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पूजना  : स० [सं० पूजन] १. देवी-देवता को प्रसन्न या संतुष्ट करने के लिए यथाविधि श्रद्धाभाव से जल, फूल, नैवेद्य आदि चढ़ाना। पूजन करना। २. किसी को परम श्रद्धा या भक्ति की दृष्टि से देखना और आदरपूर्वक उसकी सेवा तथा सत्कार करना। ३. किसी को प्रसन्न या संतुष्ट करने के लिए उसे किसी रूप में कुछ धन देना। जैसे—कचहरी के अमलों को पूजना। ४. व्यंग्य और परिहास में, खूब मारना-पीटना। जैसे—वे आज इसकी खूब पूजा करेगें। अ० [सं० पूर्यते, प्रा० पूज्जति] १. पूरा होना। भरना। २. कमी, त्रुटि, देन आदि की पूर्ति होना। जैसे—किसी की रकम पूजना=दिया या लगाया हुआ धन पूरा पूरा वसूल होना। ३. अवधि या नियत समय पूरा होना। जैसे—हुंडी की मिती पूजना=रूपया चुकाने की तिथि नियत आना। ४. गहराई का भरना या बराबर होना। जैसे—गड्ढा पूजना, घाव पूजना। ५. ऋण या देन चुकता होना। ६. किसी की बराबरी तक पहुँचना। उदा०—ये सब पतति न पूजत मो सम।—सूर। ७. दे० ‘पूगना’। स० १. पूरा करना। २. नया बंदर पकड़ना। (कलंदर)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
पूजना  : स० [सं० पूजन] १. देवी-देवता को प्रसन्न या संतुष्ट करने के लिए यथाविधि श्रद्धाभाव से जल, फूल, नैवेद्य आदि चढ़ाना। पूजन करना। २. किसी को परम श्रद्धा या भक्ति की दृष्टि से देखना और आदरपूर्वक उसकी सेवा तथा सत्कार करना। ३. किसी को प्रसन्न या संतुष्ट करने के लिए उसे किसी रूप में कुछ धन देना। जैसे—कचहरी के अमलों को पूजना। ४. व्यंग्य और परिहास में, खूब मारना-पीटना। जैसे—वे आज इसकी खूब पूजा करेगें। अ० [सं० पूर्यते, प्रा० पूज्जति] १. पूरा होना। भरना। २. कमी, त्रुटि, देन आदि की पूर्ति होना। जैसे—किसी की रकम पूजना=दिया या लगाया हुआ धन पूरा पूरा वसूल होना। ३. अवधि या नियत समय पूरा होना। जैसे—हुंडी की मिती पूजना=रूपया चुकाने की तिथि नियत आना। ४. गहराई का भरना या बराबर होना। जैसे—गड्ढा पूजना, घाव पूजना। ५. ऋण या देन चुकता होना। ६. किसी की बराबरी तक पहुँचना। उदा०—ये सब पतति न पूजत मो सम।—सूर। ७. दे० ‘पूगना’। स० १. पूरा करना। २. नया बंदर पकड़ना। (कलंदर)
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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