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शब्द का अर्थ

श्रित  : भू० कृ० [सं०√श्रि (सेवा करना)+क्त] १. आश्रय या शरण के लिए आया हुआ। २. रक्षित। ३. सेवित। ४. पका हुआ।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
श्रितवान् (वतृ)  : वि० [सं०√श्रि (सेवा करना)+क्तवत्-नुम्, दीर्घ] १. आश्रयदाता। २. सेवक।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
श्रिती  : स्त्री० [सं०√श्रि (सेवा करना)+क्तिन्] आश्रय। सहारा।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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