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उचित  : वि० [सं० उच् (समवाय)+क्त] [भाव० औचित्य] १. जो किसी अवसर या परिस्थिति के अनुकूल या उपयुक्त हो। मुनासिब। वाजिब। जैसे—अपराधियों को उचित दंड मिलना चाहिए। २. जो व्यक्ति,स्थिति आदि के विचार से वैसा ही हो,जैसा साधारणतः होना चाहिए। ठीक। जैसे—आपने उनके साथ जो व्यवहार किया,वह उचित ही था। ३. जो आदर्श, न्याय आदि के विचार से वैसा ही हो, जैसा होना चाहिए। जैसे—उचित आलोचना, उचित दृष्टिकोण, उचित मार्ग आदि। ४. मात्रा या मान के विचार से उतना ही, जितना प्रसम रूप में होना चाहिए। जैसे—औषध की उचित मात्रा, यात्रा का उचित व्यय।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
उचित  : वि० [सं० उच् (समवाय)+क्त] [भाव० औचित्य] १. जो किसी अवसर या परिस्थिति के अनुकूल या उपयुक्त हो। मुनासिब। वाजिब। जैसे—अपराधियों को उचित दंड मिलना चाहिए। २. जो व्यक्ति,स्थिति आदि के विचार से वैसा ही हो,जैसा साधारणतः होना चाहिए। ठीक। जैसे—आपने उनके साथ जो व्यवहार किया,वह उचित ही था। ३. जो आदर्श, न्याय आदि के विचार से वैसा ही हो, जैसा होना चाहिए। जैसे—उचित आलोचना, उचित दृष्टिकोण, उचित मार्ग आदि। ४. मात्रा या मान के विचार से उतना ही, जितना प्रसम रूप में होना चाहिए। जैसे—औषध की उचित मात्रा, यात्रा का उचित व्यय।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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