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शब्द का अर्थ

संहृष्ट  : भू० कृ० [सं०] १. खड़ा (रोम)। २. (व्यक्ति) जिसके रोएं भय से खड़े हों या हुएं हो। रोमांचित। ३. पुलकित।
समानार्थी शब्द-  उपलब्ध नहीं
 
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