहावरा–जले पर नमक छिड़कना=ऐसा काम करना जिससे दुखिया का दुख और अधिक बढ़े। ५. पेड़-पौधों के संबंध में, अधिक ताप के प्रभाव के कारण मुरझा या सूख जाना। जैसे–इस भीषण गरमी में खेत के खेत जल गये हैं। ६. (आंतरिक ताप) के कारण शरीर का बहुत अधिक तप जाना। जैसे–ज्वर के कारण शरीर जलना। ७. किसी प्रकार की भौतिक या रासायनिक प्रक्रिया के कारण किसी वस्तु के विशिष्ट गुणों का नष्ट होना। जैसे–(क) बिजली का तार जलना। (ख) तेजाब की बूँद पड़ने पर कपड़ा जलना। ८. लाक्षणिक अर्थ में, ईर्ष्या, क्रोध रागद्वेष आदि के कारण बहुत अधिक उतप्त होना। मुहावरा–जली कटी सुनाना=ईर्ष्या क्रोध आदि के कारण बहुत सी कटु बातें कहना। जल मरना=ईर्ष्या द्वेष आदि के कारण बहुत अधिक दुखी होना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-नाथ  : पुं० [ष० त०] १. इंद्र। २. वरुण। ३. समुद्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-निधि  : पुं० [ष० त०] १. समुद्र। २. चार की संख्या की सूचक संज्ञा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-निवास  : पु० [स० त०] वह झोपड़ी या छोटा मकान जो कुछ देशों के लोग बड़ी झील के पिछले भाग में खंभों पर अपने रहने के लिए बनाते हैं। (लेक ड्वेलिंग)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलनीम  : स्त्री० [सं० जल निंब] जलाशयों की दलदली भूमि से उपजने वाली एक प्रकार की लोनिया।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलनीलिका  : स्त्री० [सं० जलनीली+कन्-टाप्, हृस्व] सेवार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलनीली  : स्त्री० [सं० जल√निल् (नीला करना)+णिच्+अण्-ङीषी] सेवार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलपक  : वि०=जल्पक।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-पक्षी(क्षिन्)  : पुं० [मध्य० स०] वे पक्षी जो जलाशयों के समीप रहने तथा उनमें की मछलियाँ पकड़कर खाते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-पति  : पुं० [ष० त०] १. वरुण। २. समुद्र। ३. पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-पथ  : पुं० [ष० त०] १. दे० जलमार्ग। २. नहर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलपना  : अ० [सं० जल्पन] १. निर्रथक या व्यर्थ की बातें कहना। बकना। उदाहरण– धाए बुद्धि विरूद्ध कुद्ध जलपत दुर्भाषा।-रत्नाकर। २. लंबी चौड़ी हाँकना। डींग मारना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-परी  : स्त्री० [सं० जल+फा०परी] एक कल्पित जल-जंतु जिसका कमर से ऊपरी भाग स्त्रियों का सा और नीचे का भाग मछलियों का सा माना जाता है। (मर्मेड)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलपाई  : स्त्री० [देश०] रूद्राक्ष की जाति का एक पेड़ उसका फल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलपाटल  : पुं० [सं० जल और पटल] काजल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-पान  : पुं० [सं० जल और पान] भोजन से पहले या बाद में। (प्रायः प्रातःकाल और सायंकाल) किया जानेवाला हलका भोजन। कलेवा। नाश्ता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-पाराक्त  : पुं० [स० त०] जलाशयों के किनारे रहनेवाली जल कपोत। नामक चिड़िया।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-पिंड  : पुं० [ष० त०] अग्नि। आग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-पिप्पलिका  : स्त्री० [मध्य० स०] जलपीपल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-पिप्पली  : स्त्री० [मध्य० स०] जलीपात नामक ओषधि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-पिप्पिका  : स्त्री० [ष० त०] मछली।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-पीपल  : स्त्री० [सं० जलपिप्पली] १. पीपल की जाति का एक प्रकार का छोटा पेड़ जो खड़े या स्थिर पानी में होता है। २. उक्त पेड़ की फली जो पाचक होती है और ओषधि के काम आती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-पुष्प  : पुं० [मध्य० स०] १. जलाशयों में उत्पन्न होनेवाले फूलों की संज्ञा। २. लज्जावंती की जाति का एक पौधा जो प्रायः दलदलों में होता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-पृष्ठ जा  : स्त्री० [सं० जल-पृष्ठ, ष० त०,√ जन् (उत्पत्ति)+ड-टाप्] सेवार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-प्रदान  : पुं० [ष० त०] जल देने विशेषतः तर्पण करते समय पितरों आदि को जल देने की क्रिया या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-प्रपा  : पुं० [ष० त०] पौंसरा। प्याऊ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-प्रपात  : पुं० [ष० त०] १. पहाड़ों आदि में बहुत ऊँचाई से गिरनेवाला पानी या प्राकृतिक झरना। प्रपात। (वाटर फाल) २. वह स्थान या ऊँचा पहाड़ जहाँ पर से जल की धारा नीचे गिरती हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-प्रवाह  : पुं० [ष० त०] १. कोई चीज जल में प्रभावित करने अर्थात् बहाने की क्रिया या भाव। २. जल की धारा से किसी ओर बहने की क्रिया, गति या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-प्रांगण  : पुं० [ष० त०] समुद्र का उतना भादृग जितने पर उसके तट पर स्थित राज्य का अधिकार समझा जाता है। (टेरिटोरियल वाटर्स) विशेष–अंतर्राष्ट्रीय विधान के अनुसार वह क्षेत्र तट से तीन मील की दूरी तक होता है। पर अब कुछ राष्ट्र इसे १२ मील तक रखना चाहते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-प्रांत  : पुं० [ष० त०] जलाशय के आसपास का प्रदेश।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-प्राय  : वि० [ब० स०] (ऐसा भू-भाग) जिसमें जलाशय अर्थात् ताल, नदियाँ, नहरें आदि बहुत अधिक हों।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-प्रिय  : पुं० [ष० स०] १. मछली। २. चातक। पपीहा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलप्लव  : पुं० [सं० जल√प्लु (कूदना)+अच्] ऊदबिलाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-प्लावन  : पुं० [ष० त०] १. ऐसी भीषण बाढ़ जिसमें चारों ओर बहुत दूर-दूर तक जल ही जल दिखाई देता हो और धरातल उक्त बाढ़ के फलस्वरूप पानी से ढक जाता हो। २. एक प्रकार का प्रलय जिसमें सब देश डूब जाते हैं। (पुराण)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-फल  : पुं० [मध्य० स०] सिंघाड़ा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलबंध  : पुं० [सं० जल√बंध् (बाँधना)+अच्] मछली।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-बंधक  : वि० [ष० त०] जल को बाँधनेवाला। पुं० बाँध।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-बंधु  : पुं० [ब० स०] मछली।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-बम  : पुं० [सं० जल+अं० बाम्ब] जल में छोड़ा जानेवाला एक प्रकार का रासायनिक विस्फोटक गोला जो आस-पास के जहाजों, पनडुब्बियों आदि को नष्ट कर देता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलबालक  : पुं० [सं० जल√बल् (जिलाना)+णिच्+ण्वुल्-अक] बिंध्याचल पर्वत।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-बाला  : स्त्री० [ष० त०] बिजली। उदाहरण–जलबाला न समाइ जलदि।–प्रिथीराज।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-बालिका  : स्त्री० [ष० त०] बिजली। विद्युत्।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-बिंब  : पुं० [ष० त०] पानी का बुलबुला। बुल्ला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-बिडाल  : पुं० [स० त०] ऊदबिलाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-बिल्व  : पुं० [मध्य० स०] १. केकड़ा। २. वह प्रदेश जहां जल की कमी हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-बुदबुद  : पुं० [ष० त०] पानी का बुलबुला। बुल्ला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलबेंत  : पुं० [सं० जलवेत्र] जलाशयों या दलदल में लता के रूप में उपजनेवाला एक प्रकार का बेंत का पौधा जिसके छिलको से कुर्सियां आदि बुनी जाती हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-ब्राह्मी  : स्त्री० [स० त०] हुरहुर का साग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-भँगरा  : पुं० [सं० जल+हिं० भँगरा] जलाशयों में होनेवाला एक प्रकार का भँगरा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-भालू  : पुं० [हिं० जल+भाल] सील की जाति का आठ-दस हथ लंबा एक समुद्री जंतु जिसके सारे शरीर पर बड़े-बड़े बाल होते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलभू  : पुं० [सं० जल√भू (होना)+क्विप्] १. मेघ। २. एक प्रकार का कपूर। ३. जलचौलाई। स्त्री० जल-प्राय भूमि। कछ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-भूषण  : पुं० [ष० त० ] वायु। हवा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलभूतृ  : पुं० [सं० जल√भृ (धारण)+क्विप्] १. बादल। मेघ। २. वह पात्र जिसमें जल रखा जाता हो। ३. एक प्रकार का कपूर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-भौंरा  : पुं० [सं० जल+हिं० भौंरा] काले रंग का एक प्रसिद्ध छोटा कीड़ा जो जल के ऊपरी स्तर पर चलता, दौड़ता या तैरता रहता है। भौंतुआ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-मंडल  : पुं० [ब० स०] एक प्रकार की बड़ी विषैली मकड़ी जिसके स्पर्श से कभी-कभी मनुष्य मर जाता है। चिरैयाबुदकर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-मंडूक  : पुं० [उपमि० स०] पुरानी चाल का एक प्रकार का बाजा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलम  : पुं०=जन्म।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-मदगु  : पुं० [उपमि० स०] कौड़िल्ला (पक्षी)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-मधूक  : पुं० [मध्य० स०] जल-महुआ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलमय  : पुं० [सं० जल+मयट्.] १. चंद्रमा। २. शिव की एक मूर्ति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-मल  : पुं० [ष० त०] झाग। फेन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-मसि  : पुं० [तृ० त०] १. बादल। मेघ २. एक प्रकार का कपूर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-महुआ  : पुं० [सं० जलमधूक] जलाशयों के समीप होनेवाला एक प्रकार का महुआ (पेड़) और उसका फल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-मातृका  : स्त्री० [मध्य० स०] जल में रहनेवाली सात देवियों-मत्सी, कूर्मी, वाराही, दर्दुरी, मकरी, जलूका और जंतुका में से कोई एक। (पुराण)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-मानुष  : पुं० [मध्य० स०] [स्त्री० जलमानुषी] दे० ‘जल-परी’।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-मापक  : पुं० [ष० त०] घड़ी के आकार का वह यंत्र जो जल आदि में से निकले हुए जल का मान बतलाता है। (हाइड्रो मीटर)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-माया  : स्त्री० [ष० त०] मृग-तृष्णा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-मार्ग  : पुं० [ष० त०] नहर, नदी, समुद्र आदि में का वह मार्ग या रास्ता जिससे जहाज, नावें आदि आती-जाती रहती हैं। (वाटरवेज)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-मार्जार  : पुं० [ष० त०] ऊदबिलाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलमुच्  : पुं० [सं० जल√मुच् (छोड़ना)+क्विप्] १. बादल। मेघ। २. एक प्रकार का कपूर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-मुलेठी  : स्त्री० [सं० जलयष्टी] जलाशय में होनेवाली एक प्रकार की मुलेठी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-मूर्ति  : पुं० [ब० स०] शिव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-मूर्तिका  : पुं० [सं० जल-मूर्ति, ष० त०+कन्-टाप्] ओला। करका।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलमोद  : पुं० [सं० जल√मुद् (प्रसन्न होना)+णिच्+अण्] खस।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-यंत्र  : पुं० [ष० त०] १. वह उपकरण जिससे कुएँ आदि से पानी ऊपर उठाकर नलों की सहायता से दूर-दूर तक पहुँचाया जाता है। २. फुहारा। ३. जलधड़ी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-यात्रा  : स्त्री० [मध्य० स०] १. नदी, समुद्र आदि के द्वारा होनेवाली यात्रा। २. अभिषेक आदि के समय पवित्र जल लाने के लिए कहीं जाना। ३. ज्येष्ठ की पूर्णिमा को होनेवाला वैष्णवों का एक उत्सव जिसमें विष्णु की मूर्ति को ठंडे जल से स्नान कराया जाता है। ४. राजपूताने में कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी को मनाया जानेवाला एक उत्सव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-यान  : पुं० [ष० त०] वह यान या सवारी जो जल में चलती हो। जैसे–जहाज, नाव आदि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-रंक  : पुं० [सं० स० त०] बगुला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-रंकु  : पुं० [सं० स० त०] बनमुर्गी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-रंग  : पुं० [मध्य० स०] १. चित्र-कला में, तैल-रंग से भिन्न वह रंग जो जल और गोंद आदि के योग से तैयार किया जाता है। (वाटर कलर) २. उक्त प्रकार के रंगों से चित्र अंकित करने की प्रणाली। ३. उक्त प्रकार के रंगों से अंकित चित्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलरंज  : पुं० [सं० जल√रंज् (अनुरक्त होना)+अच्] बगुलों की एक जाति।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-रंड  : पुं० [ष० त०] १. भँवर। २. जलकण। ३. साँप।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-रस  : पुं० [मध्य०] नमक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-राशि  : पुं० [ष० त०] १. अथाह जल। २. समुद्र। ३. ज्योतिष में, कर्क, मकर, कुंभ और मीन राशियाँ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-रुद्ध  : वि० [तृ० त०] १. जल से घिरा या रुँधा हुआ। २. इतना कड़ा या ठोस (पदार्थ) कि उसके छेदों में जल का प्रवेश न हो सकता हो। (वाटर टाइट)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-रुह  : वि० [सं० जल√रुह्(उगना)+क] जल में उत्पन्न होने वाला। पुं० जल में उत्पन्न होनेवाली वनस्पतियों तथा उनके फल-फूलों आदि की संज्ञा। जैसे–कमल, सिंघाड़ा आदि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-रूप  : पुं० [ब० स०] ज्योतिष में मकर राशि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-लता  : स्त्री० [स० त०] तरंग। लहर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-लोहित  : पुं० [ब० स०] एक राक्षस का नाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-वर्त्त  : पुं० [ष० त०] १. एक प्रकार के मेघ। २. जलार्वत।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-वल्कत  : पुं० [ष० त०] जलकुंभी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-वल्ली  : स्त्री० [मध्य० स०] सिंघाड़ा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलवाना  : स० [हिं० जलाना का प्रे० रूप] जलाने का काम किसी दूसरे से कराना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-वानीर  : पुं० [मध्य० स०] जलबेंत।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-वायस  : पुं० [स० त०] कौडिल्ला। (पक्षी)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-वायु  : पुं० [द्व० स०] किसी प्रदेश की प्राकृतिक या वातावरणिक स्थिति जिसका विशेष प्रभाव, जीवों, जंतुओं, वनस्पतियों आदि की उपज, विकास तथा स्वास्थ्य पर पड़ता है। (क्लाइमेट)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-वायुमान  : पुं० [ष० त०] वह वायुमान जो समुद्र या बड़े जलाशयों के तल पर भी उतर सकता और फिर वहीं से उड़कर आकाश में भी जा सकता है। (हाइड्रो प्लेन)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-वाष्प  : पुं० [ष० त०] पानी की वह भाप जो वेग से किसी चमकीले पदार्थ पर डाल कर ताप, प्रकाश आदि उत्पन्न करने के काम में लाई जाती हैं। (वाटर गैस)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-वास  : पुं० [स० त०] १. जल में वास करने अर्थात् रहने की क्रिया या भाव। २. साँस रोककर तथा पानी में डुबकी लगाकर बैठने की क्रिया या साधना। उदाहरण–कुशल बली है जलवास की कला में भी। मैथलीशरण। ३. [ब० स०] खस। ४. [जल√वस्] विष्णुकंद।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलवाह  : पुं० [सं० जल√वह् (ढोना)+अण्] मेघ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलबिंदुजा  : स्त्री० [सं० जल-बिंदु, ष० त०√जन् (उत्पत्ति)+ढ-टाप्] एक प्रकार की रोचक ओषधि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-विषुव  : पुं० [मध्य० स०] ज्योतिष में वह योग या स्थिति जब सूर्य कन्या राशि से तुला राशि में संक्रमण करता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-विश्लेषण  : पुं० [ष० त०] जल के संयोजक तत्त्वों को अलग-अलग करने की क्रिया या भाव। (हाइड्रोलिसिस)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-वीर्य  : पुं० [ब० स०] भरत के पुत्र का नाम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-वृश्चिक  : पुं० [स० त०] झींगा मछली।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलवेतस  : पुं० [मध्य० स०] जलबेंत।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-वैकृत  : पुं० [ष० त०] जलाशयों नदियों आदि के संबंध में होनेवाली कुछ अनोखी और असाधारण बातें जो अपनी भावी दैवी उत्पात आदि की सूचक होती हैं। जैसे–नदी का अपने स्थान से हटना, जलाशयों का अचानक सूख जाना आदि आदि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-व्याघ्र  : पुं० [स० त०] [स्त्री० जल-व्याघ्री] सील की जाति का एक हिंसक जल-जंतु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-व्याल  : पुं० [मध्य० स०] पानी में रहनेवाला सांप।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-शयन  : पुं० [ब० स०] विष्णु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलशायी(यिन्)  : पुं० [जल√शी (शयन करना)+णिनि] विष्णु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलशुंडी  : स्त्री०=जलस्तंभ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-शूक  : पुं० [स० त०] सेवार।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-शूकर  : पुं० [ष० त०] कुंभीर नाक नामक जल-जंतु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-संघात  : पुं० [ष० त०]=जलराशि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-संत्रास  : पुं=जलांतक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-संघ  : पुं० [ब० स०] धृतराष्ट्र का एक पुत्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-संस्कार  : पुं० [स० त०] १. स्नान करना। नहाना। २. धोना। ३. शव को नदी आदि में प्रवाहित करना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-समाधि  : स्त्री० [स० त०] १. जल में डूबकर प्राण देना। २. जल में डुबाया या प्रवाहित किया जाना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-समुद्र  : पुं० [मध्य० स०] सात समुद्रों में से अंतिम समुद्र। (पुराण)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-सर्पिणी  : स्त्री० [स० त०] जोंक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलसा  : पुं० [अ०] १. दे० ‘उत्सव’ या समारोह। २. दे० ‘अधिवेशन’।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलसाईं  : पुं० [हिं० जलाना] मुरदे जलाने का स्थान। मरघट।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलसिंह  : पुं० [स० त०] [स्त्री० जलसिंही] सील की जाति का एक प्रकार का बड़ा तथा हिंसक जल-जंतु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलसिरस  : पुं० [सं० जलशिरीष] जलाशयों में पैदा होनेवाला एक प्रकार का सिरस का वृक्ष।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलसीप  : स्त्री० [स्त्री० जलशुक्ति] वह सीप जिसके अंदर मोती हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलसीम  : स्त्री० [सं० जल+शिंबा] जल की सेम अर्थात् मछली।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-सूचि  : पुं० [स० त०] १. सूँस। २. बड़ा कछुआ। ३. जोंक। ४. जल में होनेवाला एक पौधा। ५. सिंघाड़ा। ६. कौआ। ७. कौआ नामक मछली।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-सूत  : पुं० [स० त०] नहरुआ। (रोग०)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-सेना  : स्त्री० [मध्य० स०] किसी राष्ट्र की वह सेना (वायु तथा स्थल-सेना से भिन्न) जो समुद्र-तटों की शत्रुओं से रक्षा करता तथा समुद्र में पहुँचकर विपक्षियों के जहाजों से युद्ध करती है। (नेवी)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-सेनी  : पुं० [सं०] एक प्रकार की मछली।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-स्तंभ  : पुं० [ष० त०] एक प्राकृतिक घटना जिसमें जलाशय या समुद्र में आकाश से बादल झुक पड़ते हैं और जलाशय या समुद्र का जल कुछ समय के लिए ऊपर उठकर स्तंभ का रूप धारण कर लेता है। सूँडी (वाटर स्पाउट)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-स्तंभन  : पुं० [ष० त०] मंत्रों आदि की शक्ति से जल की गति या प्रवाह रोकना या बंद करना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलस्था  : स्त्री० [सं० जल√स्था (रहना)+क-टाप्] गंडदूर्वा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलहर  : वि=जलहल।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है) पुं०=जलधर।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-हरण  : पुं० [ष० त०] मुक्तक दंडक का एक भेद जिसके प्रत्येक चरण में ३२ वर्ण होते हैं और आठ, आठ, नौ और फिर सात पर यति होती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलहरी  : स्त्री०=जलधरी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलहल  : वि० [हिं० जल] जल से भरा हुआ। जलमय। पुं० १. =जलाशय।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है) २. =सागर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-हस्ती(स्तिन्)  : पुं० [स० त०] सील की जाति का एक स्तनपायी जल-जंतु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलहार  : पुं० [सं० जल√हृ (हरण)+अण्] [स्त्री० जलहारी] पानी भरनेवाला मजदूर। पनिहारा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलहालम  : पुं० [सं० जल+हालम ?] जलाशयों के किनारे होनेवाला एक प्रकार का हालम वृक्ष।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-हास  : पुं० [ष० त०] समुद्र फेन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल-होम  : पुं० [स० त०] हवन का एक प्रकार जिसमें जल में ही आहुति दी जाती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलांक  : पुं० [सं० जल-अंक, ष० त०] [वि० जलांकित] जल-चिन्ह। (दे०)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलांकन  : पुं० [सं० जल-अंकन, ष० त०] जलांक या जल-चिन्ह अंकित करने की क्रिया या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलांचल  : पुं० [सं० जल-अंचल, ष० त०] पानी की नहर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलांजल  : पुं० [सं० जल√अंज् (व्याप्त करना)+अलच्] १. सेवार। २. सोता। स्रोत।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलांजलि  : स्त्री० [सं० जल-अंजलि, मध्य० स०] १. जल से भरी अंजुली। २. तर्पण के समय पितरों आदि को दी जानेवाली जल की अंजुलि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलांटक  : पुं० [सं० जल√अंट (घूमना)+ण्वुल्-अक] मगर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलांतक  : पुं० [सं० जल-अंतक, ब० स० कप्] १. सात समुद्रों में से एक। २. श्री कृष्ण का एक पुत्र जो सत्यभामा के गर्भ से उत्पन्न हुआ था। (हरिवंश)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलांबिका  : स्त्री० [सं० जल-अंबिका, ष० त०] कूआँ। कूप।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाऊ  : वि० [हिं० जलाना+आऊ (प्रत्यय)] १. जलानेवाला। २. (वह) जो जलाया या जलाये जाने को हो। जैसे–जलाऊ लकड़ी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाक  : स्त्री० [हिं० जलाना] १. पेट की जलन। २. तेज धूप की लपट। ३. लू।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाकर  : पुं० [सं० जल-आकार, ष० त०] वह स्थान जहाँ बहुत अधिक जल हो। जलाशय। जैसे–नदी समुद्र आदि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाकांक्ष  : पुं० [सं० जल-आ√कांक्ष् (चाहना)+अण्, ब० स०] हाथी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाका  : स्त्री० [सं० जल-आ√का (जाहिर होना)+अच्-टाप्] जोंक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाक्षी  : स्त्री० [सं० जल√अक्ष् (व्याप्त होना)+अच्-ङीष्] जलपीपल। जलपिप्पली।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाखु  : पुं० [सं० जल-आखु] ऊदबिलाव। (जंतु)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाजल  : वि०=झलाझल। पुं०=झलाझल।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाटन  : पुं० [सं० जल√अट् (घूमना)+ल्यु–अन] सफेद चील।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाटनी  : स्त्री० [सं० जलाटन+ङीप्] जोंक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाटीन  : पुं०=जेलाटीन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलांतक  : पुं० [सं० जल-आतंक, पं० त०] १. जल से लगनेवाला भय। २. पागल कुत्तों, गीदड़ों आदि के काटने से होनेवाला एक प्रकार का रोग जिसमें मनुष्य को जल देखने भर से बहुत अधिक डर लगता है। (हाइड्रोफोबिया)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलातन  : वि० [हिं० जलना+तन] १. जिसका तन जला हो अर्थात् बहुत दुखी या संतप्त। २. क्रोधी। ३. ईर्ष्यालु। पुं० कष्ट देने की क्रिया या भाव। जैसे–इतना जलातन करोगे तो मैं चला जाऊँगा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलात्मिका  : स्त्री० [सं० जल-आत्मन्, ब० स० कप्, टाप्, इत्व, ब० स०] १. जोंक। २. कूआँ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलात्यय  : पुं० [सं० जल-अत्यय, ब० स०] शरत्काल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाद  : पुं०=जल्लाद।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाधर  : पुं० [सं० जल-आधार, ष० त०] जलाशय।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाधिदैवत  : पुं० [सं० जल-अधिदैवत, ष० त०] १. वरुण। २. पूर्वाषाढा़ नक्षत्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाधिप  : पुं० [सं० जल-अधिप, ष० त०] १. वरुण। २ ज्योतिष में वह ग्रह जो किसी विशिष्ट संवत्सर में जल का अधिपति होता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाना  : स० [हिं० जलना क्रिया का स० रूप] १. आग के संयोग से किसी चीज को जलने में प्रवृत्त करना। प्रज्वलित करना। विशेष–कोई चीज या तो (क) ताप उत्पन्न करने के लिए जलाई जाती है जैसे–ईधन जलाना या (ख) प्रकाश उत्पन्न करने के लिए, जैसे–लालटेन जलाना, अथवा (ग) नष्ट या भस्म करने के लिए, जैसे–मकान या शहर जलाना। २. आज-कल उक्त क्रियाएँ आग के अतिरिक्त कुछ दूसरी प्रक्रियाओं से भी की जाती है। जैसे–बिजली की बत्ती या लट्टू जलाना। ३. ऐसा काम करना जिससे अधिक ताप लगने के कारण कोई चीज जलकर विकृत दशा को प्राप्त हो जाय। जैसे–तरकारी या रोटी जलाना। ४. किसी पदार्थ को आग पर रखकर इस प्रकार गरम करना कि उसका कुछ अंश भाप के रूप में उड़ जाय। जैसे–दूध में का पानी जलाना। ५. कुछ विशिष्ट रासायनिक पदार्थों के संयोग से ऐसी क्रिया करना जिससे कोई तल निर्जीव या विकृत हो जाय। जैसे–क्षार या तेजाब से कपड़ा या फोड़ा-फुंसी जलाना। ६. किसी को ऐसी चुभती हुई बात कहना अथवा कोई ऐसा काम करना जिससे कोई बहुत अधिक मन ही मन दुःखी हो। ७. ऐसा काम करना जिससे किसी के मन में ईर्ष्या-जन्य कष्ट उत्पन्न हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलापा  : पुं० [हिं० जलना+आपा (प्रत्यय)] बराबर बहुत समय तक मन ही मन जलते रहने की अवस्था या भाव।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलापात  : पुं० [जल-आपात, ष० त०] जलप्रपात (दे०)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलायुका  : स्त्री० [जल-आयुस्, ब० स० कप्, पृषो० सलोप] जोंक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलार्क  : पुं० [जल-अर्क, मध्य० स०] जल में दिखाई पड़नेवाला सूर्य का प्रतिबिंब।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलार्णव  : पुं० [जल-अर्णव, मध्य० स०] १. जल-समुद्र। २. बरसात। वर्षाकाल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलार्द्र  : वि० [जल-आर्द्र, तृ० त०] पानी में या से भींगा हुआ। गीला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलार्द्रा  : स्त्री० [सं० जालार्द्र+टाप्] १. गीला वस्त्र। २. भीगा पंखा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाल  : पुं० [अ०] १. तेज। प्रकाश। २. प्रताप। महिमा। ३. वैभव और संपन्नता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाली  : वि० [अ० जंलाल] तेज या प्रकाश से युक्त।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलालु  : पुं० [जल-आलु, मध्य, स०] जमींकंद। सूरन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलालुक  : पुं० [सं० जलालु√कै (जाहिर होना)+उक] कमल की जड़। भसींड।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलालुका  : स्त्री० [सं० जल√अल् (जाना)+उक-टाप्] जोंक
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाव  : पुं० [हिं० जलना+आव (प्रत्यय)] १. जलने या जलाने की क्रिया या भाव। २. जलने के कारण कम होनेवाला अंश। ३. खमीर। ४. पतला शीरा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलावतन  : वि० [अ०] [स्त्री० जलावतनी] देश या राज्य से निर्वासित।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलावतनी  : स्त्री० [अ०] देश-द्रोह आदि के अभियोग में किसी को देश छोड़कर विदेश चले जाने की दी जानेवाली आज्ञा या दंड। निर्वासन देश निकाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलावतार  : पुं० [जला-अवतार, ष० त०] नाव आदि पर वे उतरने का घाट।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलावन  : पुं० [हिं० जलाना] १. जलाने की वस्तुएँ। ईधन। २. किसी वस्तु का वह अंश जो जलकर विकृत या नष्ट हो गया हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलावर्त्त  : पुं० [जल-आवर्त्त, ष० त०] पानी का भँवर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाशय  : पुं० [जल-आशय, ष० त०] १. वह स्थल (प्रायः गहरा स्थल) जिसमें जल भरा हो। जैसे–गड्ढा, झील, नदी नहर आदि। २. खस। उशीर। ३. सिंघाड़ा। ४. लामज्जक नामक तृण।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाशया  : स्त्री० [सं० जलाशय+टाप्] नागरमोथा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाश्रय  : पुं० [जल-आश्रय, ब० स०] १. दीर्घनाल या वृत्तगुंड नामक तृण। सिघाड़ा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाश्रया  : स्त्री० [सं० जलाश्रय+टाप्] शूली घास।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाष्ठीला  : स्त्री० [जल-अष्ठीला, तृ० त०] बहुत बड़ा तथा चौकोर तालाब।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलासुका  : स्त्री० [जल-असु, ब० स० कप्-टाप्] जोंक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाहल  : वि० [हिं० जलाजल अथवा सं० जलस्थल] जल से भरा हुआ। जलमय। उदाहरण–जगत जलाहल होइ कुलाहल त्रिभुवन व्यापै।–रत्नाकर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलाह्वय  : पुं० [सं० जल-आह्नय, ब० स०] १. कमल। २. कुईं। कुमुद।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलिका  : स्त्री० [सं० जल+ठन्-इक, टाप्] जोंक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलिया  : पुं० [सं० जल] केवट। मल्लाह।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलीय  : वि० [सं० जल+छ-ईय] १. जल-संबंधी। जल का। जैसे–जलीय क्षेत्र २. जल में उपजने, रहने या होनेवाला। जैसे–जल-जंतु। ३. जिसमें जल का अंश हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलीय-क्षेत्र  : पुं० [कर्म० स०] दे० ‘जल-प्रांगण’।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलील  : वि० [अ०] [भाव० जलाल] पूज्य या महान। (व्यक्ति) वि० [अ० जलील] [भाव० जिल्लत] १. जिसका अपमान हुआ हो। अपमानित। २. जो अपमानित किये जाने पर भी हठ वश वही काम करता हो। ३. तुच्छ। नीच।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलुका  : स्त्री० [सं०√जल (तेज होना)+उक्-टाप्] जोंक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलू  : स्त्री० [सं० जलौका] जोंक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलूका  : स्त्री० [जल-जोक,ब०स० पृषो.सिद्धि] जोंक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलूस  : पुं० [अ० जुलूस] १. गलियों, बाजारों सड़कों आदि पर प्रचार प्रदर्शन आदि के लिए निकलनेवाला व्यक्तियों का समूह। क्रि० प्र–निकलना।–निकालना। २. बहुत ही ठाठ-बाट या सजावट की अवस्था या स्थान। उदाहरण–बैठी जमन जलूस करि फरस फबी कुखयान।–विक्रम सतसई।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलूसी  : वि० [अ० जुलूस] १. जलूस संबंधी। जलूस का। २. (सन या संवत्) जिसका आरंभ किसी राजा के सिंहासन पर बैठने के दिन से हुआ हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलेंद्र  : पुं० [जल-इंद्र, ष० त०] १. वरुण। २. महासागर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलेंधन  : पुं० [जल-इंधन, ब० स०] बड़वाग्नि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलेचर  : वि० [सं० जले√चर्(चलना)+ट] जलचर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलेच्छया  : पुं० [सं० जल√इ (गति)+क्विप्√शी (सोना)+अच्, टाप्] जलाशय में होनेवाला हाथी सूँड़ नामक पौधा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलेज  : पुं० [सं० जले√जन् (उत्पत्ति)+ड] कमल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलेतन  : वि० [हिं० जलना+तन] १. जिसे बहुत अधिक शारीरिक या मानसिक कष्ट पहुँचा हो। २. ईर्ष्या, द्रोह आदि के कारण बहुत अधिक दुःखी या संतप्त ३. क्रुद्ध।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलेबा  : पुं० [हिं० जलेबी] बड़ी जलेबी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलेबी  : स्त्री० [देश०] १. घी में तलकर शीरे में पगाई हुई मैदे की कंडलाकार एक प्रसिद्ध मिठाई। २. बरियारे की जाति का एक पौधा जिसमे पीले रंग के फूल लगते हैं। ३. एक प्रकार की छोटी आतिशबाजी। ४. घेरा। लपेट।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलेभ  : पुं० [जल-इभ, मध्य० स०] जलहस्ती नामक जल-जंतु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलेरुहा  : स्त्री० [सं० जले√रुह (उगना)+क-टाप्] सूरजमुखी नाम का पौधा और उसका फूल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलेला  : स्त्री० [सं० जले√ला (लेना)+क-टाप्] एक मातृका जो कार्तिकेय की अनुचरी कही गई है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलेवाह  : पुं० [सं० जले√वाह (प्रयत्न)+अण्] गोताखोर। पनडुब्बा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलेशय  : पुं० [सं० जले√शी (शयन करना)+अच्] १. मछली। २. विष्णु।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलेश्वर  : पुं० [जल-ईश्वर,ष० त०] १ वरुण। २. समुद्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलोका  : स्त्री० [जल-ओक, ब० स० पृषो० सिद्धि] जोंक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलोच्छास्  : पुं० [जल-उच्छ्वास, ष० त०] जलाशय में उठनेवाली वह बड़ी लहर जो तट की भूमि को भी स्पर्श करती है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलोत्सर्ग  : पुं० [जल-उत्सर्ग, ष० त०] पुराणानुसार ताल, कूआँ या बाबली आदि का विवाह।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलोदर  : पुं० [जल-उदर, ब० स०] एक रोग जिसमें पेट में पानी जमा होने लगता है और उसके फलस्वरूप पेट फूलने लगता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलोद्वतिगति  : स्त्री० [जल-उद्धति, ष० त०, जलउद्धति, ब० स०] बारह अक्षरों की एक वर्ण-वृत्ति जिसके प्रत्येक चरण में क्रमशः जगण, सगण, जगण और सगण होता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलोद्भवा  : स्त्री० [जल-उद्भव, ब० स० टाप्] १. गुंदला नाम की घास। २. छोटी ब्राह्मी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलोद्भूता  : स्त्री० [जल-उद्भता, स० त०] गुदला नामक घास।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलोन्नाद  : पुं० [जल-उन्नाद, ब० स०] शिव का एक अनुचर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलोरगी  : स्त्री० [जल-उरगी, स० त०] जोंक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलौकस  : पुं० [जल-ओकस्, कर्म० स० स,+अच्] जोंक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जलौका  : स्त्री० [जल-ओक, कर्म० स० टाप्] जोंक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल्द  : अव्य० [अ०] जल्दी (दे०)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल्दबाज  : वि० [फा०] [भाव० जल्दबाजी] (किसी काम में) आवश्यकता से अधिक जल्दी करनेवाला। हर काम या बात में जल्दी मचानेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल्दबाजी  : स्त्री० [फा०] जल्दबाज होने की अवस्था या भाव। आवश्यक या उचित से अधिक जल्दी या शीघ्रता करना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल्दी  : स्त्री० [अ०] तीव्रगति से आगे बढ़ने या कोई काम करने की अवस्था, क्रिया या भाव। जैसे–हर काम में जल्दी करना ठीक नहीं। अव्य० १. शीघ्रता से। जैसे–जल्दी चलो। २. आनेवाले थोड़े समय में। जैसे–अभी जल्दी पानी नहीं बरसेगा। ३. सहज में। सुगमता से। जैसे–यह बात जल्दी तुम्हारी समझ में न आयेगी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल्प  : पुं० [सं०√जल्प (कहना)+घञ्] १. कथन। २. बकवाद। प्रलाप। ३. ऐसा तर्क-वितर्क या विवाद जिसमें औचित्य, न्याय, सत्य आदि का विचार छोड़कर केवल अपनी बात ठीक सिद्ध करने का प्रयत्न किया जाय। ४. सोलह पदार्थों में से एक पदार्थ। (न्याय)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल्पक  : वि० [सं०√जल्प+ण्वुल्-अक] १. कहनेवाला। २. बकवादी। वाचाल। ३. झूठ-मूठ तर्क-वितर्क करनेवाला।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल्पन  : पुं० [सं०√जल्प+ल्युट-अन] १. जल्प करने की क्रिया या भाव। २. डींग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल्पना  : अ० [सं० जल्पन] १. कहना। बोलना। २. व्यर्थ में या बेफायदा बोलना। बकवाद करना। ३. व्यर्थ में तर्क-वितर्क करना। ४. डींग मारना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल्पाक  : वि० [सं०√जल्प+षाकन्]=जल्पक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल्पित  : भू० कृ० [सं०√जल्प+क्त] १. कहा हुआ। २. बका हुआ। ३. मनगढंत और मिथ्या (बात)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल्ला  : पुं० [सं० जल] १. झील। (लश०) २. ताल। ३. हौज। ४. वह स्थान जहाँ जल अधिक होता या ठहरता हो।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल्लाद  : पुं० [अ०] १. मुस्लिम शासन-काल में, राज्य द्वारा नियुक्त वह कर्मचारी जो दंडित अपराधी का किसी तेज धारवाले वस्त्र से सिर काटता था। २. लाक्षणिक अर्थ में, बहुत बड़ा क्रूर तथा निर्दय (व्यक्ति)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल्वा  : पुं० [अ० जल्वः] १. प्रकाश। तेज। २. शोभा। सौंदर्य।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल्सा  : पुं०=जलसा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जल्होर  : पुं० [देश०] एक प्रकार का धान।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जव  : पुं० [सं०√जु (जाना)+अप्] १. वेग। तेजी। २. जल्दी। शीघ्रता। वि० १. [√ जु+अच्] १. वेगवान्। २. जल्दी या शीघ्रता करनेवाला। पुं०=जौ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवन  : वि० [सं०√जु(जाना)+ल्यु-अन] [स्त्री० जवनी] तेज। वेगवान। पुं० [√ जु+ल्युट] वेग। पुं०=यवन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवनाल  : पुं=यवनाल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवनिका  : स्त्री०=यवनिका।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवनिमा(मन्)  : स्त्री० [सं० जवन+इमानिच्] वेग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवनी  : स्त्री० [सं० जवन+ङीष्]१. अजवायन। २. वेग। तेजी। स्त्री=यवनी (यवन जाति की स्त्री)।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवस्  : पुं० [सं०√जु+असुन्] वेग।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवस  : पुं० [सं०√जु+असच्] घास।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाँ  : वि० [फा] जवान का संक्षिप्त रूप जो उसे यौगिक पदों के आरंभ में प्राप्त होता है। जैसे–जवाँमर्द।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाँमर्द  : पुं० [फा०] [भाव० जवाँमर्दी] १. नौजवान आदमी। २. वीर पुरुष। बहादुर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाँमर्दी  : स्त्री० [फा०] १. जवान अर्थात् युवा होने की अवस्था या भाव। वीरता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवा  : स्त्री० [सं०√जु (प्राप्त होना)+अच्-टाप्] अड़हुल। जपा। पुं० [सं० यव] १.जौ के आकार का दाना। २. लहसुन का दाना। ३. एक प्रकार की सिलाई।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाइन  : स्त्री०=अजवायन।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाई  : स्त्री० [हिं० जाना] १. जाने की क्रिया या भाव। गमन। २. वह धन जो किसी को कहीं जाने पर उपहार या पारिश्रमिक के रूप में दिया जाय। पुं०=जँवाई (दामाद)।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवा-कुसुम  : पुं० [मध्य० स०] अड़हुल का फूल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाखार  : पुं० [सं० यवक्षार] वैद्यक में जौ के क्षार से बनाया जानेवाला एक प्रकार का नमक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाड़ी  : स्त्री० [हिं० जौ+आड़ी (प्रत्य०)] गेहूँ में मिले हुए जौ के दाने।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवादानी  : स्त्री० [हिं० जौ+दानी] गले में पहनने का एक प्रकार का आभूषण। चंपाकली।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवादि  : पुं० [अ० जब्बाद, जबाद] कस्तूरी की तरह का एक प्रकार का सुगंधित द्र्व्य जो गंध-मार्जार की नाभि में से निकलता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाधिक  : पुं० [सं० जव-अधिक, ब० स०] बहुत तेज चलनेवाला घोड़ा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवान  : वि० [फा०] [भाव० जवानी] १. युवा। तरुण। २. (व्यक्ति) जो तरुण अवस्था प्राप्त कर चुका हो। बचपन और प्रौढ़ता के बीच की अवस्था वाला। ३. वीर। पद–जवान
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवानी  : स्त्री० [फा०] जवान होने की अवस्था या भाव। तरुणाई। यौवन। क्रि० प्र०–आना।–उतरना।–चढ़ना।–ढलना। पद–उठती या चढ़ती जवानी=वह अवस्था जिसमें किसी का यौवनकाल आरंभ हो रहा हो। मुहावरा–उतरती या ढलती जवानी=यौवन काल समाप्त होने का समय। स्त्री० [सं०] अजवायन।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाब  : पुं० [अ०] [वि० जवाबी] १. वह बात जो किसी के प्रश्न, अभियोग, तर्क आदि के संबंध में उसके समाधान के लिए कही जाय। उत्तर। जैसे–पत्र का जबाब दिया गया है। मुहावरा–जवाब तलब करना=अधिकारपूर्वक किसी से उसके अनुचित या अवैधानिक आचरण या व्यवहार का कारण पूछना। २. ऐसा कार्य जो बदला चुकाने के लिए किया जाय। जैसे–उन्होंने थप्पड़ का जवाब मुक्के से या ईँट का जवाब पत्थर से दिया है। ३. किसी वस्तु के जोड़ की कोई दूसरी वस्तु। जैसे–(क) ताजमहल का जवाब देनेवाली रचना संसार में नहीं है। (ख) वह ऐसा लुच्चा है जिसका जवाब नहीं। (ग) यह कंगूरा उस कंगूरे का जवाब है। ४. नहिक या नकारात्मक आदेश या उत्तर। जैसे–उन्हें नौकरी से जवाब मिल गया है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाबदारी  : स्त्री०=जवाबदेही।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाबदावा  : पुं० [अ०] वह लिखित पत्र जो वादी के अभियोग या कथन के उत्तर में प्रतिवादी की ओर से न्यायालय में उपस्थित किया जाता है।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाबदेह  : वि० [फा०] (व्यक्ति) जिस पर किसी कार्य का पूरा उत्तरदायित्व हो। दायी।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाबदेही  : स्त्री० [फा०] जवाबदेह होने की अवस्था या भाव। उत्तरदायित्व।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाब सवाल  : पुं० [अ० जवाब+सवाल] १. किसी द्वारा पूछे जानेवाले प्रश्नों का दिया जानेवाला उत्तर। प्रश्न और उत्तर। २. वाद-विवाद।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाबी  : वि० [फा० जवाब] १. जवाब संबंधी। २. जिसका जवाब दिया जाने को हो। ३. जो किसी के जवाब के रूप में हो। जैसे–जवाबी कंगूरा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवार  : पुं० [अ०] १. आस-पास का स्थान। २. पड़ोस ३. मार्ग। रास्ता। पुं०=जवाल।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है) स्त्री०=ज्वार।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवारा  : पुं० [हिं० जौ] १. जौ के नये निकले हुए अंकुर। २. नवरात्र की नवमी को होनेवाला एक उत्सव जिसमें लोग दल बाँधकर जौ के अंकुर प्रवाह करने के लिए निकलते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवारी  : स्त्री० [हिं० जव] १. एक प्रकार की माला जिसमें जौ, छुहारे तालमखाने के बीज आदि गूँधे जाते हैं। २. ऊन या रेशम का वह धागा जो तंबूरे के तार के नीचे उस अंश पर लपेटा जाता है जो घोड़ी पर रहता है। पद–जवारीदार गला=संगीत में ऐसा गला जिससे गाने के समय उसी के साथ कंप या छाया के रूप में उस स्वर की बहुत महीन या हलकी रेखा भी सुनाई पड़ती है। ३. जवारा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाल  : पुं० [अ० ज़वाल] १. अवनति। उतार। ह्रास। २. आफत। झंझट। मुहावरा–जवाल में डालना=संकट में फँसाना। जवाल में पड़ना=आफत या संकट में पड़ना।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाशीर  : पुं० [फा० गावशीर] एक प्रकार का गंधा बिरोजा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवास  : (ा) पुं० [सं० यवासक, प्रा० यवासअ] एक प्रकार का कँटीला क्षुप जिसके कई अंग औषध के रूप में काम आते हैं।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाह  : पुं० [?] प्रवाल नामक रोग।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाहड़  : स्त्री० [हिं० जवा-दाना+हड़] एक प्रकार की छोटी हड़।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाहर  : स्त्री० [अ० जौहर का बहु० रूप] रत्न। मणि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाहर खाना  : पुं० [अ० जवाहर+फा० खानः] वह स्थान जहाँ पर जवाहर अर्थात् रत्न आदि रखे जाएँ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाहरात  : पुं० [अ० जवाहर का बहुवचन रूप] अनेक प्रकार की मणियों या रत्नों का संग्रह या समूह।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाहिर  : पुं०=जवाहर।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाहिरात  : पुं०=जवाहरात।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवाही  : वि० [हिं० जवाह] जवाह अर्थात् प्रवाल रोग से पीड़ित।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवी(जविन्)  : वि० [सं० जव+इनि] वेगवान। तेज। पुं० १. घोड़ा। २. ऊँट।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवीय(स्)  : वि० [सं० जव+ईयसुन] बहुत तेज। वेगवान्।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जवैया  : वि० [हि० जाना+ऐया (प्रत्यय)] प्रस्थान करने या रवाना होनेवाला। जानेवाला। उदाहरण–बरसत में कोऊ घर सों न निकसत तुमही अनोखे विदेस जवैया।–कोई कवि।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जशन  : पुं० [फा० मि० सं० यजन] १. बहुत धूमधाम से मनाया जानेवाला कोई धार्मिक या सामाजिक उत्सव। आनन्दोत्सव। जलसा। २. बड़ी महफिलों के अन्त में होनेवाला वह नृत्य जिसमें सब नर्त्तकियाँ या वेश्याएँ एक साथ मिलकर नाचती और गाती हों।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जष्ट  : स्त्री=यष्टि।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जस  : वि=जैसा। पद–जस का तस=ज्यों का त्यों। जैसा था वैसा ही। उदाहरण–जस दूलहा तस बनी बराता।–तुलसी। क्रि० वि०=जैसे। पुं०=यश।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जसद  : पुं० [सं० जस√दा (देना)+क] जस्ता।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जसन  : पुं=जशन।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जसवै  : स्त्री०=यशोदा।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जसामत  : स्त्री० [अ० जिस्म का भाव० रूप] शारीरिक स्थूलता। मोटापा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जसीम  : वि० [अ० जिस्म का वि०] स्थूल आकारवाला। भारी भरकम।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जसु  : पुं० [सं०√जस् (छोड़ना आदि)+उ] १. अस्त्र। हथियार। २. अशक्तता। ३. थकावट। पुं०=जस (यश)।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है) सर्व० [सं० यस्यं या जस्स] जिसका। स्त्री=यशोदा।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जसुरि  : पुं० [सं०√जस्+उरिन्] वज्र।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जसूँद  : पुं० [देश०] एक वृक्ष जिसके रेशों को बटकर रस्से बनाये जाते हैं। नताउल।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जसोदा  : स्त्री०=यशोदा।(यह शब्द केवल स्थानिक रूप में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जसोमति  : स्त्री० यशोदा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जसोवा  : स्त्री=यशोदा।(यह शब्द केवल पद्य में प्रयुक्त हुआ है)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
जसोवै  : स्त्री=यशोदा।